सांदीपनि स्कूल खनियाधाना के प्राचार्य निलंबित:5 शिक्षकों पर भी कार्रवाई

Nikk Pandit
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प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट अंकों में हेरफेर का मामला; कलेक्टर के प्रतिवेदन के बाद संभागायुक्त ने की कार्रवाई, शिक्षकों को 7 दिन में आरोप पत्र जारी करने के निर्देश

खबर:शिवपुरी जिले के खनियाधाना स्थित शासकीय सांदीपनि विद्यालय में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा के प्रैक्टिकल एवं प्रोजेक्ट अंकों में कथित गंभीर अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में ग्वालियर संभागायुक्त श्री मनोज खत्री ने विद्यालय के प्राचार्य श्री टेकचंद जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय निर्धारित किया गया है।

यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के बाद की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच दल गठित किया गया था। संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट में परीक्षा के प्रैक्टिकल एवं प्रोजेक्ट अंकों से संबंधित रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है।

ऑनलाइन पोर्टल पर अंक दर्ज करने में हेरफेर का आरोप

जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, विद्यालय में परीक्षक द्वारा दिए गए मूल अंकों को बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करते समय कथित तौर पर हेरफेर की गई। आरोप है कि कुछ विद्यार्थियों के मूल अंकों में बदलाव कर उन्हें अधिक अंक प्रदान किए गए।

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि परीक्षा प्रभारी और कुछ शिक्षकों के बच्चों को नियमों के विपरीत शत-प्रतिशत अंक दिए गए। इसके अलावा कम उपस्थिति वाली कुछ छात्राओं की फर्जी उपस्थिति दर्शाकर उन्हें अधिकतम अंक दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।

जांच दल की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

मामले की शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रशासन द्वारा संयुक्त जांच दल का गठन किया गया था। जांच दल ने विद्यालय से संबंधित रिकॉर्ड, प्रैक्टिकल एवं प्रोजेक्ट अंकों तथा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज जानकारी का परीक्षण किया।

जांच के दौरान मूल रूप से दिए गए अंकों और ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज अंकों के बीच कथित अंतर तथा विद्यार्थियों की उपस्थिति से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की गई। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्राचार्य की भूमिका और विद्यालय में परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे।

कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा द्वारा संभागायुक्त को भेजे गए प्रतिवेदन के बाद संभाग स्तर से मामले में कार्रवाई की गई और प्राचार्य श्री टेकचंद जैन को निलंबित कर दिया गया।

निलंबन अवधि में कलेक्टर कार्यालय रहेगा मुख्यालय

संभागायुक्त श्री मनोज खत्री द्वारा जारी कार्रवाई के तहत प्राचार्य श्री टेकचंद जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय निर्धारित किया गया है।

प्रशासन की इस कार्रवाई को परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और शैक्षणिक रिकॉर्ड की शुचिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा से जुड़े अंकों और रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा।

पांच उच्च माध्यमिक शिक्षकों पर भी होगी कार्रवाई

मामला केवल प्राचार्य के निलंबन तक सीमित नहीं है। इस प्रकरण में संलिप्त बताए गए पांच उच्च माध्यमिक शिक्षकों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

इनमें श्रीमती प्रीति शर्मा, श्री नरेन्द्र रावत, श्री धर्मेन्द्र सिंह बैस, श्री नीरज सोनी और श्री मोहन सोनी शामिल हैं। इन शिक्षकों को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

प्रशासन के अनुसार, संबंधित शिक्षकों द्वारा कारण बताओ नोटिस के जवाब प्रस्तुत किए गए, लेकिन उनके उत्तर संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद संभागायुक्त ने इन सभी शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सात दिन में आरोप पत्र तैयार करने के निर्देश

संभागायुक्त श्री मनोज खत्री ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित पांचों शिक्षकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-14 के तहत कार्रवाई की जाए।

इसके लिए संबंधित विभाग को 7 दिवस के अंदर प्रारूप आरोप पत्र तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। आरोप पत्र में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और संबंधित शिक्षकों की कथित भूमिका को शामिल किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के भविष्य से सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट के अंकों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी विद्यार्थियों के परिणाम और भविष्य पर असर डाल सकती है। यही वजह है कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई।

इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में भी यह संदेश गया है कि परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड तैयार करने और बोर्ड पोर्टल पर अंक दर्ज करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

आगे और स्पष्ट होगी जिम्मेदारी

फिलहाल प्राचार्य को निलंबित किया जा चुका है, जबकि पांच शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी है। आने वाले समय में आरोप पत्र और विभागीय जांच की प्रक्रिया के आधार पर संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और कथित अंक हेरफेर में प्रत्येक संबंधित व्यक्ति की भूमिका किस स्तर तक पाई जाती है।

सांदीपनि विद्यालय खनियाधाना में सामने आया यह मामला परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड से जुड़ी किसी भी अनियमितता पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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