8 दिन से ITBP परिसर में दहशत फैलाए बैठा था तेंदुआ, बकरी बनी चारा तो पिंजरे में फंसा;रेस्क्यू के बाद लोगों ने ली राहत की सांस

Nikk Pandit
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खबर:शिवपुरी जिले में करैरा के भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) परिसर में पिछले करीब 8 से 10 दिनों से दहशत का पर्याय बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए की लगातार चहलकदमी से जहां ITBP परिसर में रहने वाले जवानों और उनके परिवारों में डर का माहौल था, वहीं आसपास के ग्रामीण भी सतर्क होकर आवाजाही कर रहे थे। गुरुवार को वन विभाग की रणनीति काम आई और बकरी के बच्चे को चारे के रूप में इस्तेमाल कर लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया।

तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही ITBP परिसर में राहत की लहर दौड़ गई। कई दिनों से सीसीटीवी कैमरों में नजर आ रहे इस जंगली जानवर को लेकर लोगों में लगातार भय बना हुआ था। लोग शाम ढलने के बाद विशेष सावधानी बरत रहे थे और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी बच रहे थे।

8 से 10 दिन से लगातार दिखाई दे रहा था तेंदुआ

जानकारी के मुताबिक करैरा ITBP परिसर और इसके आसपास पिछले करीब 8 से 10 दिनों से तेंदुए की गतिविधियां लगातार देखी जा रही थीं। कभी परिसर के किसी हिस्से में तो कभी आसपास के क्षेत्र में उसकी मौजूदगी के संकेत मिल रहे थे।

तेंदुए की मौजूदगी का सबसे बड़ा सबूत परिसर में लगे CCTV कैमरे बने। कैमरों में तेंदुआ कई बार कैद हुआ। इसके बाद ITBP परिसर में रहने वाले जवानों के परिवारों और आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गई।

रात के समय तेंदुए की गतिविधियां ज्यादा होने के कारण लोगों ने घरों से निकलने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी। बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचा जाने लगा और परिसर में भी लोग समूह में आवाजाही करने लगे।

कैमरे में दिखा तो वन विभाग ने बनाया पूरा प्लान

तेंदुए की लगातार मौजूदगी की जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग ने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने की रणनीति तैयार की। तेंदुए को पकड़ने के लिए ITBP परिसर में पिंजरा लगाया गया।

वन विभाग ने तेंदुए के व्यवहार और उसकी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए पिंजरे में बकरी के बच्चे को चारे के रूप में रखा। मकसद था कि शिकार की तलाश में आने वाला तेंदुआ पिंजरे के भीतर पहुंचे और सुरक्षित तरीके से उसे पकड़ लिया जाए।

कई घंटों की निगरानी के बाद आखिरकार वन विभाग की रणनीति काम कर गई।

रात में शिकार के चक्कर में खुद फंस गया शिकारी

बीती रात तेंदुआ बकरी के बच्चे का शिकार करने के प्रयास में पिंजरे के भीतर पहुंचा और जैसे ही वह अंदर गया, पिंजरा बंद हो गया। इस तरह कई दिनों से ITBP परिसर और आसपास के लोगों के लिए डर का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की पकड़ में आ गया।

सुबह तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया।

रेंजर के नेतृत्व में पहुंची टीम

तेंदुए के पिंजरे में फंसने की सूचना मिलने के बाद करैरा रेंजर लक्ष्मण सिंह मीणा के नेतृत्व में वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। इसके साथ ही माधव नेशनल पार्क की रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंची।

रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी के साथ तेंदुए को पिंजरे से बाहर निकाला और उसे सुरक्षित नियंत्रण में लिया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों को भी सुरक्षित दूरी पर रखा गया।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ स्वस्थ है और उसके शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं।

मेडिकल जांच के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा

वन विभाग के अनुसार तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर उसे सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़े जाने की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक तेंदुए को माधव टाइगर रिजर्व क्षेत्र के जंगल में सुरक्षित छोड़े जाने की संभावना है। हालांकि अंतिम निर्णय मेडिकल परीक्षण और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद लिया जाएगा।

बकरी बनी चारा, वन विभाग की रणनीति सफल

इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे अहम भूमिका वन विभाग की रणनीति की रही। तेंदुआ लगातार इलाके में घूम रहा था और CCTV कैमरों में उसकी मौजूदगी सामने आने के बावजूद उसे पकड़ना आसान नहीं था।

ऐसे में वन विभाग ने उसकी शिकार करने की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए पिंजरे में बकरी के बच्चे को चारे के रूप में रखा। तेंदुआ जैसे ही शिकार के इरादे से पिंजरे में पहुंचा, वह उसमें कैद हो गया।

यानी जिस तेंदुए की वजह से पिछले कई दिनों से इलाके में डर का माहौल था, आखिरकार उसी की शिकार की तलाश उसे वन विभाग के पिंजरे तक ले आई।

तेंदुआ पकड़ा गया तो लौटी सामान्य जिंदगी

तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ITBP परिसर में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। पिछले कई दिनों से लोग लगातार डर के साए में रह रहे थे।

शाम के बाद बाहर निकलने से बचना, बच्चों को अकेले नहीं भेजना और आसपास तेंदुए की मौजूदगी को लेकर सतर्क रहना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया था।

अब तेंदुए के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद लोगों को उम्मीद है कि परिसर और आसपास का क्षेत्र फिर सामान्य हो सकेगा।

बड़ा सवाल: जंगल से आबादी तक क्यों पहुंच रहे वन्यजीव?

करैरा में तेंदुए के रेस्क्यू की यह घटना एक बार फिर जंगल और आबादी के बीच बढ़ते संपर्क को लेकर सवाल खड़े करती है। जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों की गतिविधियां अक्सर ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के परिवारों के लिए चुनौती बन जाती हैं।

हालांकि इस मामले में राहत की बात यह रही कि तेंदुए ने किसी इंसान पर हमला नहीं किया और वन विभाग ने उसे समय रहते सुरक्षित पकड़ लिया।

फिलहाल करैरा ITBP परिसर में कई दिनों से पसरा तेंदुए का खौफ खत्म हो गया है। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है और अब उसकी मेडिकल जांच के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में भेजने की तैयारी है।

कई दिनों तक कैमरों में दिखाई देने वाला तेंदुआ आखिरकार पिंजरे में कैद हुआ और उसके पकड़े जाते ही ITBP परिसर के परिवारों के चेहरों पर डर की जगह राहत नजर आने लगी।

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