शिवपुरी में अवैध कॉलोनाइजरों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 4 पर FIR के आदेश, प्लॉटों की खरीद-फरोख्त और नामांतरण पर लगी रोक

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अर्पित वर्मा के निर्देश पर प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

इस कार्रवाई के तहत चार अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही संबंधित कॉलोनियों के प्लॉटों के क्रय-विक्रय, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं पर आगामी आदेश तक पूरी तरह रोक लगा दी गई है, ताकि आम नागरिक किसी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार न हों।

प्रशासन के अनुसार शिवपुरी शहर में बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनियां विकसित किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की जांच के बाद यह सामने आया कि कई स्थानों पर कॉलोनाइजरों द्वारा नियमानुसार अनुमति प्राप्त किए बिना प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसी क्रम में शिवपुरी एसडीएम श्री आनंद सिंह राजावत ने चार अलग-अलग मामलों में संबंधित अवैध कॉलोनाइजरों के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई मध्यप्रदेश कॉलोनाइजर अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक नियमों के उल्लंघन के आधार पर की जा रही है।

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार ग्राम सिंहनिवास में सर्वे क्रमांक 2635/2/7, 2635/3/1 एवं 2637/1/1 (कुल रकबा लगभग 0.773 हेक्टेयर) पर बिना वैध अनुमति कॉलोनी विकसित करने के मामले में अभिजीत सिंह भदौरिया पुत्र धर्मसिंह भदौरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी प्रकार ग्राम सिंहनिवास के सर्वे क्रमांक 1911/1 एवं 1912 में अवैध कॉलोनी विकसित करने के मामले में सुमित श्रीवास्तव पुत्र स्वर्गीय रमेश श्रीवास्तव के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं।

तीसरे मामले में ग्राम सिंहनिवास के सर्वे क्रमांक 2638/2/1 (रकबा लगभग 0.9749 हेक्टेयर) पर बिना नियमानुसार कॉलोनी विकसित किए जाने के आरोप में कावेन्द्र पुत्र कप्तान सिंह यादव, निवासी मुरैना, के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं चौथे मामले में ग्राम नोहरीकला स्थित सर्वे क्रमांक 644/1/1, 644/1/2 एवं 641 (कुल रकबा लगभग 2.800 हेक्टेयर) पर राज रियल स्टेट डेवलपर्स लिमिटेड के प्रोपराइटर राजीव गुप्ता पुत्र रमेशचंद्र गुप्ता, निवासी हनुमान कॉलोनी, के खिलाफ भी नियमानुसार कॉलोनी विकसित नहीं करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी अवैध कॉलोनियों में स्थित भू-खंडों के क्रय-विक्रय, नामांतरण तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्यवाही पर आगामी आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसका उद्देश्य आम नागरिकों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना और अवैध कॉलोनियों में निवेश से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है।

कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी पूरी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनाइजर का लाइसेंस, भूमि का डायवर्सन, टीएंडसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) से स्वीकृत लेआउट, विकास अनुमति तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बिना अनुमति विकसित की गई कॉलोनियों में निवेश करना भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आने से पहले सभी दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।

जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले कॉलोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर, राजस्व कार्रवाई और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध रूप से विकसित कॉलोनियों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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