शिवपुरी के सिनेमाघरों में दिव्यांगजनों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं: कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश, 7 दिन में करना होगा पालन

Nikk Pandit
0
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर अब शिवपुरी जिले के सभी सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों में दिव्यांगजन भी बिना किसी असुविधा के फिल्मों का आनंद ले सकेंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के बाद जिले में दिव्यांगजनों के लिए सिनेमाघरों को अधिक सुगम और सुविधायुक्त बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अर्पित वर्मा ने नगर पालिका परिषद शिवपुरी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत नगर क्षेत्र के सभी सिनेमाघरों को सात दिनों के भीतर दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।

शासन का उद्देश्य है कि दिव्यांगजन भी अन्य नागरिकों की तरह बिना किसी बाधा के मनोरंजन सेवाओं का लाभ उठा सकें। इसी सोच के साथ सिनेमाघरों में आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाओं को अनिवार्य किया गया है, ताकि दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित एवं अन्य दिव्यांग दर्शकों को फिल्म देखने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

निर्देशों के अनुसार सभी सिनेमाघरों में ऑडियो डिस्क्रिप्शन, क्लोज्ड कैप्शनिंग, ओपन कैप्शनिंग तथा भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ऑडियो डिस्क्रिप्शन के माध्यम से दृष्टिबाधित दर्शकों को फिल्म के दृश्यों का ध्वनि के जरिए विवरण मिलेगा, जबकि क्लोज्ड और ओपन कैप्शनिंग से श्रवणबाधित दर्शकों को संवाद समझने में आसानी होगी। भारतीय सांकेतिक भाषा की सुविधा भी दिव्यांगजनों के लिए फिल्म प्रदर्शन को अधिक सहज और समावेशी बनाएगी।

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सिनेमाघरों के टिकट काउंटर, प्रवेश द्वार तथा डिजिटल टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर इन सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित करना भी अनिवार्य होगा। इससे दिव्यांग दर्शकों को पहले से पता चल सकेगा कि संबंधित सिनेमाघर में उनके लिए कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं और वे उनका किस प्रकार उपयोग कर सकते हैं।

फिल्म प्रदर्शन के दौरान भी दिव्यांगजनों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी दिव्यांग दर्शक को तकनीकी सहायता, प्रवेश, बैठने की व्यवस्था अथवा अन्य किसी प्रकार की मदद की आवश्यकता हो, तो सिनेमाघर प्रबंधन को तत्काल सहायता उपलब्ध करानी होगी। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक और बाधारहित अनुभव प्रदान करना है।

कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन के आदेशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के सभी सिनेमा घरों का निरीक्षण कर यह देखा जाए कि निर्धारित सात दिनों के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित हुई हैं या नहीं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है।

जिले के सभी सिनेमाघरों में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का विस्तृत विवरण भी संकलित किया जाएगा। इसके साथ ही दिव्यांगजनों से प्राप्त शिकायतों, सुझावों तथा उनके निराकरण का अलग से रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उनमें सुधार किया जा सके। शासन चाहता है कि यह व्यवस्था केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तव में दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी और प्रभावी साबित हो।

सामाजिक दृष्टि से भी यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिव्यांगजनों को समान अवसर और समान सुविधाएं उपलब्ध कराना समावेशी समाज की दिशा में एक बड़ा कदम है। मनोरंजन के क्षेत्र में भी यदि सभी वर्गों को समान भागीदारी मिलेगी, तो समाज में समानता और संवेदनशीलता का संदेश मजबूत होगा।

प्रशासन का मानना है कि शासन की इस पहल से दिव्यांगजन आत्मविश्वास के साथ सिनेमाघरों में जाकर फिल्मों का आनंद ले सकेंगे। साथ ही यह व्यवस्था अन्य सार्वजनिक संस्थानों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण बनेगी। आने वाले दिनों में जिला प्रशासन इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करेगा, ताकि शिवपुरी जिले के सभी सिनेमाघर दिव्यांगजन-अनुकूल बन सकें और हर नागरिक को समान सुविधा एवं सम्मान के साथ मनोरंजन का अधिकार मिल सके।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)