खबर:शिवपुरी जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गोवर्धन थाना पुलिस ने चोरी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के महज 12 घंटे के भीतर चोरी गई करीब 400 फीट केबल बरामद कर ली। पुलिस ने मामले में आरोपी नीलम रावत (32) निवासी गिरवानी, थाना गोवर्धन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस के अनुसार, 23 अगस्त 2026 को फरियादी नेतराम पुत्र केदार प्रसाद शर्मा, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम गाजीगढ़ ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि तोमर बिल्डर कंपनी की केबल चोरी हो गई है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना गोवर्धन पुलिस ने अपराध क्रमांक 70/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की।
चोरी की शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
केबल चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। संपत्ति संबंधी अपराध होने के कारण पुलिस ने चोरी गई सामग्री की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाना शुरू किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों की जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पुलिस को आरोपी और चोरी की गई केबल के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर टीम ने कार्रवाई की।
पिपलौदा तीर्थ तिराहे पर मिली सफलता
मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर गोवर्धन पुलिस टीम ने 24 अगस्त को पिपलौदा तीर्थ तिराहे की पुलिया के पास दबिश दी। पुलिस ने मौके से आरोपी नीलम रावत पुत्र नरेन्द्र रावत, उम्र 32 वर्ष, निवासी गिरवानी थाना गोवर्धन को पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से चोरी की गई करीब 400 फीट केबल बरामद की गई। पुलिस ने चोरी की केबल को पंचों की मौजूदगी में जब्त करने की कार्रवाई की। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
12 घंटे के भीतर बरामद हुआ चोरी का माल
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की खास बात यह रही कि शिकायत दर्ज होने के लगभग 12 घंटे के भीतर ही पुलिस ने चोरी गई केबल को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
संपत्ति संबंधी अपराधों में चोरी गए सामान की जल्द बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जाती है। गोवर्धन पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से न केवल चोरी के मामले का खुलासा हुआ, बल्कि फरियादी की चोरी गई संपत्ति भी पुलिस ने बरामद कर ली।
एसपी के निर्देश पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों में चोरी गए माल की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार निर्देश दिए गए हैं।
इन्हीं निर्देशों के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्री रामदास प्रजापति एवं एसडीओपी श्री आनंद राय के कुशल मार्गदर्शन में गोवर्धन थाना पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर चोरी की केबल के संबंध में जानकारी जुटाई और सूचना के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
आरोपी को न्यायालय में किया पेश
चोरी की केबल बरामद करने के बाद पुलिस ने आरोपी नीलम रावत को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस द्वारा मामले की विवेचना जारी है। जांच के दौरान चोरी की वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की घटना को किस परिस्थिति में अंजाम दिया गया और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में गोवर्धन थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तेजी से जांच शुरू की और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़कर चोरी का माल बरामद किया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी गोवर्धन उपनिरीक्षक सौरभ तोमर, सहायक उपनिरीक्षक दशरथ सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक 1017 रवि कन्नौजी, आरक्षक 179 हुकुम सिंह, आरक्षक 473 रफीक खान, आरक्षक 752 शैलेन्द्र धाकड़, आरक्षक 740 रविन्द्र शर्मा एवं आरक्षक 24 चालक अजीम खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की नजर
गोवर्धन थाना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि संपत्ति संबंधी अपराधों में चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
400 फीट केबल की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की त्वरित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। शिकायत के बाद कम समय में पुलिस द्वारा आरोपी तक पहुंचना और चोरी का माल बरामद करना इस मामले में कार्रवाई की अहम कड़ी रही।
फिलहाल आरोपी न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है और पुलिस मामले की आगे की विवेचना में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद चोरी की घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है।