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| कार्यवाही की तस्वीर और विवाद |
शिवपुरी। जिले में अवैध खनन अब सरकारी अमले के लिए जानलेवा बनता जा रहा है। रेत, पत्थर और मिट्टी के अवैध उत्खनन पर कार्रवाई करने पहुंचने वाले राजस्व, खनिज और वन विभाग के अधिकारियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। पिछले एक साल में सरकारी टीमों पर हमले की छह बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ताजा मामलों में पिछोर में खनिज निरीक्षक से हाथापाई और बदरवास में तहसीलदार को गोली मारने की धमकी दी गई है।
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| माफियाओं के चंगुल में घाट |
जानकारी के अनुसार पिछोर, बदरवास, करैरा और कोलारस क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान सरकारी टीमों के साथ धक्का-मुक्की, धमकी और वाहनों को छुड़ाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। कई मामलों में एफआईआर दर्ज होने में देरी हुई, जिससे खनन माफियाओं के हौसले और बढ़ गए।
खनिज विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कार्रवाई के दौरान 10 से 15 लोगों की भीड़ टीम को घेर लेती है। कई बार हथियार भी दिखाए जाते हैं। पुलिस बल समय पर नहीं पहुंचता, ऐसे में जान जोखिम में डालकर कार्रवाई करनी पड़ती है। खनिज अधिकारी रामसिंह उइके ने बताया कि पिछोर में खनिज निरीक्षक के साथ हुई हाथापाई का वीडियो सामने आने के बाद तत्काल एफआईआर दर्ज कराई गई।
पिछले एक साल में 8 जून 2025 को पचावली घाट पर खनिज निरीक्षक सौनू श्रीवास पर हमला कर जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली और हाइड्रा छुड़ा लिए गए। 28 सितंबर 2025 को करैरा के वीरपुर टौरिया क्षेत्र में वन अमले पर हमला कर जेसीबी छुड़ाने का प्रयास किया गया। 3 अक्टूबर 2025 को बदरवास में जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जा रही टीम का रास्ता रोककर वाहन छुड़ाने की कोशिश की गई। 28 मई 2026 को जरगवा घाट पर अवैध रेत खनन के दौरान माफिया ने हवाई फायर कर दहशत फैलाने का प्रयास किया। 19 जून 2026 को पिछोर में खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित के साथ हाथापाई हुई और 25 जून 2026 को बदरवास के सड्डूड घाट पर कार्रवाई के दौरान तहसीलदार सचिन भार्गव को गोली मारने की धमकी दी गई।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कि अवैध खनन अब संगठित गिरोहों के जरिए किया जा रहा है। करोड़ों रुपये के इस कारोबार में ट्रैक्टर-ट्रॉली, हाइड्रा, जेसीबी और डंपरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वाहन जब्त होने पर माफिया सरकारी टीमों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक यांगवेन डोतकर भूठिया ने कहा कि इस मामले में कलेक्टर से चर्चा हो चुकी है। अवैध खनन करने और सरकारी अमले पर हमला करने वालों के खिलाफ बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। जिन आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उनके खिलाफ एनएसए और जिलाबदर जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।


