बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर में मेडिकल कॉलेज के पीछे निर्माणाधीन शहरी आवास योजना में काम कर रहे करीब 180 मजदूरों को पिछले डेढ़ महीने से मजदूरी नहीं मिलने का मामला सामने आया है। मजदूरी का भुगतान नहीं होने से परेशान मजदूर सोमवार शाम भुगतान की मांग को लेकर एक्सिस बैंक पहुंचे और अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। मजदूरों का आरोप है कि वे लगातार ठेकेदार से मजदूरी मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें बार-बार बैंक से भुगतान नहीं आने की बात कहकर टाल दिया जाता है।
मजदूरों के मुताबिक लंबे समय से मजदूरी नहीं मिलने के कारण उनके सामने घर चलाने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने की परेशानी खड़ी हो गई है। सोमवार को बड़ी संख्या में मजदूर बैंक पहुंचे और भुगतान जल्द कराने की मांग की।
डेढ़ महीने से नहीं मिली मजदूरी
दमोह जिले के रहने वाले मजदूर कन्हैया लाल राठौर ने बताया कि वह अन्य मजदूरों के साथ ठेकेदार गुलशन जैन के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के पीछे बन रही शहरी आवास योजना में निर्माण कार्य कर रहे हैं।
कन्हैया लाल के अनुसार, उन्हें करीब डेढ़ महीने से मजदूरी का भुगतान नहीं मिला है। मजदूरों द्वारा लगातार ठेकेदार से संपर्क कर भुगतान की मांग की जा रही है। आरोप है कि हर बार उन्हें यह कहकर इंतजार करने को कहा जाता है कि बैंक से पैसा नहीं आया है।
मजदूरों का कहना है कि वे रोजाना निर्माण स्थल पर मेहनत कर रहे हैं, लेकिन समय पर मजदूरी नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इसी परेशानी के चलते सोमवार को मजदूर बैंक पहुंचे।
बैंक में जमा हुई 92 लाख की NEFT
मामले में प्रोजेक्ट डायरेक्टर रूपेश ठाकुर ने बताया कि मजदूरों के भुगतान के लिए बैंक में करीब 92 लाख रुपए की NEFT 20 जुलाई को जमा की गई थी। इसके बावजूद अभी तक मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है।
रूपेश ठाकुर के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में करीब 180 मजदूर काम कर रहे हैं और भुगतान नहीं होने के कारण सभी मजदूर प्रभावित हैं। उनका कहना है कि राशि भुगतान के लिए उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन बैंक स्तर पर किसी कारण से भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
उन्होंने बताया कि बैंक प्रबंधन की ओर से भुगतान में देरी का कारण सीएमओ के हस्ताक्षर से जुड़ी समस्या बताया गया था। इसके बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से बैंक से संपर्क कर समस्या को दूर कराने का प्रयास किया गया।
हस्ताक्षर अपडेट होने के बाद भी भुगतान नहीं
इस मामले में नगर पालिका के सीएमओ यशवंत राठौर ने बताया कि बैंक की ओर से हस्ताक्षर अपडेट नहीं होने की बात कही गई थी। इसके बाद उन्होंने करीब 10 दिन पहले ही बैंक में अपने हस्ताक्षर अपडेट करा दिए थे।
सीएमओ के मुताबिक, हस्ताक्षर अपडेट होने के बावजूद अभी तक मजदूरों का भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की समस्या को देखते हुए मंगलवार को स्वयं बैंक शाखा जाकर बैंक प्रबंधन से चर्चा की जाएगी, ताकि भुगतान से जुड़ी समस्या को जल्द से जल्द दूर कराया जा सके।
भुगतान अटकने से मजदूर परेशान
मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्य में रोजाना मेहनत करने के बावजूद समय पर मजदूरी नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मजदूर दूसरे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से यहां काम करने के लिए आए हैं। मजदूरी ही उनकी आय का मुख्य साधन है।
मजदूरों का कहना है कि यदि भुगतान में किसी तकनीकी या बैंक संबंधी समस्या के कारण देरी हो रही है तो संबंधित अधिकारी और बैंक प्रबंधन मिलकर इसका जल्द समाधान करें, ताकि उन्हें उनकी मेहनत की राशि मिल सके।
1030 आवासों का है प्रोजेक्ट
मेडिकल कॉलेज के पीछे शहरी आवास योजना के तहत 1030 आवासों के निर्माण का प्रोजेक्ट करीब 10 साल पहले शुरू किया गया था। लंबे समय से चल रहे इस प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य की गति को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, कुल 1030 आवासों में से अब भी करीब 350 आवासों का निर्माण कार्य बाकी है। निर्माण कार्य पूरा होने में लगातार हो रही देरी के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। अब मजदूरों की मजदूरी का भुगतान अटकना भी निर्माण कार्य की गति को प्रभावित करने वाला कारण बन सकता है।
बैंक और नगर पालिका के बीच समाधान की उम्मीद
फिलहाल मजदूरों की नजर मंगलवार को होने वाली बैंक प्रबंधन और नगर पालिका अधिकारियों की बातचीत पर है। यदि 92 लाख रुपए के भुगतान से जुड़ी तकनीकी समस्या दूर हो जाती है तो करीब 180 मजदूरों को उनकी बकाया मजदूरी मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।
मजदूरों ने मांग की है कि उनकी मेहनत की राशि जल्द जारी की जाए, ताकि डेढ़ महीने से चल रही आर्थिक परेशानी खत्म हो सके। वहीं अधिकारियों का कहना है कि भुगतान में आ रही समस्या को दूर कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।