शिवपुरी जेल में कल भाइयों की कलाई पर सजेगी बहनों की राखी:9 से 2:30 बजे तक खुली मुलाकात

Nikk Pandit
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रक्षाबंधन पर जेल प्रशासन ने जारी किए खास इंतजाम, महिला परिजन और 6 साल से कम उम्र के बच्चों को मिलेगा प्रवेश; राखी-मिठाई ले जाने की भी अनुमति, मोबाइल-नकदी पर पूरी तरह रोक

खबर:शिवपुरी रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और भावनाओं का पर्व है। इस खास दिन पर शिवपुरी सर्किल जेल में बंद भाइयों की कलाई भी बहनों की राखी से सजेगी। जेल की चारदीवारी के भीतर बंद बंदियों को अपने परिवार से मिलने और बहनों से राखी बंधवाने का मौका मिलेगा। जेल प्रशासन ने 28 अगस्त को सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक खुली मुलाकात की व्यवस्था की है।

रक्षाबंधन को लेकर जेल प्रशासन ने मुलाकात से जुड़े नियम और व्यवस्थाएं स्पष्ट कर दी हैं, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले परिजनों की मुलाकात व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से कराई जा सके।

बहनों के लिए खास व्यवस्था, भाई की कलाई पर बांध सकेंगी राखी

रक्षाबंधन के दिन पुरुष बंदियों से मिलने के लिए परिवार की महिला सदस्यों और 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ही जेल गेट के अंदर प्रवेश दिया जाएगा। यानी बहनें अपने भाइयों से मिलकर उन्हें राखी बांध सकेंगी और रक्षाबंधन की खुशियां उनके साथ साझा कर सकेंगी।

जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक बंदी से मुलाकात के लिए अधिकतम 10 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। ऐसे में परिजनों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय और व्यवस्था का पालन करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा बंदियों की मुलाकात उनके परिवार से हो सके।

एक बंदी से मिलने वाले परिवार के लोग साथ आएं

जेल प्रशासन ने परिजनों से खास अपील की है कि यदि एक ही बंदी से परिवार के कई सदस्य मिलने आ रहे हैं तो वे एक साथ समूह में पहुंचकर मुलाकात करें। एक ही बंदी को बार-बार मुलाकात स्थल पर बुलाने की व्यवस्था नहीं होगी।

इसलिए परिवार के सदस्यों से कहा गया है कि वे पहले से आपस में समन्वय बनाकर जेल पहुंचें। इससे मुलाकात स्थल पर भीड़ कम होगी और दूसरे बंदियों के परिजनों को भी समय पर मुलाकात का अवसर मिल सकेगा।

पहचान पत्र के बिना नहीं मिलेगा प्रवेश

जेल में प्रवेश के लिए परिजनों को शासकीय पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। इसके लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र अथवा पैन कार्ड में से कोई एक पहचान पत्र साथ रखना होगा।

बिना वैध पहचान पत्र के पहुंचने वाले परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जेल प्रशासन ने सभी लोगों से पहले से आवश्यक दस्तावेज साथ रखने की अपील की है।

मोबाइल, पर्स और नकदी पर पूरी तरह रोक

रक्षाबंधन पर भावनात्मक मुलाकात के बीच जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं। पर्स, मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान जेल गेट के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

जेल प्रशासन ने साफ किया है कि बाहर रखे गए सामान के गुम होने की जिम्मेदारी जेल प्रशासन की नहीं होगी। इसलिए परिजनों को सलाह दी गई है कि वे जेल पहुंचते समय अनावश्यक अथवा कीमती सामान अपने साथ न लाएं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बंदियों को नकद रुपए देना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसकी मुलाकात प्रतिबंधित की जा सकती है और संबंधित बंदी के खिलाफ जेल अपराध दर्ज किया जा सकता है।

राखी के साथ 250 ग्राम तक मिठाई ले जा सकेंगे

रक्षाबंधन के मौके पर बहनों को अपने भाइयों के लिए राखी लेकर जाने की अनुमति रहेगी। परिजन साधारण राखी साथ ले जा सकेंगे। इसके साथ अधिकतम 250 ग्राम मिठाई, गजक या सोनपपड़ी ले जाने की अनुमति होगी।

हालांकि घर पर बनाया गया भोजन जेल के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यानी परिजनों को खाने-पीने की सामग्री के संबंध में निर्धारित नियमों का ही पालन करना होगा।

जेल प्रशासन देगा पूजा की थाल

राखी बांधने की रस्म को लेकर भी जेल प्रशासन ने व्यवस्था की है। मुलाकात के दौरान परिजनों को पूजा की थाल उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें हल्दी, कुमकुम, चावल सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहेगी।

इससे बहनें जेल परिसर में ही अपने भाइयों को तिलक लगाकर राखी बांध सकेंगी और रक्षाबंधन की परंपरा निभा सकेंगी।

जेल की बहनों की बनाई राखियां भी खास

इस रक्षाबंधन पर शिवपुरी सर्किल जेल में एक खास पहल भी देखने को मिलेगी। महिला बंदियों द्वारा बनाई गई राखियां जेल कैंटीन से बंदियों की माता और बहनें खरीद सकेंगी।

यानी जेल की महिला बंदियों के हाथों से तैयार राखियां भी इस बार भाइयों की कलाइयों तक पहुंचेंगी। यह व्यवस्था रक्षाबंधन के पर्व को एक अलग भावनात्मक रंग देती नजर आएगी।

तलाशी में सहयोग की अपील, विवाद किया तो कार्रवाई

जेल प्रशासन ने मुलाकात के लिए पहुंचने वाले सभी परिजनों से तलाशी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने की अपील की है। सुरक्षा कारणों से जेल गेट पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुलाकात के दौरान किसी भी प्रकार का विवाद, हंगामा या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और उनकी मुलाकात भी प्रतिबंधित की जा सकती है।

भाई जेल में, बहनें बाहर से लेकर आएंगी प्यार की डोर

रक्षाबंधन के दिन जेल की सलाखों और बाहर की दुनिया के बीच बहनों का प्यार एक बार फिर दिखाई देगा। कोई बहन भाई की कलाई पर राखी बांधेगी तो कोई उसकी सलामती की दुआ करेगी। कुछ परिवारों के लिए यह मुलाकात भावुक करने वाली भी हो सकती है, क्योंकि त्योहार के दिन अपनों से मिलना उनके लिए बेहद खास होगा।

जेल प्रशासन की ओर से तय समय और नियमों के बीच यह मुलाकात कराई जाएगी। सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चलने वाली इस व्यवस्था में बहनों को अपने बंदी भाइयों से मिलने, राखी बांधने और सीमित मात्रा में मिठाई ले जाने का अवसर मिलेगा।

प्रशासन ने परिजनों से अपील की है कि वे पहचान पत्र के साथ समय पर पहुंचें, मोबाइल और नकदी जैसे प्रतिबंधित सामान न लाएं तथा जेल की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों का पूरी तरह पालन करें।

Shivpuri First — रक्षाबंधन पर जेल की चारदीवारी के बीच भी रिश्तों की डोर मजबूत होगी।

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