शिवपुरी में वन विभाग की कार्रवाई के बीच बोलेरो के नीचे लेटा युवक: ट्रैक्टर लेकर चालक हुआ फरार, फिर वाहन के नीचे से निकला

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के उकावल गांव में वन भूमि से कब्जा हटाने पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान एक युवक ने ट्रैक्टर को जब्त होने से बचाने के लिए ऐसा कदम उठाया कि कुछ समय के लिए वन विभाग की पूरी कार्रवाई रुक गई।

युवक वन विभाग की टीम के बोलेरो वाहन के नीचे जाकर लेट गया और वनकर्मियों के समझाने के बावजूद बाहर नहीं निकला। इसी बीच ट्रैक्टर चालक मौका देखकर ट्रैक्टर लेकर वहां से फरार हो गया। ट्रैक्टर के सुरक्षित निकल जाने के बाद युवक बोलेरो के नीचे से बाहर आया।

घटनाक्रम के चलते वन विभाग की टीम ट्रैक्टर को जब्त नहीं कर सकी। बताया जा रहा है कि टीम वन भूमि पर कथित रूप से की जा रही जुताई की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची थी। विभाग ने अब पूरे मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

वन भूमि पर ट्रैक्टर से जुताई की मिली थी सूचना

जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि सनवारा बीट के उकावल गांव के पास वन भूमि पर कुछ लोगों द्वारा ट्रैक्टर चलाकर जुताई की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मौके पर ट्रैक्टर को वन भूमि पर जुताई करते देखा और उसे रोकने का प्रयास किया।

वनकर्मियों ने नियमानुसार ट्रैक्टर को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। बताया गया है कि मौके पर मौजूद मुकेश आदिवासी नाम का युवक अचानक वन विभाग की बोलेरो के नीचे जाकर लेट गया।
युवक के वाहन के नीचे लेटते ही मौके पर स्थिति असहज हो गई। वनकर्मियों ने उसे बाहर आने के लिए कहा और समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवक बाहर निकलने को तैयार नहीं हुआ।

ट्रैक्टर के निकलने तक बोलेरो के नीचे लेटा रहा युवक
बताया जा रहा है कि युवक बोलेरो के नीचे इस तरह लेटा था कि वन विभाग की टीम को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी। वनकर्मी लगातार उसे वाहन के नीचे से बाहर निकालने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह वहीं डटा रहा।
इसी बीच मौके पर मौजूद ट्रैक्टर चालक ने स्थिति का फायदा उठाया और ट्रैक्टर लेकर वहां से निकल गया। वन विभाग की टीम युवक को लेकर उलझी रही और ट्रैक्टर चालक वाहन को मौके से भगाने में सफल हो गया।

ट्रैक्टर के वहां से निकल जाने के बाद ही बोलेरो के नीचे लेटा युवक बाहर आया। इसके बाद वन विभाग की टीम ट्रैक्टर की जब्ती की कार्रवाई पूरी नहीं कर सकी। जिस वाहन को विभाग जब्त करने पहुंचा था, वह टीम की आंखों के सामने मौके से निकल गया।

इस पूरे घटनाक्रम के कारण वन विभाग की कार्रवाई प्रभावित हुई और टीम को बिना ट्रैक्टर जब्त किए वापस लौटना पड़ा।

100 बीघा से अधिक वन भूमि पर कब्जे की बात

जानकारी के मुताबिक, सनवारा बीट के उकावल गांव के पास करीब 100 बीघा से अधिक वन भूमि का मामला बताया जा रहा है। इस भूमि पर जूर गांव के करीब 8 से 10 आदिवासी परिवारों के कब्जे की बात सामने आई है।

वन विभाग ने हाल ही में संबंधित जमीन को वृक्षारोपण के लिए चिन्हित किया है। विभाग की योजना वन भूमि को कब्जे से मुक्त कराकर वहां पौधरोपण करने की बताई जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत वन विभाग द्वारा क्षेत्र में कार्रवाई की जा रही है।

वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि चिन्हित वन भूमि पर ट्रैक्टर के माध्यम से जुताई की जा रही है। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची थी। हालांकि, ग्रामीणों के विरोध और युवक के बोलेरो के नीचे लेट जाने के कारण कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।

वनकर्मियों के सामने चुनौती बनी स्थिति

कार्रवाई के दौरान युवक के बोलेरो के नीचे लेटने से वन विभाग के कर्मचारियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए वनकर्मी सावधानी बरतते रहे। टीम ने युवक को समझाकर बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह ट्रैक्टर के मौके से निकलने तक वाहन के नीचे ही लेटा रहा।

घटना ने वन विभाग की कार्रवाई और सरकारी भूमि से कब्जा हटाने के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर किया है। एक ओर विभाग वन भूमि को कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई कर रहा था, वहीं दूसरी ओर मौके पर हुए विरोध के कारण ट्रैक्टर की जब्ती नहीं हो सकी।

अब आगे की कार्रवाई की तैयारी में वन विभाग

घटना के बाद वन विभाग अब मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। ट्रैक्टर चालक और कार्रवाई के दौरान विरोध करने वालों को लेकर विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। वन भूमि पर जुताई और कब्जे से जुड़े मामले में विभाग आगामी दिनों में दोबारा कार्रवाई कर सकता है।

वहीं, यह घटनाक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ट्रैक्टर को जब्ती से बचाने के लिए युवक का बोलेरो के नीचे लेटना और ट्रैक्टर के निकलते ही बाहर आ जाना पूरी कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला घटनाक्रम रहा।

अब सवाल यह है कि 100 बीघा से अधिक बताई जा रही वन भूमि को कब्जे से मुक्त कराने के लिए वन विभाग अगली कार्रवाई किस रणनीति के साथ करेगा? साथ ही, सरकारी कार्रवाई में बाधा और ट्रैक्टर को मौके से ले जाने के मामले में क्या वैधानिक कदम उठाए जाएंगे, इस पर भी नजर बनी हुई है।
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