खबर:शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के ग्राम ककरई में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत में मवेशियों के लिए घास काट रहे एक दंपति पर अचानक जंगली सूअर ने हमला कर दिया। झाड़ियों से अचानक निकले जंगली सूअर ने खेरू यादव और उनकी पत्नी सरस्वती यादव पर हमला बोल दिया। अचानक हुए हमले से दोनों संभल पाते, इससे पहले ही सूअर ने दोनों को घायल कर दिया।
हमले के बाद दंपति ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और अपनी जान बचाने के लिए जंगली सूअर का सामना किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों ने सूअर को काबू में कर लिया और उसे रस्सी से बांध दिया। इसके बाद घायल अवस्था में दोनों बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्र में जंगली सूअर को लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।
सुबह-सुबह खेत में घास काटने पहुंचे थे दंपति
जानकारी के अनुसार, ग्राम ककरई निवासी खेरू यादव अपनी पत्नी सरस्वती यादव के साथ सोमवार सुबह करीब 7 बजे खेत पर गए थे। दोनों मवेशियों के लिए घास काट रहे थे। खेत में रोजमर्रा की तरह काम चल रहा था और किसी को भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में उन पर जंगली जानवर हमला कर देगा।
बताया गया है कि दंपति खेत में घास काटने में व्यस्त थे। इसी दौरान खेत के आसपास मौजूद झाड़ियों से अचानक एक जंगली सूअर बाहर निकला। सूअर ने बिना किसी चेतावनी के दोनों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से पति-पत्नी घबरा गए और बचने की कोशिश करने लगे।
अचानक हमले से मची अफरा-तफरी
जंगली सूअर ने दंपति को घायल कर दिया। हमले के दौरान दोनों को शरीर पर चोटें आईं। खेत में अचानक हुई इस घटना से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपनी सुरक्षा के लिए दंपति ने हिम्मत जुटाई और जंगली सूअर को काबू करने की कोशिश शुरू कर दी।
हालात आसान नहीं थे, क्योंकि घायल होने के बावजूद दोनों को हमलावर जंगली जानवर से खुद को बचाना था। काफी प्रयास के बाद दंपति ने सूअर को काबू में कर लिया। इसके बाद उसे रस्सियों की मदद से बांध दिया गया।
दंपति की इस हिम्मत की जानकारी जब आसपास के लोगों को हुई तो ग्रामीण भी मौके पर पहुंचने लगे। जंगली सूअर को बंधा देखकर ग्रामीणों में भी कौतूहल के साथ डर का माहौल बना रहा।
घायल होने के बाद भी सूअर को किया काबू
इस घटना की सबसे खास बात यह रही कि जंगली सूअर के हमले में घायल होने के बावजूद दंपति ने हिम्मत नहीं हारी। दोनों ने अपनी सुरक्षा के लिए सूअर को काबू में करने का प्रयास किया और आखिरकार उसे रस्सी से बांधने में सफल रहे।
ग्रामीणों के मुताबिक, खेतों और झाड़ियों के आसपास जंगली जानवरों की मौजूदगी पहले भी देखी जाती रही है, लेकिन इस तरह अचानक हमला होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को अब खेतों में काम करने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत महसूस हो रही है।
बैराड़ अस्पताल में चल रहा इलाज
हमले में घायल खेरू यादव और उनकी पत्नी सरस्वती यादव को उपचार के लिए बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। दोनों के शरीर पर चोटें आई हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि खेतों और आसपास के इलाकों में जंगली सूअर की मौजूदगी से किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
ग्रामीणों में जंगली सूअर को लेकर डर
ककरई गांव में दंपति पर हुए इस हमले के बाद ग्रामीणों में जंगली सूअर को लेकर दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में लोग काम करने पहुंचते हैं। ऐसे में यदि जंगली जानवर अचानक सामने आ जाए तो गंभीर हादसा हो सकता है।
खासकर बारिश के मौसम में खेतों और झाड़ियों में जंगली जानवरों के छिपे होने की आशंका रहती है। ऐसे में ग्रामीणों को खेतों में अकेले जाने से बचने और झाड़ियों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
एक तरफ हमला, दूसरी तरफ दंपति की हिम्मत
ककरई की यह घटना जहां खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों के सामने मौजूद खतरे को उजागर करती है, वहीं खेरू यादव और सरस्वती यादव की हिम्मत भी सामने आई है। जंगली सूअर के अचानक हमले में घायल होने के बावजूद दोनों ने घबराकर भागने के बजाय उसका सामना किया और आखिरकार उसे रस्सी से बांध दिया।
फिलहाल दोनों का बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से क्षेत्र में जंगली सूअर की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।