लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों में देरी पड़ी भारी:कलेक्टर अर्पित वर्मा ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदार पर लगाई शास्ति, समयबद्ध सेवाओं में लापरवाही पर कार्रवाई

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 के तहत आम नागरिकों को समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने के नियमों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों में देरी पाए जाने पर कुल 5 मामलों में शास्ति अधिरोपित की है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।

किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार नरवर तहसील के तहसीलदार विजय कुमार त्यागी पर एक आवेदन के निराकरण में 5 दिन की देरी पाए जाने पर 1250 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।

वहीं रन्नौद तहसील के तहसीलदार शैलेन्द्र भार्गव पर तीन अलग-अलग आवेदनों में 5-5 दिन की देरी होने के कारण कुल 3750 रुपये की शास्ति लगाई गई है।
इसके अलावा खनियाधाना तहसील के ग्राम मुहारीकलां के एक प्रकरण में नायब तहसीलदार रामनरेश आर्य द्वारा आवेदन के निराकरण में 9 दिन की देरी किए जाने पर 2250 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।

समयबद्ध सेवाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य आमजन को बिना अनावश्यक विलंब के शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। यदि किसी अधिकारी द्वारा निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं किया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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