बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के शाजापुर गांव का एक नवविवाहित जोड़ा गुरुवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचा और अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए आवेदन सौंपा। प्रेम विवाह करने वाले इस दंपती का कहना है कि शादी के बाद उन्हें परिजनों और गांव के कुछ लोगों से लगातार जान का खतरा बना हुआ है। दोनों ने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, शाजापुर गांव निवासी छाया परिहार ने गांव के ही धर्मेंद्र गुर्जर के साथ 13 जुलाई 2026 को ग्वालियर में आर्य समाज मंदिर में विधिवत विवाह किया। दंपती का कहना है कि दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से एक-दूसरे का जीवनसाथी बनने का निर्णय लिया है। विवाह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ है और अब वे पति-पत्नी के रूप में साथ रहना चाहते हैं।
हालांकि, प्रेम विवाह के इस फैसले के बाद दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। छाया परिहार ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि उनके विवाह से मायके पक्ष, कुछ रिश्तेदार और गांव के कुछ लोग नाराज हैं। शादी के बाद से लगातार उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है। इसी कारण वे अपने गांव लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
छाया का कहना है कि उन्होंने घर छोड़ते समय अपने साथ न तो कोई रुपये, न जेवर और न ही घर का कोई अन्य सामान लिया था। इसके बावजूद उनके खिलाफ तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर झूठी बातें फैलाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
दंपती ने आवेदन में आशंका जताई है कि उनके साथ-साथ उनके पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर भी हमला किया जा सकता है। उनका कहना है कि उन्हें झूठे पुलिस प्रकरणों में फंसाने या एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर मामलों में झूठी शिकायत दर्ज कराने की भी आशंका है। इसी डर के कारण दोनों फिलहाल ग्वालियर में रह रहे हैं और अपने गांव नहीं लौट पा रहे हैं।
एसपी कार्यालय पहुंचे दंपती ने पुलिस से मांग की कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे बिना किसी भय के अपना वैवाहिक जीवन शुरू कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है या उन्हें किसी झूठे मामले में फंसाया जाता है, तो उसके लिए आवेदन में उल्लेखित संबंधित लोगों को जिम्मेदार माना जाए।
दंपती का कहना है कि भारत का कानून प्रत्येक बालिग युवक-युवती को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है। उन्होंने किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपनी स्वेच्छा से शादी की है। ऐसे में उन्हें डर और धमकियों के साए में जीवन बिताने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
इस पूरे मामले के बाद एक बार फिर प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों की सुरक्षा का मुद्दा चर्चा में आ गया है। अक्सर ऐसे मामलों में सामाजिक और पारिवारिक विरोध के चलते नवविवाहित दंपती पुलिस की शरण लेने को मजबूर हो जाते हैं। कई मामलों में समय रहते सुरक्षा मिलने से बड़ी घटनाओं को रोका भी गया है।
फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने दंपती का आवेदन प्राप्त कर लिया है। अधिकारियों ने मामले की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई और सुरक्षा संबंधी पहल का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद पुलिस क्या कदम उठाती है और नवविवाहित दंपती को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है या नहीं।
प्रेम विवाह करने वाले इस दंपती की सबसे बड़ी मांग सिर्फ इतनी है कि उन्हें भयमुक्त वातावरण में साथ रहने का अधिकार मिले। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि वह इस मामले में कितनी तेजी और संवेदनशीलता से कदम उठाता है।