बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने शुक्रवार को लगातार तीन महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान कम प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में जल संरक्षण एवं किसानों के दीर्घकालिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खरीफ सीजन में नहर संचालन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके साथ ही 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
कलेक्टर श्री वर्मा ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में क्षीरधारा ग्राम योजना, हिरण्यगर्भा अभियान, दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना तथा आचार्य विद्यासागर योजना की प्रगति का बिंदुवार परीक्षण किया गया। समीक्षा के दौरान कई विकासखंडों में योजनाओं का क्रियान्वयन संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. एल.आर. शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन विकासखंडों में योजनाओं की प्रगति बेहद कम है, वहां के पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर सुधार लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय में प्रगति नहीं दिखाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
गौशालाओं के सत्यापन के लिए बनेगा विशेष जांच दल
बैठक में कलेक्टर ने बदरवास, नरवर और खनियाधाना विकासखंड की गौशालाओं में गौवंश सत्यापन कराने के लिए विशेष जांच दल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में दर्ज संख्या और वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का व्यापक प्रचार होगा
कलेक्टर ने कहा कि पशुपालकों तक शासन की योजनाओं का लाभ तभी पहुंचेगा जब उन्हें सही जानकारी मिलेगी। इसलिए दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए। पशुपालकों को नियमित टीकाकरण, पशुओं को होने वाली बीमारियों से बचाव, कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक तथा आधुनिक पशुपालन पद्धतियों की जानकारी दी जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने 'गोरस' मोबाइल ऐप के अधिकाधिक उपयोग पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंदी ऐप गाय एवं भैंसों के लिए संतुलित आहार योजना तैयार करता है और कम लागत में अधिक दूध उत्पादन की जानकारी देता है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पशुपालकों को इस ऐप से जोड़ा जाए।
जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता, खरीफ में नहीं खुलेंगी नहरें
इसके बाद कलेक्टर श्री वर्मा की अध्यक्षता में सिंध बहुउद्देशीय परियोजना अंतर्गत जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें करैरा विधायक रमेश खटीक, समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जिले के प्रमुख जलाशयों की वर्तमान जल स्थिति का तकनीकी परीक्षण प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अटल सागर (मड़ीखेड़ा बांध) में 58.01 प्रतिशत, मोहिनी पिकअप वियर में 32.67 प्रतिशत तथा हरसी बांध में 57.87 प्रतिशत जल उपलब्ध है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान तथा कम वर्षा के कारण बांधों का जल स्तर निर्धारित रूल कर्व से नीचे बना हुआ है।
तकनीकी विशेषज्ञों ने समिति को बताया कि यदि वर्तमान समय में खरीफ फसलों के लिए नहरों से पानी छोड़ा गया तो रबी सीजन के दौरान लगभग 58 हजार 229 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित हो सकती है। साथ ही पेयजल संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि फिलहाल खरीफ सिंचाई के लिए नहरों का संचालन नहीं किया जाएगा। यदि आगामी दिनों में पर्याप्त वर्षा होती है और जल स्तर बढ़ता है तो स्थिति की पुनः समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण और किसानों के दीर्घकालिक हित किसी भी अल्पकालिक निर्णय से अधिक महत्वपूर्ण हैं।
29 जुलाई को होगी अगली महत्वपूर्ण बैठक
जल संसाधनों की स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करने तथा ग्वालियर टेल क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए 29 जुलाई को पुनः बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान को जनआंदोलन बनाने के निर्देश
दिन की तीसरी महत्वपूर्ण बैठक 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान को लेकर आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग, शिक्षा विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि युवाओं को सही दिशा देना ही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी। उन्होंने प्रभात फेरियां, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ सभाएं, शपथ कार्यक्रम, खेल गतिविधियां तथा जनसंवाद आयोजित करने के निर्देश दिए, जिनमें आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संगठन एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
स्पष्ट संदेश—लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
बैठकों के अंत में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, जल संसाधनों के उपयोग में असावधानी अथवा जनजागरूकता अभियानों में शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी समयबद्ध, जवाबदेह और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए जिले के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।