खबर:शिवपुरी जिले के बैराड़ नगर में सोमवार को आवारा कुत्तों के हमलों से हड़कंप मच गया। अलग-अलग स्थानों पर कुत्तों ने करीब 8 से 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया। हमले तहसील कार्यालय के सामने, स्कूल जाने वाले रास्ते और सड़क से गुजर रहे लोगों पर हुए। एक युवक को चलती बाइक पर ही कुत्ते ने अपना निशाना बना लिया।
एक ही दिन में बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बाद बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ लग गई। इलाज के दौरान अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। गंभीर रूप से घायल दो मरीजों को बेहतर उपचार के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया।
तहसील कार्यालय से लेकर सड़क तक कुत्तों का हमला
जानकारी के अनुसार, सोमवार को बैराड़ नगर के अलग-अलग हिस्सों में आवारा कुत्तों ने लोगों को काटा। तहसील कार्यालय के सामने से गुजर रहे लोगों के अलावा स्कूल जाने वाले बच्चों और सड़क पर आवाजाही कर रहे लोगों को भी कुत्तों ने निशाना बनाया।
एक युवक बाइक से कहीं जा रहा था, इसी दौरान कुत्ते ने चलती बाइक पर ही उसे काट लिया। अचानक हुए इन हमलों से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कई लोग खुद को बचाने के लिए भागते नजर आए।
लगातार लोगों के घायल होने के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैराड़ लेकर पहुंचे। कुछ ही समय में अस्पताल परिसर में घायलों और उनके परिजनों की भीड़ जमा हो गई।
दो घायलों की हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर
कुत्तों के हमले में घायल बैराड़ निवासी 20 वर्षीय पवन ओझा और कलामढ़ निवासी 12 वर्षीय प्रयास प्रजापति की हालत गंभीर बताई गई। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर किया गया।
इसके अलावा नेहरगड़ा निवासी 26 वर्षीय गजेंद्र यादव, 11 वर्षीय आदित्य शिवहरे और 40 वर्षीय बलराम सहित कई अन्य लोगों का भी बैराड़ स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया।
अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने के कारण अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों पर भी दबाव बढ़ गया। परिजनों को अपने मरीजों के उपचार और जरूरी दवाओं को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं मिलने का आरोप
घायलों के परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी दवाओं और एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कुत्ते के काटने के बाद रेबीज से बचाव के लिए इंजेक्शन जरूरी होता है, लेकिन अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ी।
कुछ परिजनों ने अपने खर्च पर मेडिकल स्टोर से एंटी रेबीज इंजेक्शन खरीदने की बात कही। इसके साथ ही परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए।
बीएमओ ने माना, उस समय उपलब्ध नहीं थे इंजेक्शन
बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. द्वारिका वर्मा ने फोन पर बताया कि कुत्तों के काटने से कई लोग घायल होकर अस्पताल पहुंचे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे।
बीएमओ के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद वे स्थिति का निरीक्षण करने के लिए स्वास्थ्य केंद्र की ओर जा रहे थे। बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने के बाद अस्पताल में उपचार व्यवस्था की स्थिति की भी जानकारी ली जा रही है।
जिलेभर में एंटी रेबीज इंजेक्शन की आपूर्ति कम
सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषेश्वर ने बताया कि वर्तमान में पूरे जिले में एंटी रेबीज इंजेक्शन की आपूर्ति कम चल रही है। उनके अनुसार, कई महीने पहले ही संबंधित वेंडर को इंजेक्शन की मांग भेजी जा चुकी थी, लेकिन अभी तक पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाई है।
सीएमएचओ ने बताया कि बैराड़ में एक साथ कई लोगों के कुत्तों के काटने की जानकारी सामने आने के बाद जिला अस्पताल से कुछ एंटी रेबीज इंजेक्शन बैराड़ स्वास्थ्य केंद्र भेजे गए हैं, ताकि घायलों को समय पर उपचार मिल सके।
बाहर से इंजेक्शन खरीदने वालों को मिलेगा भुगतान
सीएमएचओ ने यह भी बताया कि जिन मरीजों के परिजनों ने अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण बाहर से एंटी रेबीज इंजेक्शन खरीदे हैं, उन्हें रोगी कल्याण समिति के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।
इस व्यवस्था से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अचानक इलाज के लिए अपनी जेब से दवाएं खरीदनी पड़ीं। हालांकि, घटना ने स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी जीवनरक्षक और एंटी रेबीज दवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
आवारा कुत्तों पर कार्रवाई की मांग
बैराड़ में एक ही दिन में कई लोगों के कुत्तों के हमले का शिकार होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नगर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इनके कारण राहगीरों, बच्चों और बाइक सवारों को खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से आवारा कुत्तों को पकड़ने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। खासकर स्कूलों, तहसील कार्यालय और प्रमुख सड़कों के आसपास विशेष अभियान चलाने की जरूरत बताई जा रही है।
फिलहाल घायलों का उपचार जारी है। दो गंभीर मरीजों को शिवपुरी जिला अस्पताल भेजा गया है, जबकि अन्य घायलों का उपचार बैराड़ स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने अब एक ओर घायलों को पर्याप्त उपचार उपलब्ध कराने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर बैराड़ में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर प्रभावी कार्रवाई करना भी जरूरी हो गया है।