शिवपुरी में वनभूमि पर अवैध जुताई का प्रयास नाकाम:ट्रैक्टर-कल्टीवेटर जब्त

Nikk Pandit
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कोलारस वन परिक्षेत्र में वन विभाग की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार; दो माह में 12 से अधिक वाहन जब्त

बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के कोलारस वन परिक्षेत्र में वनभूमि पर अवैध रूप से जुताई कर कब्जे की कोशिश को वन विभाग की टीम ने समय रहते विफल कर दिया। गश्त के दौरान वन अमले ने वनभूमि पर ट्रैक्टर और कल्टीवेटर से जुताई करते एक व्यक्ति को पकड़ा। टीम ने मौके से ट्रैक्टर और कल्टीवेटर को जब्त करते हुए आरोपी के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

वन विभाग की इस कार्रवाई को वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण और कब्जे के प्रयासों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। विभाग के अनुसार, कोलारस क्षेत्र में वनभूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है। इसी अभियान के दौरान यह कार्रवाई सामने आई।

गश्त के दौरान मिली अवैध जुताई की सूचना

जानकारी के अनुसार, सामान्य वनमंडल शिवपुरी के वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव एवं वन मंडलाधिकारी सुधांशु यादव के मार्गदर्शन में वन क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं उप वन मंडलाधिकारी करैरा आदित्य शांडिल्य के निर्देशन तथा वन परिक्षेत्राधिकारी कोलारस गोपाल सिंह जाटव के नेतृत्व में वन अमला क्षेत्र में नियमित गश्त कर रहा था।

इसी दौरान वन विभाग की टीम को सूचना मिली कि बीट कोटानाका-ब के कक्ष क्रमांक पीएफ-1188 में वनभूमि पर ट्रैक्टर और कल्टीवेटर के माध्यम से अवैध रूप से जुताई की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन अमला तत्काल बताए गए स्थान की ओर रवाना हुआ।

मौके पर पहुंची टीम, घेराबंदी कर रोकी जुताई

वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां वनभूमि पर ट्रैक्टर और कल्टीवेटर से जुताई किए जाने की गतिविधि सामने आई। टीम ने तत्काल घेराबंदी करते हुए जुताई का काम रुकवाया। वन अमले की कार्रवाई को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई।

जांच के दौरान वन विभाग ने जुताई में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रैक्टर और कल्टीवेटर को जब्त कर लिया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

वन विभाग का कहना है कि वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, अतिक्रमण अथवा बिना अनुमति खेती के लिए भूमि तैयार करने की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग द्वारा ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी।

वन अमले की टीम ने निभाई अहम भूमिका

कार्रवाई को सफल बनाने में वन विभाग के मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में वनपाल परिक्षेत्र सहायक खरई दक्षिण बृजेन्द्र श्रीवास्तव, उप वनक्षेत्रपाल रुकमणि भगत, वनरक्षक कैलाश यादव, प्रताप राठौर, गिर्राज राजपूत, रामसुखी रघुवंशी, मनोज आदिवासी और दिनेश सहरिया सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे।

टीम ने मौके पर पहुंचकर न केवल अवैध जुताई को रुकवाया, बल्कि जुताई में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को भी अपने कब्जे में लिया। वन विभाग की इस कार्रवाई से वनभूमि पर अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के बीच सख्ती का संदेश गया है।

दो माह में 12 से अधिक वाहन जब्त

वन विभाग के अनुसार, कोलारस वन परिक्षेत्र में पिछले दो महीनों से वन अपराधों और वनभूमि पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय कार्रवाई के दौरान अब तक 12 से अधिक वाहनों को जब्त किया जा चुका है।

इन वाहनों का इस्तेमाल वनभूमि पर अवैध जुताई, अतिक्रमण अथवा अन्य वन अपराधों से जुड़ी गतिविधियों में किए जाने की बात सामने आई है। लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि वन विभाग ने वनभूमि की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा दी है।

वनभूमि की सुरक्षा को लेकर सख्ती

वन क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण और अवैध जुताई की गतिविधियां पर्यावरण और वन संपदा के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती हैं। वनभूमि पर खेती या अन्य उपयोग के लिए बिना अनुमति जमीन को तैयार करने से न केवल वन क्षेत्र प्रभावित होता है, बल्कि भविष्य में अतिक्रमण बढ़ने की आशंका भी रहती है।

इसी को देखते हुए वन विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के निर्देशन में मैदानी अमले को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कोलारस क्षेत्र में हालिया कार्रवाई के बाद वन विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वनभूमि पर अवैध जुताई या कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग की लगातार कार्रवाई से वनभूमि को अतिक्रमण से बचाने की मुहिम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

शिवपुरी में वनभूमि की सुरक्षा को लेकर वन विभाग की सक्रियता अब लगातार दिखाई दे रही है। दो माह के भीतर 12 से अधिक वाहनों की जब्ती और ताजा कार्रवाई यह संकेत देती है कि विभाग ने वन अपराधों के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई का अभियान तेज कर दिया है।

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