NEET पर बवाल, शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग:PM के नाम ज्ञापन,पत्रकारों की सुरक्षा भी उठाया मुद्दा

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी। राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन ने शुक्रवार को शिवपुरी जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के भविष्य, पत्रकारों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। संगठन ने नीट परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने की मांग की। इसके साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समाज में भाईचारा बनाए रखने के लिए भी सरकार से प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया गया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि देश का भविष्य उसके विद्यार्थी हैं और यदि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं तो इसका सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों मेहनती विद्यार्थियों को होता है, जो वर्षों तक कठिन परिश्रम करके अपने सपनों को साकार करने की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और संबंधित संस्थाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के मुख्य जिला संयोजक शत्रुघ्न सिंह तोमर ने कहा कि नीट परीक्षा में सामने आई कथित धांधली और अनियमितताओं ने पूरे देश के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र-छात्राओं ने दिन-रात मेहनत कर परीक्षा दी, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों ने उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित किया है। संगठन का मानना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच होना अत्यंत आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिल सके।

शत्रुघ्न सिंह तोमर ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की विश्वसनीयता देश की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ होती है। यदि युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठ गया तो इसका दूरगामी असर देश के भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए सरकार को इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे भविष्य में किसी भी परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल न उठें।

संगठन ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि परीक्षा प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या प्रशासनिक विफलता हुई है तो उसकी जवाबदेही तय होना आवश्यक है। इसी आधार पर संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही तय होना सुशासन की पहचान है और इससे जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।

ज्ञापन में केवल शिक्षा व्यवस्था ही नहीं बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। शत्रुघ्न सिंह तोमर ने कहा कि हाल के समय में देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों के साथ अभद्रता, धमकी, मारपीट और दुर्व्यवहार जैसी घटनाएं सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। पत्रकार समाज और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्ष रूप से सामने लाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार भय के वातावरण में कार्य करेंगे तो निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित होगी, जिसका सीधा असर लोकतंत्र पर पड़ेगा। इसलिए सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून और मजबूत व्यवस्था लागू करनी चाहिए। साथ ही पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट या धमकी देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन ने स्पष्ट किया कि वह हमेशा छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का समर्थन करता है। संगठन का मानना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रखने का अधिकार है। हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आंदोलन या विरोध प्रदर्शन की आड़ में जातिवादी टिप्पणियां करना, सामाजिक वैमनस्य फैलाना या किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नफरत भरी भाषा का प्रयोग करना पूरी तरह अनुचित है।

संगठन ने समाज के सभी वर्गों से आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की। ज्ञापन में कहा गया कि देश की प्रगति तभी संभव है जब सभी नागरिक संविधान की भावना के अनुरूप एक-दूसरे का सम्मान करें और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया कि नीट परीक्षा से जुड़े पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुधार किए जाएं। इसके अलावा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।

संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता, पत्रकारों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार करेगी तथा आवश्यक कदम उठाकर देशवासियों का विश्वास और अधिक मजबूत करेगी।
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