बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के पोहरी कस्बे में साइबर ठगों ने एक बार फिर बेहद शातिर तरीके से ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। इस बार ठगों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेवानिवृत्त एसडीओ के व्हाट्सएप अकाउंट को हैक कर उनके परिचित ठेकेदार से 1 लाख 30 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली।
आरोपियों ने खुद को एसडीओ बताकर पहले नेटवर्क समस्या और यूपीआई बंद होने की बात कही, फिर बारकोड और मोबाइल नंबर के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में पैसे अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित को परिचितों से जानकारी मिली कि संबंधित व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है। इसके बाद पीड़ित ने साइबर सेल और पोहरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार, पोहरी की अंसारी कॉलोनी निवासी 39 वर्षीय ठेकेदार उदय सिंह धाकड़ को 28 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 2 बजे उनके मोबाइल पर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ हरिवल्लभ वर्मा के नाम से व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में लिखा था कि नेटवर्क की समस्या के कारण कॉल नहीं लग पा रही है और उनका यूपीआई अकाउंट अस्थायी रूप से बंद हो गया है। साथ ही एक क्यूआर (बारकोड) भेजकर तत्काल एक लाख रुपये की मदद करने का अनुरोध किया गया और भरोसा दिलाया गया कि राशि जल्द वापस कर दी जाएगी।
चूंकि संदेश परिचित अधिकारी के नाम से आया था, इसलिए उदय सिंह धाकड़ को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। उन्होंने अपने फोनपे खाते से पहले 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद दो बार 30-30 हजार रुपये और भेज दिए। इस तरह कुछ ही मिनटों में कुल एक लाख रुपये बारकोड स्कैन कर ट्रांसफर कर दिए गए।
करीब दस मिनट बाद फिर व्हाट्सएप पर एक और संदेश आया, जिसमें 30 हजार रुपये और भेजने के लिए कहा गया। इस बार ठगों ने बहाना बनाया कि बारकोड की ट्रांजेक्शन लिमिट पूरी हो चुकी है, इसलिए राशि सीधे एक मोबाइल नंबर पर भेजनी होगी। इसके बाद 7633065461 नंबर दिया गया, जिस पर भुगतान करते समय 'गोलू कुमार' नाम प्रदर्शित हो रहा था। पीड़ित ने दूसरे बैंक खाते से इस नंबर पर भी 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 1 लाख 30 हजार रुपये साइबर ठगों के खातों में पहुंच गए।
कुछ देर बाद उदय सिंह धाकड़ को उनके परिचितों का फोन आया। उन्होंने बताया कि हरिवल्लभ वर्मा का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है और उनके नाम से पैसे मांगने वाले संदेश भेजे जा रहे हैं। यह जानकारी मिलते ही ठेकेदार के होश उड़ गए। तब तक वह अपने दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर चुके थे।
घटना का एहसास होते ही पीड़ित ने तत्काल साइबर सेल शिवपुरी को सूचना दी और बाद में पोहरी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और डिजिटल ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
इस मामले में जब पीडब्ल्यूडी के एसडीओ हरिवल्लभ वर्मा का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो विभाग से जानकारी मिली कि वह करीब एक माह पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं। विभाग के अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की सूचना सामने आई है, जिसके जरिए परिचित लोगों से पैसे मांगने के संदेश भेजे गए।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल ठग किसी परिचित व्यक्ति का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उसके संपर्कों से पैसे मांगने की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान करने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर बात कर पुष्टि करना जरूरी है। यदि कॉल नहीं लग रही हो तो किसी अन्य माध्यम से संपर्क कर जानकारी अवश्य लें।
पोहरी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से आने वाले किसी भी आर्थिक सहायता संबंधी संदेश पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें। यदि किसी परिचित के नाम से पैसे मांगने का संदेश मिले तो पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
साथ ही साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते रकम को होल्ड कराने का प्रयास किया जा सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और साइबर ठगों की तलाश जारी है।