बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी केंद्र एवं राज्य सरकार की स्वरोजगार और उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाएं जिले के युवाओं और छोटे व्यवसायियों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी शिवपुरी शहर के युवा उद्यमी जगदीश कुशवाह की है, जिन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को नई पहचान दी है। आज उनका प्रतिष्ठान न केवल बेहतर उत्पादन कर रहा है, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है।
शिवपुरी के ग्वालियर बायपास क्षेत्र निवासी जगदीश कुशवाह वर्तमान में जय शिव मिष्ठान भंडार का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मिठाई निर्माण में लगातार बढ़ती ईंधन लागत उनके व्यवसाय के लिए चुनौती बन रही थी। उत्पादन लागत कम करने और आधुनिक तकनीक अपनाने के उद्देश्य से उन्होंने स्टीम बॉयलर आधारित मावा निर्माण मशीन लगाने का निर्णय लिया, जिससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और किफायती हो सके।
जगदीश कुशवाह को उद्यानिकी विभाग के डीआरपी गिर्राज ओझा से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने पर उन्हें 15 लाख 66 हजार रुपये का बैंक ऋण प्राप्त हुआ, जिस पर 35 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) का लाभ भी मिला।
योजना के तहत प्राप्त वित्तीय सहायता से उन्होंने अपने प्रतिष्ठान में आधुनिक स्टीम बॉयलर स्थापित किया। इसके बाद उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और ईंधन पर होने वाला खर्च काफी कम हो गया। वर्तमान में दुकान का अधिकांश उत्पादन कार्य इसी मशीन के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे गैस सिलेंडरों पर निर्भरता लगभग समाप्त हो गई है और उत्पादन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित हो गई है।
जगदीश कुशवाह बताते हैं कि योजना का लाभ मिलने से पहले उनकी मासिक आय लगभग 30 से 40 हजार रुपये थी, लेकिन आधुनिक तकनीक और बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता के कारण अब उनकी मासिक आय बढ़कर 60 से 70 हजार रुपये तक पहुंच गई है। यानी उनकी आय लगभग दोगुनी हो गई है। इसके साथ ही उनके प्रतिष्ठान में 6 लोगों को स्थायी रोजगार भी मिला है, जिससे अन्य परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
जगदीश कुशवाह ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना को छोटे उद्यमियों के लिए बेहद लाभकारी बताते हुए जिला प्रशासन एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ऐसी योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, अपना व्यवसाय स्थापित करने और दूसरों को रोजगार देने के लिए प्रेरित करती हैं।
यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि यदि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और मेहनत का साथ मिले तो छोटे व्यवसाय भी बड़ी सफलता की मिसाल बन सकते हैं।