बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर के जिला अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसव के लिए पत्नी को अस्पताल लेकर पहुंचे एक अटेंडर की जेब से दिनदहाड़े 10 हजार रुपए चोरी कर लिए गए। पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस के हाथ आरोपी नहीं लगा, बल्कि पीड़ित ने कई दिनों तक उसकी तलाश की और दोबारा अस्पताल आने पर उसे खुद पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार नरवर के गणेश बाजार निवासी केशव राठौर (36) अपनी पत्नी दीक्षा राठौर को प्रसव के लिए 20 जुलाई को जिला अस्पताल लेकर आए थे। पत्नी को जच्चा वार्ड में भर्ती कराने के बाद वह सुबह करीब 11:20 बजे ट्रॉमा सेंटर में गेट पास बनवाने के लिए लाइन में खड़े थे। इसी दौरान एक युवक उनके पीछे आकर खड़ा हो गया और मौका मिलते ही उनकी पैंट की पिछली जेब में रखे 10 हजार रुपए निकालकर फरार हो गया।
गेट पास बनवाने के बाद जब केशव अपनी पत्नी के पास पहुंचे तो उन्हें जेब हल्की लगी। उन्होंने तुरंत पैसे तलाशे, लेकिन रकम गायब थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन की मदद से सीसीटीवी फुटेज देखे गए। फुटेज में काली टी-शर्ट और काला लोअर पहने एक युवक बड़ी सफाई से जेब से नकदी निकालते हुए दिखाई दिया।
पीड़ित केशव राठौर ने बताया कि चोरी हुई रकम उन्होंने अपनी पत्नी के प्रसव के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उधार लेकर रखी थी। ऐसे समय में पैसे चोरी हो जाने से पूरा परिवार मानसिक तनाव में आ गया।
घटना के बाद भी केशव ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी की तलाश जारी रखी। कुछ दिन बाद वही युवक फिर जिला अस्पताल परिसर में दिखाई दिया। पीड़ित ने उसे पहचान लिया। खुद को पहचानते देख आरोपी भागने लगा, लेकिन केशव ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे सीधे पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम विशाल शाक्य, निवासी फिजिकल थाना क्षेत्र, शिवपुरी बताया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
पीड़ित का आरोप है कि पकड़ा गया युवक अकेला नहीं था। उसे संदेह है कि उसके साथ एक अन्य साथी भी मरीज या अटेंडर बनकर अस्पताल में मौजूद था और दोनों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर दूसरे संदिग्ध की तलाश में जुटी है।
इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोजाना हजारों मरीज और उनके परिजन अस्पताल पहुंचते हैं, ऐसे में जेबकतरों की सक्रियता चिंता का विषय बन गई है। लोगों ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।