बंटी शर्मा शिवपुरी:जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें प्रशासन के सामने पहुंचीं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बिजली और पर्यावरण से जुड़े मामलों में शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। जनसुनवाई में सबसे ज्यादा चर्चा सरकारी शिक्षकों पर निजी कोचिंग संचालित करने के आरोपों को लेकर रही, वहीं किसानों ने फसल नुकसान, बिजली उपभोक्ताओं ने बिल गड़बड़ी और ग्रामीणों ने स्टोन क्रशर से हो रही परेशानियों की शिकायत दर्ज कराई।
जनसुनवाई में सामाजिक संगठन क्षत्रिय फ्रीडम फाइटर्स एंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन की ओर से नीरज वर्मा ने एक गंभीर शिकायत प्रस्तुत की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जिले के 11 शासकीय शिक्षक नियमों के विपरीत निजी कोचिंग संचालित कर रहे हैं शिकायतकर्ता का दावा है कि ये शिक्षक छात्रों से 6 से 7 हजार रुपए तक फीस वसूलते हैं और सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर जानबूझकर प्रभावित कर विद्यार्थियों को कोचिंग लेने के लिए मजबूर करते हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जो छात्र निजी कोचिंग नहीं लेते, उन्हें प्रैक्टिकल और वार्षिक परीक्षाओं में कम अंक देने की धमकी दी जाती है। नीरज वर्मा ने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में वीडियो और अन्य साक्ष्य भी मौजूद हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है।
जनसुनवाई में बदरवास क्षेत्र की आशा सुपरवाइजर रेखा परिहार ने भी अपनी पदस्थापना को लेकर आवेदन सौंपा। उन्होंने बताया कि खतौरा-रामगढ़ सेक्टर में उनकी पदस्थापना का आदेश जारी हुआ था, लेकिन बाद में उसे स्थगित कर दिया गया। उनका कहना है कि जांच समिति ने उन्हें पूर्व पदस्थापना पर बनाए रखने की अनुशंसा की थी, इसके बावजूद अब तक आदेश लागू नहीं किया गया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
इसी दौरान सिरसौद थाना क्षेत्र के ग्राम खोईया निवासी किसान हरिचरण यादव ने कृषि दवा विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। किसान का आरोप है कि फतेहपुर रोड स्थित एक दुकान से खरीदी गई खरपतवार नाशक दवा के छिड़काव के बाद उनकी करीब 25 बीघा सोयाबीन की फसल खराब हो गई। उन्होंने लगभग चार लाख रुपए के नुकसान का दावा करते हुए दवा की गुणवत्ता की जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
बिजली विभाग से जुड़ी शिकायत भी जनसुनवाई में सामने आई। ठकुरपुरा निवासी सोनेराम कोरी ने बिजली कंपनी के कर्मचारी पर लापरवाही और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 1670 रुपए का बिजली बिल जमा किया था, लेकिन राशि गलती से किसी दूसरे उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी गई। जब उन्होंने त्रुटि सुधारने की मांग की तो संबंधित कर्मचारी ने कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई और बिल में सुधार की मांग की।
वहीं करैरा क्षेत्र के पारागढ़ गांव के ग्रामीणों और किसानों ने गांव के समीप संचालित स्टोन क्रशर को बंद कराने की मांग करते हुए आवेदन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि क्रशर से उड़ने वाली धूल, लगातार होने वाली ब्लास्टिंग और भारी वाहनों के आवागमन से खेती, पर्यावरण और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम जैसे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों पर जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को जांच के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक शिकायत की तथ्यात्मक जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।