फेसबुक पर लिखा आखिरी संदेश, फिर लगा ली फांसी:सुसाइड नोट में ताऊ के बेटे और भाई पर लगाए गंभीर आरोप

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के मोहराई गांव से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां 35 वर्षीय युवक ने आत्महत्या से पहले अपनी फेसबुक आईडी पर हाथ से लिखा सुसाइड नोट पोस्ट किया और इसके कुछ समय बाद घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में युवक ने अपने ताऊ के बेटे और छोटे भाई पर लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सनसनी का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मोहराई गांव निवासी उत्तम सिंह धाकड़ (35) ने गुरुवार रात करीब 8:30 से 9:30 बजे के बीच अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसकी पत्नी घर के दूसरे कमरे में घरेलू काम कर रही थी। काफी देर तक जब उत्तम कमरे से बाहर नहीं आया तो पत्नी उसे देखने पहुंची। कमरे का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। उत्तम फंदे पर लटका हुआ था। परिवार के लोग तुरंत उसे नीचे उतारकर कोलारस स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

इस आत्महत्या ने इसलिए भी सबको चौंका दिया क्योंकि मौत से पहले उत्तम ने अपनी फेसबुक आईडी पर एक हाथ से लिखा सुसाइड नोट साझा किया था। इस पोस्ट में उसने साफ शब्दों में लिखा कि वह अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा है और उसकी मौत के लिए उसके ताऊ कैलाश धाकड़ का बेटा कामता धाकड़ तथा उसका छोटा भाई रामेश्वर धाकड़ जिम्मेदार हैं। उसने आरोप लगाया कि दोनों लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके कारण वह यह कदम उठाने के लिए मजबूर हो गया।

सुसाइड नोट में उत्तम सिंह ने प्रशासन से एक भावुक अपील भी की। उसने लिखा कि उसके बच्चों को उनका हक दिलाया जाए और गांव के लोग उसके बच्चों का भविष्य संवारने में मदद करें। उसने यह भी लिखा कि जिन लोगों पर उसका पैसा बकाया है, वे वह राशि उसके बच्चों को दे दें ताकि उनके पालन-पोषण में कोई परेशानी न हो। हालांकि, नोट में किसी देनदार का नाम नहीं लिखा गया।

मृतक के साले विष्णू धाकड़ ने आरोप लगाया कि उत्तम लंबे समय से जमीन के विवाद को लेकर मानसिक तनाव में था। उनका कहना है कि परिवार के कुछ लोग लगातार उसे प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे वह पूरी तरह टूट चुका था। उन्होंने आरोप लगाया कि यही मानसिक दबाव उसकी आत्महत्या की सबसे बड़ी वजह बना।

मामले को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आया है। मृतक के परिजनों का कहना है कि आत्महत्या के बाद फेसबुक पर पोस्ट किया गया सुसाइड नोट परिवार के कुछ लोगों द्वारा डिलीट कर दिया गया, ताकि पूरे मामले को दबाया जा सके। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि पोस्ट कब और कैसे हटाई गई तथा क्या उसे तकनीकी रूप से रिकवर किया जा सकता है।

घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं, तो उन आरोपों की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। लोगों का मानना है कि सच्चाई सामने आने से ही मृतक के परिवार को न्याय मिल सकेगा।

कोलारस थाना प्रभारी पुनीत बाजपेई ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करा लिया है। फिलहाल पुलिस को सुसाइड नोट की हार्ड कॉपी नहीं मिली है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी व्यक्ति द्वारा मानसिक प्रताड़ना या अन्य कारणों से युवक को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया, तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोप मृतक के कथित सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों पर आधारित हैं। आरोपित पक्ष का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मोहराई गांव की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद से जूझ रहा हो, तो समय रहते उसका समाधान होना कितना आवश्यक है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए सुसाइड नोट की सच्चाई क्या है और जांच के बाद किन तथ्यों का खुलासा होता है।
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