अकरम शाह और नाबालिक का मामला : लाज का कार्यालय सील, नाबालिग लापता; अकरम को सरकारी जमीन के अतिक्रमण मामले में आज तहसीलदार कोर्ट में पेश होना होगा

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जिस लॉज में ठहरा था अकरम

शिवपुरी कोतवाली थाना क्षेत्र के चर्चित शिवपुरी लाज प्रकरण में कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर प्रशासन ने शिवपुरी लाज पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, लाज का कार्यालय सील कर बुकिंग रजिस्टर जब्त कर लिया है। दूसरी ओर 12 जुलाई से लापता 17 वर्षीय नाबालिग की तलाश जारी है। इसी बीच अकरम शाह के खिलाफ सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में भी कार्रवाई सामने आई है। प्रभारी तहसीलदार, सतनवाड़ा न्यायालय ने अकरम को कारण बताओ नोटिस जारी कर आज 14 जुलाई को दोपहर 2 बजे उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। अनुपस्थित रहने या संतोषजनक जवाब नहीं देने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।


जानकारी के अनुसार रविवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने सतनवाड़ा कलां निवासी 25 वर्षीय अकरम पुत्र अनवर शाह को एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ शिवपुरी लाज से पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया था। भीड़ अकरम को मारते-पीटते हुए थाने पहुंची थी। पुलिस ने उसके खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।


सोमवार देर शाम तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा राजस्व और पुलिस अमले के साथ शिवपुरी लाज पहुंचे। उन्होंने संचालक वीरेंद्र सांड से पूछताछ की। वीरेंद्र सांड ने बताया कि अकरम ने खुद को विद्युतकर्मी बताया था और वह पिछले करीब 10 दिनों से लाज के कॉमन रूम में ठहरा हुआ था, जहां अन्य लोग भी रुके हुए थे।


प्रशासन ने लाज का बुकिंग रजिस्टर जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। साथ ही लाज के कार्यालय को सील कर फिलहाल किसी नए यात्री को ठहराने पर रोक लगा दी गई है।


लाज संचालक का कहना है कि लाज में कोई लड़की नहीं आई थी, जबकि हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का दावा है कि उनके पास ऐसे वीडियो हैं, जिनमें लड़की अकरम के साथ शिवपुरी लाज में दिखाई दे रही है। पुलिस का कहना है कि लड़की के परिजन ग्रामीण क्षेत्र के होने के कारण होटल और लाज में अंतर नहीं समझ पाए थे। लड़की को होटल नहीं बल्कि शिवपुरी लाज से पकड़ा गया था।


विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री विनोदपुरी ने आरोप लगाया है कि अकरम शाह ने उन्हें व्हाट्सएप पर धमकी दी है। उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत देकर कहा कि अकरम अपनी पहचान छिपाकर लाज में ठहरा था और वह तीन अलग-अलग सिम कार्ड इस्तेमाल करता है। उन्होंने पुलिस से इन नंबरों और उनके संपर्कों की जांच कराने तथा अकरम की जमानत का विरोध करने की मांग भी की है।


इधर, मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में 17 वर्षीय नाबालिग 12 जुलाई से लापता है। उसकी मां ने 13 जुलाई की रात देहात थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई है। मां के अनुसार बेटी यह कहकर घर से निकली थी कि वह रिश्तेदारों से अकरम को जेल से छुड़ाने की बात करेगी, लेकिन इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।


इसी बीच अकरम शाह के खिलाफ एक अन्य मामला भी सामने आया है। प्रभारी तहसीलदार, वृत्त सतनवाड़ा न्यायालय ने 1 जुलाई को मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 248 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस के अनुसार ग्राम सतनवाड़ा कलां की सर्वे नंबर 327/12 की शासकीय भूमि पर अकरम द्वारा कथित अवैध कब्जा किए जाने का प्रथम दृष्टया आधार मिलने पर उसे आज 14 जुलाई को दोपहर 2 बजे न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब देने के लिए कहा गया है।


नोटिस में कहा गया है कि यदि अकरम संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करता है तो शासकीय भूमि से बेदखली, 10 हजार रुपये तक का जुर्माना तथा कब्जा नहीं हटाने की स्थिति में नियमानुसार सिविल कारावास की कार्रवाई के लिए प्रकरण सक्षम अधिकारी को भेजा जा सकता है। साथ ही निर्धारित तिथि पर उपस्थित न होने पर न्यायालय द्वारा मामले में एकपक्षीय कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।


फिलहाल पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासन अलग-अलग पहलुओं से पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

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