बैराड़ CHC में डॉक्टर पर गिरी गाज:एमएसडब्ल्यू कर्मचारियों को काम से रोकने के आरोप में डॉ. राजू सिंह कार्यमुक्त

Nikk Pandit
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खबर:शिवपुरी जिले में बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एमएसडब्ल्यू कर्मचारियों को उनके निर्धारित शासकीय कार्य से रोकने की शिकायत एक संविदा चिकित्सा अधिकारी पर भारी पड़ गई। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैराड़ सीएचसी में अटैचमेंट पर सेवाएं दे रहे संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजू सिंह को कार्यमुक्त कर दिया है। उन्हें अब बैराड़ में सेवाएं देने के बजाय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय शिवपुरी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। वहीं, अस्पताल में कर्मचारियों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिकायत के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई है और आगे का निर्णय वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर से लिया जाएगा।

कर्मचारियों को काम से रोकने का आरोप, शिकायत पहुंची अधिकारियों तक

मामला बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एमएसडब्ल्यू कर्मचारियों से जुड़ा है। शिकायत सामने आई कि डॉ. राजू सिंह द्वारा एमएसडब्ल्यू कर्मचारियों को उनके निर्धारित शासकीय कार्यों को करने से रोका जा रहा था।

एमएसडब्ल्यू कर्मचारियों ने इस संबंध में अपनी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाई। शिकायत को विभाग ने सामान्य विवाद मानकर नजरअंदाज करने के बजाय गंभीरता से लिया। इसके बाद मामले को लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह था कि यदि किसी कर्मचारी को उसके निर्धारित शासकीय दायित्वों के निर्वहन से रोका जाता है, तो इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सीधा असर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मामले में नियमानुसार कदम उठाया।

25 अगस्त को मिला था कारण बताओ नोटिस

डॉ. राजू सिंह के खिलाफ कार्रवाई अचानक नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक 25 अगस्त को उन्हें एक अन्य मामले में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद एमएसडब्ल्यू कर्मचारियों को कार्य से रोकने संबंधी शिकायत भी सामने आई।

शिकायत और विभागीय स्तर पर हुई कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 27 अगस्त को डॉ. राजू सिंह को बैराड़ सीएचसी से कार्यमुक्त कर दिया।

यानी महज दो दिनों के भीतर मामले में विभाग ने कड़ा निर्णय लेते हुए डॉक्टर को बैराड़ सीएचसी के अटैचमेंट से हटा दिया।

मूल पदस्थापना खोड़ PHC में

डॉ. राजू सिंह की मूल पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोड़ में बताई गई है। वे बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अटैचमेंट पर सेवाएं दे रहे थे।

अब बैराड़ सीएचसी से कार्यमुक्त किए जाने के बाद उन्हें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी के समक्ष उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इस आदेश के बाद यह भी साफ हो गया है कि फिलहाल बैराड़ सीएचसी में उनका अटैचमेंट समाप्त कर दिया गया है और आगे की स्थिति विभागीय स्तर पर तय की जाएगी।

CMHO बोले- शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि एमएसडब्ल्यू कर्मचारियों को उनके कार्य से रोकने के आरोप सामने आए थे।

उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करते हुए डॉ. राजू सिंह को बैराड़ सीएचसी से कार्यमुक्त किया गया है।

सीएमएचओ के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लिया और प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए डॉक्टर को सीएचसी से हटा दिया।

अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

बैराड़ सीएचसी में सामने आए इस मामले ने अस्पताल की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी अस्पताल में प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र निर्धारित होता है। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी को उसके निर्धारित कार्य से रोका जाता है तो इसका सीधा असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।

एमएसडब्ल्यू कर्मचारी अस्पताल की व्यवस्थाओं में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में उनके कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा से अस्पताल की दैनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है।

यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई की।

अब आगे क्या होगा?

डॉ. राजू सिंह को बैराड़ सीएचसी से कार्यमुक्त किए जाने के बाद अब उन्हें सीएमएचओ कार्यालय में उपस्थिति देनी होगी। इसके बाद मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय के अनुसार होगी।

फिलहाल यह कार्रवाई बैराड़ सीएचसी से कार्यमुक्त करने तक सीमित है। आगे विभागीय जांच या अन्य कार्रवाई को लेकर निर्णय वरिष्ठ स्तर पर लिया जाएगा।

डॉक्टर पर कार्रवाई से कर्मचारियों में चर्चा

डॉ. राजू सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और बैराड़ क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। कर्मचारियों का कहना है कि शासकीय संस्थानों में हर कर्मचारी को अपने निर्धारित दायित्व के अनुसार काम करने का अवसर मिलना चाहिए।

वहीं, विभाग की कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों के काम में कथित हस्तक्षेप या बाधा की शिकायतों को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा।

हालांकि मामले में डॉ. राजू सिंह का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले की अंतिम तस्वीर क्या सामने आती है।

फिलहाल बैराड़ सीएचसी से डॉ. राजू सिंह की विदाई हो चुकी है और उन्हें सीएमएचओ कार्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए हैं। अब निगाह इस बात पर है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में आगे क्या निर्णय लेता है और विभागीय स्तर पर जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है।

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