टोस्ट के पैकेट में निकली मरी हुई छिपकली, शिवपुरी में मचा हड़कंप! प्रशासन हरकत में, नमूने भोपाल रवाना

Nikk Pandit
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😱 बच्चों के लिए खरीदा टोस्ट बना चिंता का कारण, खाद्य सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक नामी ब्रांड के टोस्ट के पैकेट में मरी हुई छिपकली मिलने का मामला सामने आया। घटना ने न सिर्फ उपभोक्ताओं को हैरान कर दिया बल्कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकिंग व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) सक्रिय हो गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई।

बताया जा रहा है कि कृष्ण विहार कॉलोनी निवासी सत्येंद्र धाकड़ ने अपने बच्चों के लिए बाजार से टोस्ट का पैकेट खरीदा था। जब पैकेट खोला गया तो उसमें एक सूखी मरी हुई छिपकली दिखाई दी। यह देखकर परिवार के होश उड़ गए। मामला तेजी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर भी सवाल उठने लगे कि आखिर खाद्य सामग्री की पैकिंग और गुणवत्ता की निगरानी कैसे की जा रही है?

प्रशासन ने लिया संज्ञान, जांच के लिए भेजे नमूने

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन डॉ. संजय ऋषीश्वर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सूचना मिलते ही फूड सेफ्टी अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। जांच के दौरान शिवपुरी के प्रतिष्ठान मिश्री लाल विष्णुकुमार गुप्ता से संबंधित ब्रांड 'शुद्ध बेकरर्स' के 'शुद्ध स्पेशल सूजी टोस्ट' के नमूने एकत्र किए गए।

अधिकारियों के अनुसार नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (FSS Act) के तहत परीक्षण के लिए भोपाल स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। यदि रिपोर्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कंपनी और विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आखिर पैकेट के अंदर छिपकली कैसे पहुंची?

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या निर्माण इकाई में गुणवत्ता नियंत्रण की कमी है? क्या पैकिंग प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई? क्या बाजार में बिक रहे खाद्य उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं? इन सवालों के जवाब अब जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेंगे।

शहर में चर्चा का विषय बना मामला

बच्चों द्वारा खाए जाने वाले खाद्य उत्पाद में इस तरह की आपत्तिजनक वस्तु मिलने से लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई हैं। नागरिकों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और गुणवत्ता नियंत्रण को और सख्त किया जाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ न हो सके।
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