शिवपुरी के चिटौरा में खेतों तक जाने का रास्ता बंद, 50 किसानों ने एसपी से लगाई गुहार; अतिक्रमण हटाकर रास्ता खुलवाने की मांग

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के ग्राम चिटौरा के करीब 50 किसानों ने वर्षों पुराने खेतों के रास्ते पर कथित अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए सोमवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर आवेदन सौंपा। किसानों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज सार्वजनिक रास्ते पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है, जिसके कारण वे अपनी कृषि भूमि तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि रास्ते का सीमांकन कराकर अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए, ताकि वे समय पर खेती-किसानी का कार्य कर सकें।

किसानों के अनुसार, उनकी कृषि भूमि ग्राम चिटौरा के सर्वे नंबर 319, 320, 321, 280, 282, 287 सहित अन्य सर्वे नंबरों में स्थित है। इन खेतों तक पहुंचने के लिए वर्षों पुराना पैतृक रास्ता मौजूद था, जिसका उपयोग गांव के किसान लंबे समय से करते आ रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2003 में इस रास्ते पर शासन की ओर से खरंजा निर्माण भी कराया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह सार्वजनिक मार्ग था और किसानों की आवाजाही के लिए उपयोग में लिया जाता रहा है।

किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से कुछ लोगों ने इस रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है। अतिक्रमण के कारण रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे किसान अपने खेतों तक ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और अन्य संसाधन नहीं ले जा पा रहे हैं। कई किसानों को पैदल भी खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है, जबकि कुछ खेतों तक पहुंच पूरी तरह बंद हो गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि करीब 200 से 250 बीघा कृषि भूमि इस रास्ते पर निर्भर है। रास्ता बंद होने से खेती का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वर्तमान समय खरीफ फसलों की बुवाई का है, ऐसे में यदि समय पर खेतों तक पहुंच नहीं मिली तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई खेतों में अभी तक बुवाई नहीं हो सकी है, जबकि कुछ किसान मजबूरी में खेती छोड़ने जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।

किसानों ने अपने आवेदन में बताया कि तहसील रिकॉर्ड में शासकीय भूमि के सर्वे नंबर 291 से 293 के बीच यह रास्ता दर्ज है। इसके बावजूद कथित रूप से कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर लिया है। किसानों का कहना है कि यदि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड का अवलोकन किया जाए तो रास्ते की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस समस्या को पहले भी संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी के कारण उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के चलते खेती प्रभावित हो रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

एसपी को दिए आवेदन में किसानों ने मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम से रास्ते का सीमांकन कराया जाए और यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए। साथ ही सार्वजनिक रास्ते को पहले की तरह बहाल किया जाए, ताकि किसान बिना किसी बाधा के अपने खेतों तक पहुंच सकें और कृषि कार्य सुचारु रूप से कर सकें।

किसानों ने यह भी कहा कि यदि समय रहते रास्ता नहीं खुलवाया गया तो खरीफ सीजन की बुवाई प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर उनकी आजीविका पर पड़ेगा। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आय का मुख्य साधन है और रास्ता बंद होने से पूरे गांव के किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ग्राम चिटौरा के किसानों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसानों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई करेगा और वर्षों पुराने रास्ते को पुनः चालू कराया जाएगा, जिससे उनकी कृषि गतिविधियां सामान्य हो सकें और उन्हें अपने खेतों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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