रक्षाबंधन पर जेल में दिखा भावुक माहौल, जांच के बाद परिजनों को मिला प्रवेश; भाइयों को मिठाई खिलाकर मनाया पर्व
खबर:शिवपुरी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को शिवपुरी सर्किल जेल में भावनाओं से भरा माहौल देखने को मिला। जेल की चारदीवारी के बीच बंदियों और उनके परिवारों के बीच मुलाकात का विशेष इंतजाम किया गया। शासन से अनुमति मिलने के बाद बड़ी संख्या में बंदियों की माता, बहनें और अन्य परिजन जेल पहुंचे। सुरक्षा जांच और तलाशी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया, जहां उन्होंने अपने बंदी भाइयों और परिजनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
रक्षाबंधन के अवसर पर शिवपुरी सर्किल जेल में कुल 272 बंदियों से 1088 परिजनों ने मुलाकात की। इनमें 9 महिला बंदियों से हुई मुलाकातें भी शामिल रहीं। पर्व के मौके पर बड़ी संख्या में परिजनों के पहुंचने के कारण जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती।
जेल गेट पर सख्त जांच के बाद मिला प्रवेश
रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन ने पहले से ही विशेष व्यवस्थाएं कर रखी थीं। जेल परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक परिजन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच और तलाशी की गई। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए जेल गेट से लेकर मुलाकात स्थल तक अधिकारी और कर्मचारी लगातार निगरानी करते रहे।
जेल प्रशासन के अनुसार, परिजनों को गहन जांच के बाद ही मुलाकात के लिए प्रवेश दिया गया। सुरक्षा जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई। पूरी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया गया।
बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी
जैसे ही बहनों को अपने भाइयों से मिलने का अवसर मिला, जेल परिसर में रक्षाबंधन की खुशियां नजर आने लगीं। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उन्हें मिठाई खिलाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
कई परिवारों के लिए यह मुलाकात भावुक कर देने वाली रही। जेल में बंद अपने भाई को सामने देखकर कई बहनों की आंखें नम हो गईं। वहीं, लंबे समय बाद मां, बहन और अन्य परिजनों को सामने देखकर कई बंदी भी भावुक नजर आए। कुछ देर की यह मुलाकात उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास रही।
मिठाई खिलाकर साझा की पर्व की खुशियां
रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के रिश्ते की मिठास जेल की चारदीवारी के बीच भी दिखाई दी। बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाई और उनकी सलामती की कामना की। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी बंदियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।
हालांकि मुलाकात जेल प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और व्यवस्थाओं के तहत ही कराई गई। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए परिजनों और बंदियों को निर्धारित समय में मुलाकात का अवसर दिया गया।
1088 परिजनों की मुलाकात, प्रशासन रहा अलर्ट
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में परिजनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जेल प्रशासन पहले से सतर्क रहा। 272 बंदियों से 1088 परिजनों की मुलाकात के दौरान व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती थी। इसके बावजूद पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।
जेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुलाकात के दौरान लगातार निगरानी रखी। प्रवेश से लेकर मुलाकात और फिर परिजनों के बाहर निकलने तक निर्धारित नियमों का पालन कराया गया। किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
जांच में नहीं मिली कोई अवैध सामग्री
जेल प्रशासन की ओर से बताया गया कि रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित विशेष मुलाकात के दौरान सुरक्षा जांच में किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई। जेल परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरती गई।
जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहार के अवसर पर परिजनों को अपने बंदी परिजनों से मिलने की अनुमति दी गई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया गया। निर्धारित नियमों के अनुसार जांच के बाद ही सभी परिजनों को मुलाकात के लिए प्रवेश दिया गया।
मुलाकात का समय पूरा होते ही हुई बंदियों की गिनती
मुलाकात का निर्धारित समय पूरा होने के बाद जेल प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया के अगले चरण को भी बेहद सतर्कता के साथ पूरा किया। सभी बंदियों की गिनती की गई और लॉकअप का मिलान किया गया। बंदियों की संख्या और रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद उन्हें सुरक्षित रूप से उनके निर्धारित लॉकअप में वापस भेज दिया गया।
जेल प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया कि मुलाकात के बाद सभी बंदी निर्धारित स्थान पर वापस पहुंच गए हैं। पूरी प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
चारदीवारी के बीच रिश्तों की गर्माहट
रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट रिश्ते का पर्व है। आमतौर पर यह पर्व परिवारों के बीच हंसी-खुशी से मनाया जाता है, लेकिन जेल में बंद लोगों के लिए अपने परिजनों से मिलने का अवसर अलग ही भावनात्मक महत्व रखता है। शुक्रवार को शिवपुरी सर्किल जेल में भी कुछ ऐसा ही माहौल दिखाई दिया।
एक ओर जेल की सुरक्षा व्यवस्था और नियम थे, तो दूसरी ओर बहनों के हाथों में राखियां और भाइयों के लिए स्नेह था। कई परिवारों के लिए यह मुलाकात कुछ समय के लिए ही सही, लेकिन उन्हें अपनों के करीब लेकर आई।
राखी बांधते समय बहनों ने अपने भाइयों की खुशहाली और सुरक्षित भविष्य की कामना की। वहीं, बंदियों ने भी अपनी बहनों और परिवार के सदस्यों से बातचीत की। इस दौरान कई भावुक दृश्य भी देखने को मिले।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई विशेष मुलाकात
रक्षाबंधन के अवसर पर शिवपुरी सर्किल जेल में आयोजित विशेष मुलाकात की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। बड़ी संख्या में परिजनों के पहुंचने के बावजूद जेल प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखा।
272 बंदियों से 1088 परिजनों की मुलाकात, बहनों द्वारा राखी बांधना, मिठाई खिलाना और परिवार के सदस्यों का भावुक होना—रक्षाबंधन पर शिवपुरी जेल में रिश्तों की यह मुलाकात कई परिवारों के लिए यादगार बन गई। जेल प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का पालन कराते हुए पर्व के अवसर पर बंदियों और उनके परिजनों को मुलाकात का अवसर उपलब्ध कराया और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया।