बंटी शर्मा शिवपुरी। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान के तहत शुक्रवार को शिवपुरी में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने शहर के सेंट चार्ल्स स्कूल पहुंचकर स्कूल में संचालित बसों की गहन जांच की। जांच के दौरान स्कूल की 12 बसों में से 11 बसों में विभिन्न नियमों और सुरक्षा मानकों से जुड़ी खामियां सामने आईं। संयुक्त टीम ने नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 49 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
वहीं, जांच के दौरान एक स्कूल बस बिना वैध परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र के संचालित होती मिली। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को देखते हुए टीम ने बस को मौके पर ही जब्त कर लिया और आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए आरटीओ कार्यालय भेज दिया।
10 दिवसीय विशेष अभियान के तहत कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर प्रदेशभर में स्कूल बसों और स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की जांच के लिए 10 दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शिवपुरी जिले में भी यातायात पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन विभाग की संयुक्त टीम लगातार स्कूल वाहनों की जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना और बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाना है।
शुक्रवार को यातायात थाना प्रभारी रणवीर यादव यातायात पुलिस की टीम और आरटीओ विभाग के अधिकारियों के साथ सेंट चार्ल्स स्कूल पहुंचे। यहां स्कूल परिसर में मौजूद बसों को एक-एक कर जांच के दायरे में लिया गया। टीम ने बसों से संबंधित दस्तावेजों के साथ-साथ सुरक्षा उपकरणों और निर्धारित नियमों के पालन की भी जांच की।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के आधार पर हुई जांच
स्कूल बसों की जांच सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की गई। जांच के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति देखी गई। इसके साथ ही स्कूली बच्चों की सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों के पालन की भी पड़ताल की गई।
संयुक्त जांच टीम को 12 बसों में से 11 बसों में अलग-अलग नियमों का उल्लंघन और कमियां मिलीं। इन बसों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। सभी चालानों को मिलाकर कुल 49 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कार्रवाई के दौरान एक बस का मामला अधिक गंभीर पाया गया। जांच में सामने आया कि संबंधित बस के पास न तो वैध परमिट था और न ही फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध था। इसके बावजूद बस का संचालन किया जा रहा था। टीम ने इसे गंभीर नियम उल्लंघन मानते हुए बस को जब्त कर आरटीओ कार्यालय भेज दिया।
बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं: यातायात पुलिस
यातायात थाना प्रभारी रणवीर यादव ने बताया कि विशेष अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। स्कूल बसों के लिए निर्धारित नियम केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि सीधे बच्चों की सुरक्षा से जुड़े हुए हैं। ऐसे में नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सेंट चार्ल्स स्कूल की बसों की जांच के बाद जिले के अन्य स्कूलों में संचालित बसों और स्कूली वाहनों को भी चेक किया जाएगा। जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अन्य स्कूल बसें भी रहेंगी जांच के दायरे में
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद अब जिले के अन्य स्कूलों में संचालित बसें भी जांच के दायरे में रहेंगी। विशेष अभियान के दौरान टीम स्कूल बसों के आवश्यक दस्तावेजों के साथ फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच करेगी।
प्रशासन और यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना वैध परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र अथवा निर्धारित नियमों का पालन किए स्कूल वाहन संचालित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सेंट चार्ल्स स्कूल की बसों पर हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्कूल वाहन संचालन और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जब एक ही स्कूल की जांच में 12 में से 11 बसों में नियमों से जुड़ी खामियां सामने आईं और एक बस बिना वैध परमिट व फिटनेस प्रमाणपत्र के संचालित मिली, तो अब यातायात पुलिस और आरटीओ की आगामी जांच पर भी नजर रहेगी।
फिलहाल पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू किया गया 10 दिवसीय विशेष अभियान शिवपुरी जिले में जारी है। आने वाले दिनों में अन्य स्कूलों की बसों की भी जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों के खिलाफ चालानी एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।