बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर में शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में छात्राओं द्वारा लगातार उठाए जा रहे मुद्दों के बाद आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अधीक्षिका प्रीति सूर्येश को उनके प्रभार से मुक्त कर दिया है। छात्राओं की शिकायतों के बाद कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में छात्रावास की व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां और अधीक्षिका की लापरवाही सामने आई थी।
छात्राओं ने 9 जून की जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं रखी थीं। इसके बाद 11 जून को भी छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और छात्रावास में खाने में कीड़े मिलने, पेयजल संकट, शौचालयों की कमी, साफ-सफाई की बदहाल स्थिति तथा अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। छात्राओं का आरोप था कि शिकायत करने के बाद उन पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें धमकाया भी जा रहा है।
जांच में खुली व्यवस्थाओं की पोल
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच दल गठित किया। जांच टीम ने छात्रावास का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें व्यवस्थाओं की खामियां और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।
तत्काल प्रभाव से हटाई गई अधीक्षिका
जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधीक्षिका प्रीति सूर्येश को छात्रावास के अधीक्षकीय प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। अब उन्हें शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम शाला, कोटा में शिक्षकीय कार्य के लिए पदस्थ किया गया है।
वहीं छात्रावास का नया प्रभार अनीता तिग्गा को सौंपा गया है, जो वर्तमान में शासकीय अनुसूचित जाति कन्या सीनियर छात्रावास फतेहपुर में प्राथमिक शिक्षिका के रूप में पदस्थ हैं।
क्या अब सुधरेंगी छात्रावास की व्यवस्थाएं? छात्राओं की शिकायत के बाद कार्रवाई तो हो गई, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिन समस्याओं को लेकर छात्राएं लंबे समय से परेशान थीं, उनका स्थायी समाधान कब होगा? क्या नई व्यवस्था छात्राओं को बेहतर सुविधाएं दिला पाएगी या फिर यह मामला कुछ दिनों बाद फिर सुर्खियों में आएगा?