नरवर किले की ऐतिहासिक तोप चोरी पर गरमाई सियासत: विधायक कैलाश कुशवाह ने कलेक्टर-एसपी को लिखा पत्र, 31 जुलाई तक कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन की चेतावनी

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा ECG:खबर शिवपुरी जिले के विश्व प्रसिद्ध नरवर किले से 16वीं शताब्दी की करीब 500 वर्ष पुरानी अष्टधातु निर्मित ऐतिहासिक तोप की चोरी का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। पोहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैलाश कुशवाह ने इस मामले में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने इसे केवल चोरी नहीं, बल्कि देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहर पर सुनियोजित हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 31 जुलाई 2026 तक तोप की बरामदगी और मामले का खुलासा नहीं हुआ, तो वे जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

18 जुलाई को भेजे गए अपने पत्र में विधायक कैलाश कुशवाह ने कहा कि नरवर किला मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक पहचान है। यहां से सदियों पुरानी अष्टधातु की ऐतिहासिक तोप चोरी होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर घटना है। उनके अनुसार यह कोई सामान्य आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली विरासत को नुकसान पहुंचाने का सुनियोजित प्रयास है।

विधायक ने पत्र में उल्लेख किया कि उन्हें प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 से अधिक हथियारबंद बदमाश क्रेन और ट्रक लेकर नरवर किले पहुंचे। आरोप है कि बदमाशों ने वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों को बंधक बनाया और इसके बाद करीब 500 वर्ष पुरानी अष्टधातु की ऐतिहासिक तोप को वाहन में लादकर फरार हो गए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बदमाशों का भारी मशीनरी और वाहनों के साथ किले तक पहुंचना तथा बिना किसी प्रभावी रोक-टोक के ऐतिहासिक धरोहर को ले जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

कैलाश कुशवाह ने पत्र में कहा कि नरवर किला देश की अमूल्य धरोहरों में शामिल है। यहां की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखना शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे संरक्षित स्थल से ऐतिहासिक तोप चोरी होना कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और चोरी हुई ऐतिहासिक तोप को सुरक्षित बरामद किया जाए।

विधायक ने यह भी कहा कि इस मामले का शीघ्र खुलासा होना आवश्यक है, क्योंकि यह केवल शिवपुरी जिले का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश और देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इससे ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर संदेश जाएगा।

अपने पत्र में विधायक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 31 जुलाई 2026 तक पुलिस और प्रशासन इस मामले का खुलासा नहीं करते, चोरी गई तोप बरामद नहीं होती और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तो वे जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

नरवर किले की ऐतिहासिक तोप चोरी का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। स्थानीय नागरिक, इतिहास प्रेमी और सामाजिक संगठन भी इस घटना को लेकर चिंता जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस और प्रशासन की जांच पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस बहुचर्चित मामले का खुलासा कर ऐतिहासिक तोप को सुरक्षित बरामद किया जाएगा।
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