बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के गोंदोलीपुरा गांव का एक मार्मिक मामला शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में देखने को मिला। गांव निवासी 23 वर्षीय अरविंद जाटव अपनी बीमार पत्नी को गोद में उठाकर एसपी कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। युवक ने आरोप लगाया कि गांव के एक व्यक्ति ने उसकी आधा किलो से अधिक चांदी और मजदूरी के 20 हजार रुपये रोक रखे हैं। विरोध करने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देता है और जातिसूचक गालियां भी देता है। युवक का यह भी आरोप है कि बैराड़ थाने में शिकायत करने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला।
अरविंद जाटव ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते उसने अपनी आधा किलो से अधिक चांदी गांव के सतीश शर्मा के पास गिरवी रखी थी। इसके बदले उसे 5 हजार रुपये मिले थे। बाद में उसने सतीश शर्मा के मकान निर्माण में कारीगरी का काम किया और मजदूरी के साथ गिरवी रखी रकम तथा ब्याज भी चुका दिया। इसके बावजूद आरोपी ने उसकी चांदी वापस नहीं की। इतना ही नहीं, मकान निर्माण में किए गए काम की 20 हजार रुपये मजदूरी भी अब तक नहीं दी गई।
पीड़ित का कहना है कि जब उसने अपनी चांदी और मजदूरी के पैसे मांगे तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। डर और निराशा के बीच उसने कई बार बैराड़ थाने में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः वह अपनी बीमार पत्नी को गोद में उठाकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, ताकि अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा सके।
एसपी को दिए आवेदन में अरविंद जाटव ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाए। साथ ही उसकी गिरवी रखी चांदी वापस दिलाई जाए, बकाया मजदूरी का भुगतान कराया जाए और उसे तथा उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
दूसरी ओर, बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने बताया कि यह मामला पहले भी थाने पहुंच चुका है। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई थी। बातचीत के दौरान यह बात सामने आई थी कि अरविंद पर सतीश शर्मा के 5 हजार रुपये अभी शेष थे। थाना प्रभारी के अनुसार, सतीश शर्मा ने कहा था कि जैसे ही बकाया राशि मिल जाएगी, वह गिरवी रखी चांदी वापस कर देगा। पुलिस का कहना है कि उस समय अरविंद ने भी 5 हजार रुपये देकर अपनी चांदी वापस लेने की बात स्वीकार की थी।
थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि अरविंद अचानक एसपी कार्यालय क्यों पहुंचा, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। पुलिस ने दोनों पक्षों को एक बार फिर थाने बुलाया है ताकि पूरे मामले की दोबारा सुनवाई कर तथ्य स्पष्ट किए जा सकें और आपसी विवाद का समाधान निकाला जा सके।
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक ओर पीड़ित चांदी, मजदूरी और धमकी देने के आरोप लगा रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि विवाद का एक हिस्सा बकाया राशि से जुड़ा हुआ है। अब यह मामला पुलिस जांच के अधीन है और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है तथा आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।