खबर:मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें दुष्कर्म के मामले में फंसाने की साजिश रची जा रही है। विधायक के मुताबिक, कथित तौर पर महिलाओं को उनके पास भेजकर पहले विवाद या बहस की स्थिति बनाने का प्रयास किया जाता है और इसके बाद पूरी बातचीत या घटनाक्रम का वीडियो बनाकर उसे उनके खिलाफ इस्तेमाल करने की योजना बनाई जाती है।
विधायक ने आरोप लगाया कि इस कथित साजिश का उद्देश्य उनके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसी कोशिशों में उनके बेटे राकेश लोधी को भी निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, विधायक द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और उनकी ओर से लगाए गए दावों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
डाकबंगले में महिलाओं को भेजने का आरोप
प्रीतम लोधी ने आरोप लगाया कि उनके विरोधी सीधे तौर पर उनके सामने आने के बजाय पिछोर के डाकबंगले में महिलाओं को भेजते हैं। विधायक का दावा है कि इन महिलाओं को इस तरह की बातचीत या बहस के लिए उकसाया जाता है, जिससे वह कोई प्रतिक्रिया दें और बाद में उसी बातचीत को रिकॉर्ड कर उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सके।
विधायक के अनुसार, उन्हें कुछ परिस्थितियों में इस तरह की गतिविधियों पर संदेह हुआ। उनका आरोप है कि महिलाओं के साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद रहता है, जिसके हाथ में मोबाइल फोन होता है और वह बातचीत अथवा विवाद को रिकॉर्ड करने का प्रयास करता है।
“वीडियो बनाकर फंसाने की कोशिश”
विधायक ने दावा किया कि कथित तौर पर पहले विवाद पैदा करने और फिर उसका वीडियो तैयार करने की रणनीति अपनाई जा रही है। उनका आरोप है कि बाद में इसी वीडियो को आधार बनाकर उनके खिलाफ दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई करवाने का प्रयास किया जा सकता है।
उन्होंने मंच से अपने समर्थकों और समाज के लोगों को इस तरह की कथित गतिविधियों से सतर्क रहने की बात कही। विधायक का कहना था कि राजनीतिक विरोध के बावजूद किसी व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश गंभीर विषय है और ऐसे मामलों में सावधानी बरतना जरूरी है।
बेटे राकेश लोधी को भी निशाना बनाने का आरोप
प्रीतम लोधी ने अपने बेटे राकेश लोधी का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि विरोधियों द्वारा इसी तरह की रणनीति उनके बेटे के खिलाफ भी अपनाई जा सकती है। विधायक ने अपने बेटे को सतर्क रहने की सलाह देने की बात कही।
उन्होंने दावा किया कि डाकबंगले पर पहुंची एक महिला ने कथित तौर पर उन्हें ऐसी किसी साजिश की जानकारी भी दी थी। विधायक के इस दावे को लेकर भी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
अहिल्याबाई की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद आक्रोश
दरअसल, 14 अगस्त की रात खनियाधाना में अहिल्याबाई की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद पाल-बघेल समाज में नाराजगी देखी गई। घटना के विरोध में 20 अगस्त को समाज की ओर से आक्रोश आंदोलन आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में पिछोर विधायक प्रीतम लोधी भी शामिल हुए और उन्होंने मंच से समाज को संबोधित किया।
आंदोलन के दौरान विधायक ने प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना को लेकर नाराजगी जताई। इसी संबोधन के दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों पर लगाए जा रहे कथित षड्यंत्र के आरोपों का भी उल्लेख किया।
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव
विधायक के आरोप सामने आने के बाद अब इस मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या वास्तव में किसी व्यक्ति या समूह द्वारा विधायक को फंसाने की कोशिश की जा रही है? क्या किसी महिला को उनके पास भेजकर बातचीत रिकॉर्ड करने का प्रयास किया गया? क्या इस संबंध में कोई शिकायत, वीडियो या अन्य साक्ष्य मौजूद हैं? इन सवालों के जवाब संबंधित जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेंगे।
फिलहाल विधायक प्रीतम लोधी ने सार्वजनिक मंच से अपने विरोधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों को लेकर संबंधित विरोधी पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों का बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नोट: विधायक द्वारा लगाए गए आरोप उनके दावे के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि के बिना इन्हें तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।