खबर:शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र के मगरौनी कस्बे में बर्तन बेचने के बहाने घरों में प्रवेश कर महिलाओं को कथित रूप से सम्मोहित करने और इसके बाद घर में रखी नकदी व सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र की महिलाओं में चिंता और दहशत का माहौल है। खास बात यह है कि एक-दो नहीं, बल्कि करीब 10 से 12 महिलाओं ने इसी तरह की शिकायतें सामने आने का दावा करते हुए नरवर थाने पहुंचकर पुलिस को सामूहिक आवेदन दिया है।
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि कुछ महिलाएं बर्तन बेचने के बहाने उनके घरों में दाखिल हुईं। घर के अंदर आने के बाद उन्होंने बातचीत और सामान दिखाने के बहाने महिलाओं का ध्यान भटकाया। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें किसी दवा अथवा अन्य माध्यम से ऐसी स्थिति में पहुंचाया गया, जिसमें उन्हें आसपास की गतिविधियों का ठीक से पता नहीं रहा। आरोप है कि इसी दौरान घर में रखी नकदी और जेवरात चोरी कर लिए गए।
हालांकि, सम्मोहित किए जाने, किसी दवा के इस्तेमाल और चोरी की पूरी घटना से जुड़े आरोप फिलहाल पुलिस जांच का विषय हैं। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की वास्तविकता और चोरी में शामिल लोगों की पहचान जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
दोपहर में बर्तन बेचने के बहाने घर पहुंचीं महिलाएं
मगरौनी निवासी पीड़ित कीर्ति बाथम के अनुसार, 15 अगस्त को दोपहर करीब 1 बजे कुछ महिलाएं उनके घर पर बर्तन बेचने के लिए पहुंचीं। महिलाओं के पास बर्तन थे और उन्होंने घर की महिलाओं से बर्तन खरीदने की बात कही। इसी दौरान बर्तन दिखाने के बहाने वे घर के अंदर प्रवेश कर गईं।
पीड़िता का आरोप है कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन कुछ समय बाद घर में मौजूद महिलाओं की स्थिति असामान्य होने लगी। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उन्हें किसी दवा या अन्य तरीके से कथित तौर पर वश में कर लिया गया, जिसके बाद घर में रखे सामान और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया गया।
घटना के बाद जब महिलाओं को स्थिति का पता चला तो घर में रखी नकदी और जेवरात गायब मिले। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी आसपास के लोगों को दी गई।
नकदी के साथ कई तरह के जेवर चोरी होने का दावा
पीड़ित महिलाओं ने पुलिस को दिए आवेदन में घर से नकदी के अलावा कई तरह के आभूषण चोरी होने की बात कही है। इनमें कानों के टॉप्स, पायल, मंगलसूत्र, पुतरी, तोड़िया और विजिया सहित अन्य जेवर शामिल बताए गए हैं।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी महिलाएं बर्तन बेचने के बहाने घर में आईं और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देकर वहां से निकल गईं। घटना के बाद परिवार ने अपने स्तर पर घर में रखे सामान की जांच की तो चोरी का पता चला।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये महिलाएं कौन थीं, वे किस इलाके से आई थीं और क्या उन्होंने पहले भी इसी तरह किसी अन्य घर को निशाना बनाया था।
एक शिकायत नहीं, 10-12 महिलाओं के सामने आने का दावा
इस मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि पीड़ित कीर्ति बाथम के मुताबिक, मगरौनी क्षेत्र में करीब 10 से 12 महिलाओं ने इसी तरह की शिकायत सामने रखी है।
शनिवार को कई महिलाएं एक साथ नरवर थाने पहुंचीं। महिलाओं ने पुलिस को आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। महिलाओं का कहना है कि बर्तन बेचने के बहाने घरों में आने वाली संदिग्ध महिलाओं की गतिविधियों की जांच की जाए और यदि चोरी की घटनाओं में उनकी भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
एक साथ कई महिलाओं के थाने पहुंचने से मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। अब पुलिस के सामने इन शिकायतों के बीच किसी समान पैटर्न की जांच करना भी महत्वपूर्ण होगा।
पुलिस के सामने कई बड़े सवाल
मामले में अब पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि शिकायतकर्ता महिलाओं के घरों में पहुंचने वाली संदिग्ध महिलाएं कौन थीं। क्या वे वास्तव में बर्तन बेचने का काम करती थीं या इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका है?
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि क्या क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों या महीनों में इसी तरीके से चोरी की कोई अन्य शिकायत सामने आई है। यदि अलग-अलग घरों में घटना का तरीका समान पाया जाता है, तो पुलिस को किसी संगठित गिरोह की आशंका के आधार पर भी जांच आगे बढ़ानी पड़ सकती है।
पुलिस के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध महिलाओं के हुलिए की जानकारी भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
पुलिस बोली- शिकायत मिली, जांच जारी
मामले में नरवर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि महिलाओं द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस का कहना है कि शिकायत में बताए गए तथ्यों की जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या किसी गिरोह का हिस्सा हैं संदिग्ध महिलाएं?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बर्तन बेचने के बहाने घरों में प्रवेश करने वाली महिलाएं किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं? यदि कई शिकायतों में एक जैसा तरीका सामने आता है तो पुलिस के लिए इस एंगल से जांच करना बेहद जरूरी होगा।
ऐसे मामलों में अक्सर बाहरी व्यक्ति सामान बेचने या किसी अन्य बहाने से घर में प्रवेश करता है और परिवार के सदस्यों की गतिविधियों पर नजर रख सकता है। हालांकि, मगरौनी की घटना में वास्तव में क्या हुआ और शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं, इसका फैसला पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा।
महिलाओं में बढ़ी चिंता, पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी सामने आने के बाद मगरौनी क्षेत्र में महिलाओं के बीच चिंता बढ़ गई है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि घरों में सामान बेचने के बहाने आने वाले अज्ञात लोगों से सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेष रूप से उस समय जब घर में पुरुष सदस्य मौजूद न हों, तब अनजान लोगों को घर के अंदर प्रवेश देने से बचने की सलाह दी जा रही है।
पीड़ित महिलाओं ने पुलिस से मांग की है कि मामले में जल्द जांच पूरी कर आरोपियों का पता लगाया जाए, यदि चोरी की पुष्टि होती है तो चोरी गए जेवर और नकदी बरामद कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल मगरौनी का यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर महिलाओं ने बर्तन बेचने के बहाने घरों में प्रवेश, कथित रूप से सम्मोहित करने और नकदी-जेवर चोरी किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू करने की बात कही है।
ऐसे में अब जांच के दौरान यह सामने आना बाकी है कि वास्तव में घरों में कौन लोग पहुंचे थे, क्या चोरी की घटनाएं हुई हैं, चोरी गई संपत्ति कितनी है, क्या सभी शिकायतों में एक ही गिरोह या लोगों की भूमिका है और कथित सम्मोहन या किसी दवा के इस्तेमाल के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
10-12 महिलाओं की शिकायत के बाद मामला गंभीर हो गया है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल चोरी की एक घटना नहीं, बल्कि घरों को निशाना बनाने वाले किसी संगठित गिरोह की गतिविधि भी हो सकती है। फिलहाल पुलिस जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं और जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की असली तस्वीर सामने आएगी।