बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के खनियाधाना क्षेत्र से एक प्रेम विवाह करने वाले दंपती ने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) से गुहार लगाई है। दंपती ने आवेदन देकर बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया है, लेकिन युवती के परिजन इस रिश्ते का विरोध कर रहे हैं।
उन्हें आशंका है कि उनके साथ किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। इसी कारण उन्होंने थाना खनियाधाना में जाकर बयान दर्ज कराने से इनकार करते हुए एसपी कार्यालय में ही बयान दर्ज कराने और पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय नैन्सी साहू, निवासी नई बस्ती खनियाधाना, ने 23 वर्षीय हरिओम शर्मा, निवासी आदिवासी मोहल्ला, धुविया तालाब, खनियाधाना, के साथ 20 मई 2026 को ग्वालियर स्थित आर्य समाज संस्था में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया था। विवाह के बाद से दोनों पति-पत्नी शिवपुरी में रह रहे हैं और अपना वैवाहिक जीवन शुरू कर चुके हैं।
दंपती का कहना है कि उन्होंने यह विवाह पूरी तरह अपनी इच्छा से किया है। इस विवाह में किसी प्रकार का दबाव, प्रलोभन या जबरदस्ती नहीं थी। दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार रखते हैं। इसके बावजूद युवती के परिजन इस विवाह को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और लगातार विरोध कर रहे हैं।
दंपती ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से थाना खनियाधाना पुलिस की ओर से उन्हें कई बार फोन कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। हालांकि उन्हें पुलिस कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्हें इस बात का डर है कि थाना जाने के दौरान या थाना परिसर में उनके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उनका कहना है कि परिजनों के विरोध को देखते हुए उनकी जान को खतरा बना हुआ है।
इसी आशंका के चलते सोमवार को दोनों पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने अनुरोध किया कि उनके बयान थाना खनियाधाना में दर्ज कराने के बजाय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ही दर्ज किए जाएं। उनका कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बयान दर्ज होंगे तो वे स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे और किसी प्रकार की अनहोनी की आशंका भी कम रहेगी।
दंपती ने अपने आवेदन में यह भी मांग की है कि उन्हें आवश्यक पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे बिना किसी भय के अपना वैवाहिक जीवन व्यतीत कर सकें। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई तो उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी।
प्रेम विवाह से जुड़े मामलों में अक्सर परिवारों के विरोध के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण बन जाती है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की भूमिका दोनों पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने की होती है। यदि दोनों पक्ष बालिग हैं और अपनी इच्छा से विवाह करते हैं, तो उन्हें कानून के तहत सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है।
फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय को दिया गया आवेदन चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह देखना होगा कि पुलिस प्रशासन दंपती की सुरक्षा संबंधी मांग पर क्या निर्णय लेता है और उनके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया किस प्रकार पूरी की जाती है। दंपती को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और उन्हें बिना किसी भय के अपने वैवाहिक जीवन को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।