खराब सड़क को लेकर बवाल:महिला से लात-घूंसों से मारपीट:शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी

Nikk Pandit
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रेत परिवहन से सड़क खराब होने का आरोप, ट्रैक्टर रोकने की बात पर शुरू हुआ विवाद; महिला की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

खबर:शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के ग्राम दौनी में खराब सड़क को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि सड़क की हालत और ट्रैक्टरों के आवागमन को लेकर आपत्ति जताने पर एक महिला के साथ तीन लोगों ने गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से मारपीट कर दी। घटना के बाद महिला ने करैरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना ने गांव में सड़क की बदहाली और भारी वाहनों के लगातार आवागमन को लेकर चल रहे विवाद को भी सामने ला दिया है। महिला के पति का आरोप है कि गांव में रेत के परिवहन और डंपिंग के कारण सड़क लगातार खराब हो रही है। इसी समस्या को लेकर सड़क ठीक कराने की मांग की गई थी, लेकिन मामला विवाद में बदल गया।

घर के दरवाजे पर खड़ी थी महिला, तभी पहुंच गए तीन लोग

ग्राम दौनी निवासी उषा रावत, पत्नी लोकेन्द्र रावत, ने पुलिस को बताया कि बुधवार शाम करीब 7 बजे वह अपने घर के दरवाजे पर खड़ी थीं। इसी दौरान गांव के विक्रम रावत, भूपे रावत और सुखदेव रावत वहां पहुंचे।

शिकायत के मुताबिक, तीनों ने ट्रैक्टर रोकने की बात को लेकर उषा के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। महिला ने जब गाली देने से मना किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद तीनों ने महिला के साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी।

अचानक हुए विवाद से मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। महिला के परिजनों के अनुसार, मारपीट के दौरान आसपास के लोग भी घटना को देखने के लिए पहुंच गए।

भांजी और पति ने पहुंचकर कराया बीच-बचाव

उषा ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान उनकी भांजी पूनम रावत और पति लोकेन्द्र रावत मौके पर पहुंचे। दोनों ने बीच-बचाव कर किसी तरह विवाद शांत कराया।

आरोप है कि इसके बाद तीनों आरोपी मौके से चले गए। जाते समय उन्होंने थाने में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद महिला ने अपने परिवार के साथ थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।

आखिर सड़क को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

इस पूरे मामले की जड़ गांव की खराब सड़क को बताया जा रहा है। उषा के पति लोकेन्द्र रावत का आरोप है कि गांव में रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। उनके अनुसार, कुछ लोग रेत डंप करते हैं और फिर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर बिक्री के लिए ले जाते हैं।

लोकेन्द्र का कहना है कि भारी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लगातार आने-जाने से गांव की सड़क की हालत खराब होती जा रही है। सड़क पर जगह-जगह परेशानी होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

इसी समस्या को लेकर सड़क को ठीक कराने की मांग उठाई गई थी। लेकिन आरोप है कि सड़क और ट्रैक्टरों के आवागमन को लेकर हुई बहस ने विवाद का रूप ले लिया।

14 अगस्त को भी पलटी थी रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली

लोकेन्द्र रावत के मुताबिक, सड़क की खराब हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 14 अगस्त को रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी पलट गई थी।

उनका आरोप है कि लगातार भारी वाहनों के निकलने से सड़क की स्थिति खराब हो गई है। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए सड़क की मरम्मत कराने की मांग की गई थी। इसी मांग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ा और बाद में मारपीट की घटना सामने आई।

हालांकि रेत के अवैध परिवहन से जुड़े आरोपों की पुलिस अथवा संबंधित विभाग द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना बाकी है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

महिला की शिकायत पर तीन लोगों पर मामला दर्ज

घटना के बाद करैरा थाना पुलिस ने उषा रावत की शिकायत को आधार बनाकर विक्रम रावत, भूपे रावत और सुखदेव रावत के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस द्वारा घटना से जुड़े लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। विवाद की वास्तविक वजह, मारपीट की परिस्थितियों और धमकी दिए जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि सड़क की खराब हालत और रेत परिवहन को लेकर पहले से दोनों पक्षों के बीच कोई विवाद चल रहा था या नहीं।

सड़क की बदहाली ने बढ़ाई गांव की परेशानी

ग्राम दौनी की घटना ने एक बार फिर गांव की सड़कों और भारी वाहनों के आवागमन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जब सड़कें खराब होती हैं तो इसका असर सीधे आम लोगों के रोजमर्रा के आवागमन पर पड़ता है। यदि भारी वाहनों का लगातार आवागमन हो रहा हो तो सड़क की स्थिति और बिगड़ने की आशंका रहती है।

वहीं, यदि किसी सड़क का उपयोग रेत अथवा अन्य भारी सामग्री के परिवहन के लिए किया जा रहा है तो उसकी निगरानी और वैधता की जांच संबंधित विभागों के लिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल दौनी गांव में महिला से मारपीट के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई, मारपीट के आरोप कितने सही हैं और रेत परिवहन को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

एक तरफ खराब सड़क से ग्रामीण परेशान हैं, दूसरी तरफ इसी मुद्दे को लेकर विवाद मारपीट तक पहुंच गया। अब पुलिस जांच के साथ यह भी देखने वाली बात होगी कि गांव की सड़क की बदहाली और कथित रेत परिवहन पर जिम्मेदार विभाग क्या कार्रवाई करता है।

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