ऊर्जा मंत्री की जनचौपाल में गूंजे बिजली विभाग के खिलाफ नारे, खोड़ सेक्टर के जेई कैलाश अहिरवार निलंबित

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के खोड़ गांव में आयोजित जनचौपाल के दौरान बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ग्रामीणों ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के सामने "बिजली विभाग चोर है" के नारे लगाए और विभागीय लापरवाही की शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजली कंपनी ने खोड़ सेक्टर के कनिष्ठ यंत्री (जेई) कैलाश अहिरवार को निलंबित कर दिया है।

रविवार को धाय महादेव मंदिर परिसर में आयोजित जनचौपाल में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने पहुंचे थे। कार्यक्रम में कलेक्टर अर्पित वर्मा, विधायक देवेंद्र जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

ग्रामीणों ने सुनाई बिजली विभाग की लापरवाही की कहाना

जनचौपाल में पिछोर तहसील के वीरा गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई बिजली के खंभे और तार लंबे समय से टूटे पड़े हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे बारिश के मौसम में हादसे का खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व की जनचौपाल में भी यह मुद्दा उठाया गया था और समाधान का आश्वासन मिला था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।

3 हजार रुपए मांगने का आरोप

जनचौपाल के दौरान ग्रामीण सुखेंद्र राय ने विभागीय कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनके खेत से गुजरने वाली बिजली लाइन का खंभा और तार लंबे समय से टूटा हुआ है। इसे ठीक कराने के लिए कर्मचारियों द्वारा 3 हजार रुपए की मांग की गई। वहीं फरवरी माह में टूटे तार को जुड़वाने के लिए उनके पिता से 1500 रुपए लिए जाने का भी आरोप लगाया गया।

मंत्री के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली विभाग के अधिकारियों को तत्काल समस्या के निराकरण और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। विभागीय जांच के बाद खोड़ सेक्टर के जेई कैलाश अहिरवार को निलंबित कर दिया गया।

बिजली विभाग की लापरवाही से भैंस की मौत, पुलिस जांच में जुटी

इधर बिजली विभाग की लापरवाही का एक और मामला इंदार थाना क्षेत्र से सामने आया है। ग्राम बिजरौनी निवासी राकेश यादव ने पुलिस को सूचना दी कि रविवार दोपहर वह अपनी भैंस को चराने खेतों की ओर ले गया था। इसी दौरान भैंस अनिल किरार के खेत की ओर पहुंच गई, जहां बड़ी बिजली लाइन का तार जमीन पर पड़ा हुआ था।

बताया गया कि तार में करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट की चपेट में आने से भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर इंदार थाना पुलिस ने मृत मवेशी क्रमांक 05/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एक ही दिन में सामने आए दो मामले

एक ओर जनचौपाल में ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, वहीं दूसरी ओर खुले पड़े करंटयुक्त तार से भैंस की मौत की घटना ने विभाग की लापरवाही को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विभाग इन मामलों में आगे क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों की समस्याओं का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।
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