'दादा को पेट्रोल डालकर जलाया': शिवपुरी में पोते ने एसपी से लगाई गुहार, बोला- हत्या का केस दर्ज हो; पुलिस के पास CCTV में अलग कहानी

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के नयागांव में एक बुजुर्ग की आग से झुलसने के बाद हुई मौत का मामला अब गंभीर आरोपों और सवालों के घेरे में आ गया है। मृतक अरविंद धाकड़ के पोते अंशुल धाकड़ ने अपने दादा की मौत को आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताते हुए पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।

दूसरी ओर पोहरी थाना पुलिस का कहना है कि घटना के समय पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए बयान, जांच में सामने आए तथ्य और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुष्प्रेरण की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज भी मिला है, जिसमें मृतक स्वयं पेट्रोल पंप से बोतल में पेट्रोल भरवाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

मामले में परिजनों और पुलिस के दावे अलग-अलग होने के कारण अब अरविंद धाकड़ की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन दावा कर रहे हैं कि अरविंद धाकड़ के साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद उन पर पेट्रोल या डीजल जैसा ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई। वहीं पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुष्प्रेरण का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीन आरोपियों की तलाश जारी है।

खेत के रास्ते को लेकर हुआ था विवाद

नयागांव निवासी अंशुल धाकड़ ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि घटना 3 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 2 बजे की है। अंशुल के अनुसार, वह अपने दादा अरविंद धाकड़ के साथ बरईपुरा स्थित खेत पर फसल देखने गया था। इसी दौरान खेत के रास्ते को लेकर गांव के कुछ लोगों से विवाद हो गया।

अंशुल ने अपने आवेदन में ज्ञानी धाकड़, प्रकाश धाकड़, पवन धाकड़, हरिओम धाकड़ और वंटी धाकड़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में मारपीट में बदल गया। कथित तौर पर आरोपियों ने उसके दादा अरविंद धाकड़ के साथ लात-घूंसों से मारपीट की।

अंशुल का कहना है कि विवाद और मारपीट के दौरान वह अपनी जान बचाकर वहां से भाग गया था। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद उसने पीछे मुड़कर देखा तो कथित आरोपियों द्वारा उसके दादा के साथ मारपीट किए जाने का दृश्य दिखाई दिया। अंशुल का आरोप है कि इसके बाद उसके दादा पर पेट्रोल या डीजल जैसा कोई ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई।

पोते का दावा- दूर से देखा, दादा को लगा दी आग
अंशुल ने आरोप लगाया कि उसने कुछ दूरी से अपने दादा को आग लगाए जाते देखा था। घटना से घबराकर वह तत्काल अपने घर पहुंचा और परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद वह अपनी मां और ताई को लेकर वापस घटनास्थल पर पहुंचा।

अंशुल के मुताबिक, जब वे मौके पर पहुंचे तब तक उसके दादा अरविंद धाकड़ गंभीर रूप से झुलस चुके थे और वहां से निकल गए थे। बाद में परिजनों को जानकारी मिली और अरविंद धाकड़ को उपचार के लिए पोहरी अस्पताल ले जाया गया।

पोहरी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में उनका उपचार शुरू किया गया, लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। इलाज के दौरान 4 जुलाई की सुबह अरविंद धाकड़ की मौत हो गई।

अरविंद की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। इसके साथ ही परिजनों ने घटना को लेकर हत्या के आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए।

परिजनों का बड़ा दावा- इलाज के दौरान अरविंद ने बताए थे आरोपियों के नाम

मृतक के परिजनों का दावा है कि इलाज के दौरान अरविंद धाकड़ ने डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों के सामने घटना के संबंध में बयान दिया था। परिवार का कहना है कि अरविंद ने कथित तौर पर बताया था कि उनके साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद पेट्रोल या डीजल डालकर आग लगा दी गई।

परिजनों का आरोप है कि इतने गंभीर बयान के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज नहीं किया। परिवार का कहना है कि पुलिस ने हत्या की धाराओं के स्थान पर आत्महत्या के लिए उकसाने यानी दुष्प्रेरण से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है।

अंशुल और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस तरह की कार्रवाई से कथित आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि यह परिजनों का आरोप है और पुलिस ने इससे अलग पक्ष रखते हुए कहा है कि कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की गई है।

एसपी से गुहार- निष्पक्ष जांच हो, हत्या का मामला दर्ज किया जाए

अरविंद धाकड़ की मौत के बाद उनके पोते अंशुल धाकड़ ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। अंशुल ने मांग की है कि पूरे मामले की वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
परिवार चाहता है कि घटना के दिन मौजूद लोगों के बयान दोबारा लिए जाएं। इसके साथ ही मृतक द्वारा इलाज के दौरान डॉक्टरों अथवा पुलिस के सामने दिए गए कथित बयान की भी जांच की जाए। परिजनों का कहना है कि यदि अरविंद धाकड़ ने मृत्यु से पहले आरोपियों पर मारपीट और ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था तो उस बयान को जांच में गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

परिजनों ने कथित आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस का पक्ष- तथ्यों के आधार पर दर्ज हुआ दुष्प्रेरण का मामला

पूरे मामले में पोहरी थाना प्रभारी रवि चौहान ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि घटना के समय पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए बयानों और पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर दुष्प्रेरण की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य
 सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

CCTV फुटेज ने मामले में जोड़ा नया मोड़

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस के हाथ लगा एक सीसीटीवी फुटेज भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पोहरी थाना प्रभारी रवि चौहान के अनुसार, पुलिस को घटना वाले दिन का एक सीसीटीवी फुटेज मिला है।

पुलिस का दावा है कि इस फुटेज में मृतक अरविंद धाकड़ स्वयं एक पेट्रोल पंप पर पहुंचकर बोतल में पेट्रोल भरवाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद वह पेट्रोल लेकर वहां से जाते नजर आ रहे हैं।

पुलिस इसी सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा मान रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और घटना के समय सामने आए बयानों के आधार पर ही कार्रवाई की है।

हालांकि सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भी परिजन अपने आरोपों पर कायम हैं। परिवार का दावा है कि अरविंद धाकड़ के साथ मारपीट हुई थी और उन्हें आग लगाई गई। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि बोतल में पेट्रोल लेकर जाने के बाद खेत पर आखिर क्या हुआ था? क्या अरविंद ने स्वयं आग लगाई या परिजनों के आरोप के अनुसार विवाद के दौरान किसी अन्य ने ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया? इन सवालों का अंतिम जवाब पुलिस की विस्तृत जांच से ही सामने आ सकेगा।

परिजनों के आरोप और पुलिस के साक्ष्य आमने-सामने
अरविंद धाकड़ की मौत का यह मामला अब दो अलग-अलग दावों के बीच उलझता दिखाई दे रहा है। एक तरफ पोता अंशुल दावा कर रहा है कि उसने अपने दादा के साथ मारपीट और उन्हें आग लगाए जाने की घटना देखी। परिजन कथित मृत्यु पूर्व बयान का भी हवाला दे रहे हैं। दूसरी तरफ पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज होने का दावा है, जिसमें मृतक स्वयं बोतल में पेट्रोल भरवाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

ऐसे में मामले की निष्पक्ष और बारीकी से जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। घटना से पहले का सीसीटीवी फुटेज, खेत पर मौजूद लोगों के बयान, मृतक के इलाज से जुड़े दस्तावेज, डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों के समक्ष दिए गए कथित बयान तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य इस मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फिलहाल पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और तीन फरार आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं मृतक का परिवार हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि पुलिस की आगे की जांच में कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और अरविंद धाकड़ की आग से झुलसकर हुई मौत की असल कहानी क्या है।
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