शिवपुरी में उद्योगों को नई रफ्तार देने की तैयारी:कलेक्टर अर्पित वर्मा ने उद्यमियों से किया सीधा संवाद

Nikk Pandit
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खबर: मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत शिवपुरी जिले में औद्योगिक गतिविधियों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। कृषि उपज मंडी कोलारस में आयोजित ‘उद्यम संवाद कार्यक्रम’ में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने स्थानीय उद्यमियों, व्यवसायियों और नए उद्योग शुरू करने की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद किया।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को मजबूत कर औद्योगिक विकास को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। उद्योग लगाने वाले युवाओं और उद्यमियों को शासन की योजनाओं से जोड़कर उन्हें वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उद्यमियों ने बताए अपने अनुभव

‘उद्यम संवाद’ में क्षेत्र के सफल उद्यमियों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शासकीय योजनाओं के माध्यम से उन्हें उद्योग एवं व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता मिली, जिससे उनके कारोबार को विस्तार मिला।

कार्यक्रम में नए निवेश को आकर्षित करने, कोलारस सहित पूरे जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।

करोड़ों के निवेश से उद्योगों को मिलेगी नई ताकत

कार्यक्रम में विभिन्न उद्यमियों द्वारा योजनाओं के माध्यम से प्राप्त वित्तीय सहयोग की जानकारी भी साझा की गई। इनमें छाया ट्रेडर्स की प्रोपराइटर श्रीमती अर्चना रघुवंशी को सीमेंट पाइप उद्योग के लिए 1 करोड़ 38 लाख रुपये, कैलादेवी ऑयल मिल के प्रोपराइटर पंकज जैन को 8 लाख रुपये, तीर्थी ग्रीन के प्रोपराइटर पीयूष जैन को बायोमास ब्रिकेट्स के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये तथा अलायंस ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रोपराइटर नवीन शिवहरे को सॉफ्ट ड्रिंक एवं वाटर प्लांट के लिए 59 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग शामिल है।

इसी क्रम में आजीविका के प्रोपराइटर हरनाम सिंह जाटव को मसाला उद्योग के लिए 7 लाख रुपये, कुशवाहा फ्लोर मिल के सुनील कुशवाहा को 4.50 लाख रुपये, राजेश इंजीनियरिंग के प्रोपराइटर राजेश परिहार को 10 लाख रुपये, राम स्टील के प्रोपराइटर अभिषेक धाकड़ को 3 लाख रुपये, संकेत ट्रेडर्स के प्रोपराइटर संकेत जैन को 10 लाख रुपये, गोयल साड़ी सेंटर के प्रोपराइटर संस्कार गोयल को 5 लाख रुपये, मामा बूट हाउस के प्रोपराइटर समर जैन को 5 लाख रुपये तथा प्रांजल जैन वुडन वर्क को 25 लाख रुपये का वित्तीय लाभ मिलने की जानकारी दी गई।

नए निवेश के प्रस्ताव भी सामने आए

उद्यम संवाद के दौरान भविष्य के निवेश प्रस्तावों ने भी जिले में औद्योगिक गतिविधियों की संभावनाओं को सामने रखा। छाया ट्रेडर्स द्वारा 2 करोड़ रुपये, तीर्थी ग्रीन द्वारा 1 करोड़ 50 लाख रुपये और प्रांजल जैन द्वारा 50 लाख रुपये के नए निवेश प्रस्तावित किए गए हैं।

प्रशासन का मानना है कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कोलारस के साथ जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

उद्यम क्रांति योजना से हितलाभ वितरण

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए हितलाभ भी वितरित किए गए। इसमें प्रिंस शिवहरे के स्क्रैप व्यवसाय को 5 लाख रुपये, अजय टोंगी के जनरल स्टोर को 2 लाख रुपये, शिवम भार्गव के जनरल स्टोर को 5 लाख रुपये, सत्यम शिवहरे के बिल्डिंग मटेरियल व्यवसाय को 5 लाख रुपये तथा देवेंद्र सोनी की ज्वेलरी शॉप के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये का हितलाभ शामिल रहा।

हितलाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के लिए यह सहायता अपने व्यवसाय को शुरू करने या विस्तार देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

दाल मिल पहुंचकर कलेक्टर ने परखी जमीनी हकीकत
केवल संवाद तक सीमित न रहते हुए कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने औद्योगिक इकाई का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने कोलारस स्थित मेसर्स राधिका एंटरप्राइज दाल मिल पहुंचकर मिल की वास्तविक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कलेक्टर ने मिल में कच्चे माल की उपलब्धता, प्रसंस्करण प्रक्रिया, उत्पादन क्षमता और संचालन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि औद्योगिक इकाई में सुरक्षा मानकों का पालन किस तरह किया जा रहा है।

अग्निशमन व्यवस्था और रोजगार पर भी फोकस
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संयंत्र में अग्निशमन व्यवस्था एवं सुरक्षा मानकों का भी अवलोकन किया। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को मिल रहे रोजगार और भविष्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने की संभावनाओं पर जानकारी ली।

उन्होंने एमएसएमई विभाग के माध्यम से मिल को प्राप्त शासकीय अनुदान एवं वित्तीय सहायता का ब्यौरा भी जाना। कलेक्टर ने उद्यमियों को गुणवत्ता सुधार, उत्पादन बढ़ाने और औद्योगिक विस्तार के लिए शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने उद्योगों से जुड़े लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ बांटना नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमों को मजबूत कर उन्हें टिकाऊ व्यवसाय के रूप में विकसित करने में सहयोग देना है।
उद्योगों से रोजगार और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
‘उद्यम संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने उद्यमियों और युवाओं के साथ सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों और संभावनाओं को समझने का प्रयास किया। एक ओर जहां पुराने उद्यमों के विस्तार की संभावनाएं सामने आईं, वहीं दूसरी ओर नए निवेश और स्वरोजगार के प्रस्ताव भी सामने आए।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नेहा अमित यादव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री भरत सिंह चौहान, पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, जिला पंचायत सीईओ श्री विजय राज, अपर कलेक्टर श्री दिनेश चंद्र शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, कोलारस में आयोजित ‘उद्यम संवाद’ ने जिले में उद्योग, निवेश और स्वरोजगार की संभावनाओं को लेकर एक नई तस्वीर सामने रखी है। प्रशासन की ओर से योजनाओं का लाभ, नए निवेश को प्रोत्साहन और जमीनी स्तर पर औद्योगिक इकाइयों की निगरानी—इन तीनों पहलुओं पर जोर दिया जा रहा है। इससे आने वाले समय में शिवपुरी जिले में स्थानीय उद्योगों को विस्तार और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
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