सिंध नदी के स्टॉपडेमों से छेड़छाड़ का आरोप: गेट निकाले और खोले जाने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता, जलसंकट का खतरा

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी: खबर शिवपुरी जिले के बदरवास क्षेत्र में सिंध नदी पर बने स्टॉपडेमों के गेटों से छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लिलवारा गांव के पास स्थित स्टॉपडेम के कई गेट अज्ञात लोगों द्वारा निकाल दिए गए हैं, जबकि आरी घाट पर बने स्टॉपडेम के गेट पिछले कई दिनों से खुले पड़े हैं। इससे सिंध नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है और आसपास के गांवों में जल संकट की आशंका गहराने लगी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा मामला अवैध रेत खनन से जुड़ा हो सकता है। उनका कहना है कि रेत माफिया नदी में पानी का स्तर कम करने के लिए जानबूझकर स्टॉपडेम के गेट खोल देते हैं या उन्हें निकाल देते हैं, ताकि नदी के बीच तक ट्रैक्टर-ट्रॉली और मशीनें आसानी से पहुंच सकें और रेत का अवैध उत्खनन किया जा सके।

स्थानीय लोगों के अनुसार आरी घाट के गेट बुधवार रात से खुले हुए हैं, जबकि लिलवारा स्टॉपडेम के गेट भी निकाल दिए गए हैं। लगातार पानी बहने से नदी का जल भंडारण तेजी से कम हो रहा है। यदि समय रहते गेट बंद नहीं किए गए, तो क्षेत्र में भूजल स्तर प्रभावित हो सकता है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जलस्तर घटने से आने वाले समय में कुएं, हैंडपंप और अन्य जल स्रोत सूख सकते हैं। साथ ही पशुओं के लिए भी पेयजल संकट खड़ा होने की संभावना है। गर्मी के मौसम में इसका असर हजारों लोगों पर पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग और खनिज विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि स्टॉपडेम के गेटों को तुरंत बंद कराया जाए तथा गेट खोलने और निकालने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उठ रहे बड़े सवाल

🔹 आखिर स्टॉपडेम के गेट किसने और क्यों खोले?

🔹 क्या अवैध रेत खनन को बढ़ावा देने के लिए यह साजिश रची जा रही है?

🔹 कई दिनों से गेट खुले होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कार्रवाई क्यों नहीं की?

🔹 यदि जलस्तर और गिरा तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

शिवपुरी फर्स्ट इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन की कार्रवाई और ग्रामीणों की मांगों से जुड़ी हर अपडेट आपको सबसे पहले उपलब्ध कराई जाएगी।
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