कबाड़ी की दुकान पर 350 पुराने और 5 नए बिजली मीटर मिले:निजी कंपनी पर FIR

Nikk Pandit
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पोहरी में स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी पर गंभीर सवाल, गुना नाका औद्योगिक क्षेत्र की कबाड़ दुकान से मिले मीटर; विद्युत विभाग की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

खबर:शिवपुरी जिले के पोहरी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के काम से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के गुना नाका औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कबाड़ी की दुकान से बड़ी संख्या में पुराने सरकारी बिजली मीटर मिलने के बाद विद्युत विभाग ने संबंधित निजी कंपनी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। जांच के दौरान कबाड़ दुकान से करीब 350 पुराने बिजली मीटर और 5 नए स्मार्ट मीटर बरामद होने की बात सामने आई है।

विद्युत विभाग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मैसर्स अल्फनार पावर प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कंपनी को पोहरी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम सौंपा गया था। विभाग के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान पुराने बिजली मीटरों को निकालकर संबंधित पोहरी वितरण केंद्र में जमा कराया जाना था। लेकिन आरोप है कि पुराने मीटर निर्धारित स्थान पर जमा होने के बजाय कबाड़ की दुकान तक पहुंच गए।

पुराने मीटर कबाड़ की दुकान पर मिलने से मचा हड़कंप

मामले की शुरुआत 19 अगस्त को हुई, जब विद्युत कर्मचारी रविकांत बोहरे से पुराने बिजली मीटरों के संबंध में जानकारी विभागीय अधिकारियों को मिली। जानकारी मिलने के बाद वेस्ट जोन के प्रबंधक रविंद्र सिंह जैन गुना नाका औद्योगिक क्षेत्र पहुंचे।

अधिकारी जब महेंद्र खटीक की कबाड़ दुकान पर पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में बिजली के मीटर रखे हुए मिले। मौके पर रखे मीटरों की जांच की गई तो उनमें लगी पर्चियों और पहचान संबंधी विवरण से उनके पोहरी वितरण केंद्र से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।

बड़ी संख्या में सरकारी बिजली मीटर एक निजी कबाड़ दुकान में मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर जांच शुरू की।

जांच में 350 पुराने मीटर और 5 स्मार्ट मीटर मिले

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपसंभाग शिवपुरी ग्रामीण के प्रबंधक आशुतोष कुमार सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान कबाड़ दुकान में करीब 350 पुराने सरकारी बिजली मीटर पाए गए। इसके अलावा 5 नए स्मार्ट मीटर भी मौके पर रखे मिले।

विद्युत विभाग के अधिकारियों ने मीटरों से संबंधित जानकारी जुटाई और उनकी पहचान के लिए उपलब्ध दस्तावेजों तथा पर्चियों की जांच की। विभाग का कहना है कि बरामद मीटरों का संबंध पोहरी वितरण केंद्र से होने की जानकारी सामने आई है।

इस पूरी कार्रवाई के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी व्यवस्था से जुड़े इतने बड़ी संख्या में मीटर आखिर कबाड़ की दुकान तक कैसे पहुंचे और उन्हें वहां किस उद्देश्य से रखा गया था।

कंपनी को मिला था स्मार्ट मीटर लगाने का काम

जानकारी के अनुसार, पोहरी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम मैसर्स अल्फनार पावर प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम को दिया गया था। कंपनी के कर्मचारी क्षेत्र में पुराने बिजली मीटर हटाकर उनकी जगह नए स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य कर रहे थे।

विद्युत विभाग के अनुसार, प्रक्रिया के तहत पुराने मीटरों को निकालने के बाद उन्हें संबंधित वितरण केंद्र में जमा कराया जाना था। विभाग का आरोप है कि पुराने मीटर निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोहरी वितरण केंद्र में जमा नहीं कराए गए और वे गुना नाका औद्योगिक क्षेत्र की कबाड़ दुकान तक पहुंच गए।

अब पुलिस और विभागीय जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इन मीटरों को कबाड़ दुकान तक किसने पहुंचाया और इसके पीछे पूरी प्रक्रिया क्या थी।

विद्युत विभाग ने पुलिस को दिया आवेदन

मामला सामने आने के बाद विद्युत विभाग के कनिष्ठ यंत्री उपेंद्र कुमार ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के साथ कंपनी को सौंपे गए कार्य आदेश की सत्यापित प्रति और कबाड़ दुकान पर मिले मीटरों से संबंधित तस्वीरें भी पुलिस को उपलब्ध कराई गईं।

विभाग की ओर से पुलिस से मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सरकारी सामान के गलत इस्तेमाल का आरोप

विद्युत विभाग ने आरोप लगाया है कि पुराने सरकारी मीटरों को निर्धारित वितरण केंद्र में जमा कराने के बजाय कबाड़ की दुकान तक पहुंचाना नियमों के विपरीत है। विभाग ने इसे सरकारी सामग्री के गलत इस्तेमाल से जुड़ा मामला माना है।

हालांकि मामले में कंपनी की ओर से अभी कोई पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मीटर कबाड़ दुकान तक कैसे पहुंचे, उन्हें वहां किसने पहुंचाया और इस पूरी प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।

5 नए स्मार्ट मीटर मिलने से भी सवाल

पुराने मीटरों के साथ कबाड़ दुकान पर 5 नए स्मार्ट मीटर मिलने से भी मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। पुराने मीटरों के कबाड़ में पहुंचने को लेकर विभाग पहले ही जांच कर रहा है, वहीं नए स्मार्ट मीटर वहां कैसे पहुंचे, यह भी जांच का विषय बन गया है।

विद्युत विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में कंपनी के कर्मचारियों, संबंधित वितरण केंद्र और कबाड़ दुकान से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा सकती है।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

फिलहाल पुलिस ने विद्युत विभाग की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। विभागीय स्तर पर भी मीटरों के रिकॉर्ड, स्टॉक और स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान यदि यह साबित होता है कि सरकारी मीटरों को नियमों के विपरीत कबाड़ में बेचा या पहुंचाया गया था, तो मामले में संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

पोहरी में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया के बीच सामने आए इस मामले ने विद्युत विभाग की सामग्री की निगरानी और निजी कंपनियों के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि करीब 350 पुराने सरकारी मीटर और 5 नए स्मार्ट मीटर कबाड़ दुकान तक किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस पूरे मामले में जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

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