मेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एंटी-रैगिंग पोर्टल तक पहुंचा; सीनियर छात्रों ने लगाया विरोध दबाने का आरोप, प्रबंधन ने जांच शुरू की
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा स्थित यूआईटी आरजीपीवी कॉलेज में मेस व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद अब रैगिंग की शिकायत तक पहुंच गया है। कॉलेज के करीब 5 से 6 सीनियर छात्रों के खिलाफ एंटी-रैगिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में छात्र गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।
जहां सीनियर छात्रों का आरोप है कि मेस में भोजन की गुणवत्ता को लेकर उनके द्वारा आवाज उठाए जाने के बाद उन्हें रैगिंग के मामले में निशाना बनाया जा रहा है, वहीं जूनियर छात्रों ने कुछ सीनियर छात्रों पर मेस संचालक को हटाने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि दोनों पक्षों से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है और एंटी-रैगिंग शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
मेस के खाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, कॉलेज में मेस के भोजन की गुणवत्ता को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। कंप्यूटर साइंस थर्ड ईयर के छात्र निखिन मिश्रा और चंद्र कुमार सहित अन्य सीनियर छात्रों का कहना है कि मेस में भोजन की गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायत की गई थी।
छात्रों का दावा है कि भोजन में कथित तौर पर कीड़े मिलने और बासी खाना परोसे जाने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। छात्रों ने इस मामले को लेकर अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। बताया गया कि मामले को लेकर कलेक्टर से भी शिकायत की गई थी और मेस संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी।
सीनियर छात्रों का कहना है कि मेस की व्यवस्था में सुधार की मांग करना उनका अधिकार है और इसी मुद्दे को लेकर वे विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे।
हॉस्टल कमरों की जांच का भी दावा
सीनियर छात्रों ने आरोप लगाया कि मेस विवाद के बाद उन्हें निशाना बनाया जाने लगा। उनके मुताबिक, थर्ड ईयर के कुछ छात्रों के हॉस्टल कमरों की जांच भी कराई गई।
छात्रों का दावा है कि जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। इसके बाद कुछ सीनियर छात्रों के खिलाफ एंटी-रैगिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
सीनियर छात्रों ने आरोप लगाया कि मेस संचालक के खिलाफ उनके विरोध को रोकने के लिए रैगिंग की शिकायत का सहारा लिया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
फूड लाइसेंस को लेकर भी उठाए सवाल
मेस को लेकर चल रहे विवाद में सीनियर छात्रों ने मेस संचालक के पास फूड लाइसेंस नहीं होने का आरोप भी लगाया है। छात्रों का कहना है कि यदि मेस में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है तो खाद्य सुरक्षा से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और मानकों की भी जांच होनी चाहिए।
हालांकि, फूड लाइसेंस से संबंधित इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से भी इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट किए जाने की बात कही गई है।
जूनियर छात्रों ने बताई अलग तस्वीर
वहीं, फर्स्ट ईयर के छात्रों ने सीनियर छात्रों के आरोपों से अलग तस्वीर पेश की है। अभय जादौन, शुभम धाकड़ सहित अन्य जूनियर छात्रों का कहना है कि उन्हें मेस में मिलने वाले भोजन को लेकर कोई बड़ी परेशानी नहीं है।
जूनियर छात्रों के अनुसार मेस में भोजन की व्यवस्था ठीक है और मेस संचालक का व्यवहार भी अच्छा है। उनका दावा है कि करीब 100 विद्यार्थी प्रतिदिन मेस में भोजन करते हैं।
जूनियर छात्रों ने कुछ सीनियर छात्रों पर मेस संचालक को हटाने के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि कुछ सीनियर छात्र मेस संचालक को पैसे नहीं देते और बाहर से खाना मंगाकर खाते हैं।
दो पक्षों के दावों से बढ़ा विवाद
मेस विवाद में अब छात्रों के दो अलग-अलग पक्ष सामने आ गए हैं। एक ओर थर्ड ईयर के छात्र भोजन की गुणवत्ता और मेस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर फर्स्ट एवं अन्य जूनियर छात्र मेस संचालक के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं।
यही विवाद अब एंटी-रैगिंग शिकायत तक पहुंच गया है। सीनियर छात्रों का कहना है कि उन्हें मेस के मुद्दे पर विरोध करने से रोकने के लिए रैगिंग के मामले में फंसाया जा रहा है, जबकि शिकायत करने वाले छात्रों के आरोपों की जांच अभी बाकी है।
डायरेक्टर बोले- दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच जारी
मामले को लेकर यूआईटी आरजीपीवी के डायरेक्टर एसके धाकड़ ने बताया कि थर्ड ईयर के छात्रों की ओर से मेस संचालक को हटाने संबंधी शिकायत की गई है। दूसरी ओर फर्स्ट और सेकेंड ईयर के छात्रों ने मेस संचालक को बनाए रखने के लिए आवेदन दिया है और भोजन व्यवस्था पर संतुष्टि जताई है।
डायरेक्टर के अनुसार, छात्रों को भोजन को लेकर परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक भोजन व्यवस्था की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एंटी-रैगिंग पोर्टल पर करीब 5 से 6 सीनियर छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। मामले में दिल्ली से प्रतिवेदन मांगा गया है। शिकायत की जांच पूरी होने के बाद कॉलेज प्रबंधन अपनी रिपोर्ट संबंधित स्तर पर भेजेगा।
जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी स्थिति
फिलहाल कॉलेज में मेस विवाद और रैगिंग शिकायत दोनों मामलों को लेकर जांच जारी है। सीनियर छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप और जूनियर छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
रैगिंग से संबंधित शिकायत में कॉलेज प्रबंधन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत तथ्यों की जांच की जा रही है। वहीं मेस व्यवस्था को लेकर भी छात्रों की शिकायतों और मांगों को देखा जा रहा है।
अब निगाह इस बात पर है कि एंटी-रैगिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और मेस विवाद को लेकर कॉलेज प्रबंधन की अंतिम रिपोर्ट क्या निष्कर्ष देती है। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों को लेकर कॉलेज परिसर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।