बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले किसानों के लिए पशुधन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण आधार होता है। ऐसे में एक साथ 10 भैंसों के लापता होने से किसान बद्री कुशवाह और उसके परिवार की चिंता बढ़ गई थी। लेकिन सुभाषपुरा थाना पुलिस ने लगातार तलाश और जंगल सर्चिंग के बाद किसान की सभी 10 लापता भैंसों को खोज निकाला। पुलिस ने सभी पशुओं को सुरक्षित हालत में उनके मालिक किसान को सुपुर्द कर दिया।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद किसान और उसके परिवार के चेहरे पर खुशी लौट आई। ग्रामीणों ने पुलिस टीम की तत्परता की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।
रात में गायब हुईं 10 भैंसें, किसान की बढ़ी चिंता
पुलिस के अनुसार ग्राम गुरावल निवासी बद्री कुशवाह पुत्र रामजीलाल कुशवाह, उम्र 45 वर्ष की 10 भैंसें 1 अगस्त 2026 की रात गांव से अचानक गायब हो गई थीं। किसान ने जब अपने पशुओं की तलाश की तो वे कहीं नहीं मिले।
एक साथ 10 पशुओं के गायब होने के बाद किसान ने मामले की सूचना सुभाषपुरा पुलिस को दी। पशुधन किसान के परिवार की आजीविका से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उनकी तलाश शुरू कर दी।
थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान ने संभाली कमान
मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी सुभाषपुरा उपनिरीक्षक अरविंद सिंह चौहान ने पुलिस टीम को सक्रिय किया। पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया।
पशुओं की तलाश के लिए पुलिस टीम ने लगातार संभावित क्षेत्रों में जंगल सर्चिंग की। टीम ने गांव के आसपास के इलाकों के साथ उन स्थानों पर भी तलाश की, जहां पशुओं के पहुंचने की संभावना थी।
पुलिस की टीम कई दिनों तक लगातार पशुओं की तलाश में जुटी रही। इस दौरान मुखबिरों से भी लगातार जानकारी जुटाई गई।
मुखबिर की सूचना ने दिखाया रास्ता
लगातार तलाश के बीच 8 अगस्त को पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना के आधार पर थाना पुलिस ने किसान को साथ लिया और पुलिस बल के साथ गुम हुई भैंसों की तलाश में रवाना हुई।
तलाश करते हुए पुलिस टीम गसवानी थाना क्षेत्र तक पहुंची। यहां पुलिस ने जंगल और आसपास के इलाकों में पशुओं की तलाश शुरू की।
इसी दौरान पुलिस टीम को दूधवाली पुलिया के पास जंगल में किसान की भैंसें दिखाई दीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पशुओं की पहचान कराई।
खुशी की बात यह रही कि किसान की सभी 10 भैंसें सुरक्षित और अच्छी हालत में चरती हुई मिलीं।
एक-एक कर सभी 10 भैंसें किसान को सौंपीं
पुलिस टीम ने अपने साथ मौजूद कर्मचारियों की मदद से सभी 10 पशुओं को सुरक्षित एकत्र किया। इसके बाद पशुओं की पहचान सुनिश्चित करने के बाद उन्हें उनके मालिक बद्री कुशवाह को सुपुर्द कर दिया गया।
कई दिनों से अपने पशुओं की तलाश में परेशान किसान को जब अपनी सभी भैंसें सुरक्षित मिल गईं तो उसके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। परिवार के लिए यह राहत की बड़ी खबर थी।
किसान और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना की और कहा कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार पशुओं की तलाश की, जिसके चलते किसान को उसका पशुधन वापस मिल सका।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चल रही कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों में माल-मसरूका की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में जिले के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति एवं एसडीओपी शिवपुरी सचिन कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में सुभाषपुरा थाना पुलिस ने पशु मालिक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तलाश अभियान चलाया।
हालांकि इस मामले में पुलिस की प्राथमिकता लापता पशुओं को सुरक्षित बरामद करना रही। पुलिस ने संभावित स्थानों पर लगातार सर्चिंग की और मुखबिर तंत्र की मदद से आखिरकार सभी पशुओं को खोज निकाला।
किसान के लिए पशुधन लौटना बड़ी राहत
किसान के लिए एक साथ 10 भैंसों का गायब होना बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता था। ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालन अनेक परिवारों की आय का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में पशुओं की सुरक्षित बरामदगी किसान के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई से न केवल किसान को उसका पशुधन वापस मिला, बल्कि ग्रामीणों के बीच पुलिस के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ है।
इन पुलिसकर्मियों की रही विशेष भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि अरविंद सिंह चौहान के साथ सउनि महेशदत्त शर्मा, आरक्षक 966 अवधेश शर्मा, आरक्षक 463 संजय सिंह जाट, आरक्षक 274 धर्मेंद्र शर्मा, आरक्षक 321 महेंद्र कुशवाह, आरक्षक 431 सलमान खान, आरक्षक 598 अर्जुन सिंह जाट तथा प्रधान आरक्षक चालक 501 राजेश मिश्रा की विशेष भूमिका रही।
पुलिस टीम द्वारा लगातार जंगल में सर्चिंग और मुखबिर सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप किसान की सभी 10 भैंसें सुरक्षित मिल सकीं।
सुभाषपुरा पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि ग्रामीणों की छोटी-बड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेकर समय पर कार्रवाई की जाए तो पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता और मजबूत होता है।