मकानों के पास झूलते रहे बिजली के तार, बिजली गुल होने से टला करंट का खतरा; स्थानीय लोगों ने विद्युत व्यवस्था की सुरक्षा पर उठाए सवाल
खबर:शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र स्थित मीट मार्केट में रविवार दोपहर भारी बारिश के बीच अचानक बिजली का पोल सड़क पर गिर गया। पोल गिरने के बाद बिजली के तार सड़क पर फैल गए और आसपास के मकानों के बेहद करीब झूलने लगे। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। गनीमत रही कि जिस समय बिजली का पोल गिरा, उस समय क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद थी। इसके चलते तारों में करंट नहीं था और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
घटना रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है। उस समय क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। बारिश के कारण सामान्य दिनों की तुलना में सड़क पर आवाजाही भी कम थी। इसी दौरान अचानक बिजली का पोल कमजोर होकर सड़क की ओर गिर गया। पोल के साथ बिजली के तार भी नीचे आ गए और सड़क तथा आसपास के मकानों के नजदीक झूलने लगे।
बिजली गुल होने से टला बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पोल गिरने के समय यदि बिजली की सप्लाई चालू होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। बिजली के तार सड़क पर गिरने के साथ ही आसपास के लोगों के संपर्क में आने की आशंका बनी हुई थी। हालांकि उस समय विद्युत आपूर्ति बंद होने के कारण तारों में करंट नहीं था।
बारिश के दौरान सड़क और जमीन पर पानी जमा होने की स्थिति में करंट फैलने का खतरा और अधिक रहता है। ऐसे में बिजली गुल होना लोगों के लिए राहत की बात रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिजली चालू होती और उसी समय सड़क पर लोगों की भीड़ मौजूद रहती, तो गंभीर जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
सड़क पर फैले बिजली के तार
पोल गिरने के बाद विद्युत तार सड़क के हिस्से में फैल गए। कुछ तार आसपास के मकानों के काफी नजदीक तक झूलते दिखाई दिए। इससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई। लोगों ने सुरक्षा की दृष्टि से घटनास्थल से दूरी बनाए रखी और दूसरे लोगों को भी तारों के पास नहीं जाने की सलाह दी।
बारिश के बीच बिजली का पोल गिरने की घटना ने क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के पोल और तारों की समय-समय पर जांच होना जरूरी है, ताकि कमजोर या क्षतिग्रस्त पोल को समय रहते बदला जा सके।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
मीट मार्केट क्षेत्र में बिजली का पोल गिरने की घटना ऐसे समय हुई, जब शहर में बारिश का दौर चल रहा था। बारिश के कारण बिजली के पोल और तारों पर अतिरिक्त जोखिम बना रहता है। यदि कोई कमजोर पोल तेज हवा या बारिश के कारण गिरता है तो उसके साथ जुड़े तार भी टूटकर जमीन पर गिर सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के तार मकानों और सड़क के काफी करीब होने के कारण सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंता बनी रहती है। उनका आरोप है कि विद्युत लाइनों और पोल की स्थिति की नियमित जांच की जरूरत है। खासतौर पर ऐसे स्थानों पर जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां विद्युत सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
लोगों ने की जांच और स्थायी समाधान की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सिर्फ गिरे हुए पोल को हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह भी जांच होनी चाहिए कि पोल क्यों गिरा और उसकी स्थिति पहले से कमजोर थी या नहीं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में लगे अन्य बिजली के पोल और तारों का भी निरीक्षण कराया जाए। यदि कहीं पोल जर्जर या कमजोर स्थिति में हैं तो उन्हें समय रहते बदल दिया जाए। साथ ही मकानों के नजदीक झूल रहे तारों को व्यवस्थित करने की भी मांग की गई है।
बड़ा हादसा टलने के बाद भी चिंता बरकरार
रविवार की घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। बिजली आपूर्ति बंद होने और बारिश के कारण सड़क पर अपेक्षाकृत कम आवाजाही होने से स्थिति नियंत्रण में रही। लेकिन घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि यदि बिजली का पोल अचानक गिर जाए तो कुछ ही सेकंड में बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना एक चेतावनी की तरह है। यदि समय रहते विद्युत पोल और तारों की स्थिति की जांच नहीं की गई तो भविष्य में इसी तरह की घटना के दौरान जनहानि हो सकती है।
विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मीट मार्केट में बिजली का पोल गिरने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो रहा है। लोगों का कहना है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में विद्युत पोल और तारों का नियमित निरीक्षण होना चाहिए। जर्जर पोल को समय रहते बदलने के साथ ही ढीले और झूलते तारों को भी व्यवस्थित किया जाना जरूरी है।
फिलहाल रविवार को हुई घटना में बिजली बंद होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। लेकिन सड़क पर गिरे पोल और आसपास झूलते तारों ने स्थानीय लोगों को कुछ समय के लिए दहशत में डाल दिया। लोगों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि घटनास्थल की जांच कर आवश्यक सुधार कार्य कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो और बारिश के मौसम में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।