संबल योजना के नाम पर आदिवासी से 25 हजार की ठगी: जनपद कर्मचारी बनकर पहुंचा गिरोह

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां संबल योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता दिलाने का झांसा देकर दो युवकों ने एक आदिवासी ग्रामीण से 25 हजार रुपये ठग लिए।

आरोपियों ने खुद को जनपद पंचायत का कर्मचारी बताकर पहले भरोसा जीता, फिर सरकारी प्रक्रिया का हवाला देकर किस्तों में रकम वसूल ली। जब गांव के सचिव ने पूरी जानकारी दी, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार पोहरी थाना क्षेत्र के ग्राम अहेरा निवासी कमलफूल आदिवासी की पत्नी सोमवती का निधन हो गया था। इसके बाद संबल योजना के तहत उन्हें दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई। 6 मई 2026 को आयोजित कलेक्टर की जन चौपाल में उन्हें योजना का स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया गया था।

कुछ दिनों बाद जाहिद खान और आफताब खान गांव पहुंचे। दोनों ने खुद को जनपद पंचायत का कर्मचारी बताते हुए कमलफूल से आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी ले ली। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि वे योजना की राशि जल्द खाते में दिलवा देंगे। दोनों आरोपी पोहरी किले के अंदर के निवासी बताए गए हैं।

इसके बाद आरोपियों ने कमलफूल को पोहरी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के कियोस्क सेंटर बुलाया। वहां जाहिद खान ने कहा कि संबल योजना की दो लाख रुपये की राशि खाते में आ चुकी है, लेकिन भुगतान जारी कराने के लिए 50 हजार रुपये देने होंगे। काफी मोलभाव के बाद सौदा 25 हजार रुपये में तय हुआ। कमलफूल ने कियोस्क से 30 हजार रुपये निकाले और उनमें से 20 हजार रुपये जाहिद खान को दे दिए।

इसके कुछ दिन बाद आरोपियों ने फिर फोन कर कमलफूल को कियोस्क बुलाया। 13 जुलाई को उन्होंने खाते से 19,500 रुपये निकाले और उसमें से 5 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए। इस तरह दोनों आरोपियों ने सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कुल 25 हजार रुपये वसूल लिए।

22 जुलाई को गांव पहुंचे सचिव नंदकिशोर गुप्ता ने कमलफूल से संबल योजना की राशि के बारे में जानकारी ली। तब कमलफूल ने पूरी घटना बताई। सचिव ने साफ किया कि संबल योजना या किसी भी सरकारी सहायता के लिए जनपद पंचायत की ओर से किसी प्रकार की राशि नहीं ली जाती। इसके बाद कमलफूल को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।

पीड़ित ने तुरंत पोहरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जाहिद खान और आफताब खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, उनके नेटवर्क और इस तरह की अन्य संभावित घटनाओं की भी जांच कर रही है।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर सक्रिय ठग भोले-भाले ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों को निशाना बना रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना के लिए किसी व्यक्ति को नकद राशि न दें और संदेह होने पर तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस से संपर्क करें।
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