रन्नौद पुलिस ने लगातार तलाश के बाद नाबालिग को बरामद किया, बालिका के कथनों के आधार पर आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज; न्यायालय ने भेजा जेल
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में नाबालिग बालिकाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देशों के बीच रन्नौद थाना पुलिस ने घर से लापता हुई नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर लिया है। पुलिस ने मामले में आरोपी छोटे उर्फ छोटू बाथम (केवट) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई रन्नौद थाना प्रभारी उपनिरीक्षक राजीव कुमार दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार नाबालिग के लापता होने की सूचना मिलने के बाद से ही उसकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
25 जुलाई को दर्ज हुई थी शिकायत
पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई 2026 को ग्राम लालपुर निवासी फरियादी ने अपनी नाबालिग बहन के घर से चले जाने की रिपोर्ट थाना रन्नौद में दर्ज कराई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने नाबालिग बालिका को जल्द से जल्द दस्तयाब करने के निर्देश दिए।
इन निर्देशों के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति और एसडीओपी कोलारस संजय मिश्रा के मार्गदर्शन में रन्नौद पुलिस ने तलाश अभियान तेज किया।
संभावित ठिकानों पर भेजी गईं पुलिस टीमें
थाना प्रभारी राजीव कुमार दुबे ने पुलिस टीमों को सक्रिय करते हुए नाबालिग के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के साथ उन स्थानों पर भी तलाश की, जहां उसके पहुंचने की संभावना थी।
पुलिस टीमों द्वारा लगातार सघन तलाश और सूचनाओं के संकलन के बाद 6 अगस्त 2026 को नाबालिग बालिका को दस्तयाब करने में सफलता मिली।
बालिका को सुरक्षित दस्तयाब करने के बाद पुलिस ने नियमानुसार उसके कथन दर्ज किए। पुलिस के अनुसार, बालिका के कथनों के आधार पर मामले में आरोपी छोटे उर्फ छोटू बाथम की भूमिका सामने आई।
बालिका के कथनों के आधार पर बढ़ीं गंभीर धाराएं
पुलिस के अनुसार, बालिका के कथनों के आधार पर आरोपी द्वारा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, शादी करने तथा उसके साथ यौन अपराध किए जाने के आरोप सामने आए। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में संबंधित गंभीर धाराओं को जोड़ा।
आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 87, 65(1), पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v), 3(1)(w)(i) के तहत अपराध पाए जाने पर उसे प्रकरण में नामजद किया गया।नाबालिग की पहचान और उसकी निजता को कानून के अनुरूप सुरक्षित रखा गया है।
7 अगस्त को आरोपी गिरफ्तार
नाबालिग के कथनों के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने प्रयास तेज किए। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर 7 अगस्त 2026 को आरोपी छोटे उर्फ छोटू बाथम (केवट) को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को जेल भेजने के आदेश दिए।
थाना प्रभारी की टीम ने निभाई अहम भूमिका
नाबालिग को दस्तयाब करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की पूरी कार्रवाई में रन्नौद थाना प्रभारी उपनिरीक्षक राजीव कुमार दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार काम किया।
पुलिस द्वारा नाबालिग की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर टीमें भेजी गईं और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर लगातार कार्रवाई की गई। कई दिनों तक चले प्रयासों के बाद पुलिस को पहले नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब करने और उसके बाद आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
इन पुलिसकर्मियों का रहा सराहनीय योगदान
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक राजीव कुमार दुबे के साथ सहायक उपनिरीक्षक जयनारायण, आरक्षक 814 महेश सिंह, प्रधान आरक्षक 596 नरेश कुमार शर्मा, महिला आरक्षक 457 कृष्णा पाल, आरक्षक 1132 सर्वेश शर्मा, आरक्षक 191 वकील गुर्जर और आरक्षक 886 सिद्धनाथ गौड़ की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करते हुए मामले की विवेचना को आगे बढ़ाया और आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिवार को मिली राहत
नाबालिग के अचानक घर से चले जाने के बाद परिवार के सामने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश शुरू की। करीब 12 दिनों के प्रयास के बाद 6 अगस्त को बालिका को दस्तयाब किया गया।
इसके बाद बालिका के कथनों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपी की पहचान कर उसे अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल आरोपी न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा जा चुका है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस द्वारा प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है।