खबर:शिवपुरी मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने शुक्रवार को कोलारस क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से संबंधित विभागों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल, आंगनवाड़ी, उपस्वास्थ्य केंद्र और आदि सेवा केंद्र की व्यवस्थाओं को करीब से देखा तथा जहां कमियां मिलीं, वहां जिम्मेदारी तय करते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे। सरकारी संस्थानों में स्वच्छता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बच्चों के साथ बैठकर खुद चखा मध्याह्न भोजन
कलेक्टर श्री वर्मा ने एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय सेसई सड़क एवं बाल शिक्षा केंद्र (आंगनवाड़ी) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को स्वयं परखा और बच्चों को मिलने वाले भोजन को खुद चखकर उसकी स्थिति देखी।
भोजन बच्चों के पोषण स्तर के अनुरूप नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भोजन उपलब्ध कराने वाले समूह को हटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर के इस कदम से मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदार एजेंसियों में भी सख्त संदेश गया है।
कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों में बच्चों को मिलने वाला भोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके स्वास्थ्य और पोषण से सीधे जुड़ा विषय है। इसलिए भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों का पालन हर स्थिति में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
स्कूल-आंगनवाड़ी में गंदगी मिली, सचिव और रोजगार सहायक पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्कूल और आंगनवाड़ी परिसर में स्वच्छता व्यवस्था में कमियां मिलीं। परिसर में गंदगी और अव्यवस्था देखकर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण को आवश्यक बताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लापरवाही के लिए ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता को लेकर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थानों में साफ-सफाई केवल निरीक्षण के समय नहीं, बल्कि नियमित रूप से दिखाई देनी चाहिए।
आरोग्यम उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच
इसके बाद कलेक्टर श्री वर्मा ने आरोग्यम उप स्वास्थ्य केंद्र सेसई सड़क का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने टीकाकरण पंजी, ओपीडी रजिस्टर, आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड वितरण की प्रगति और ब्लड सैंपल किट की उपलब्धता का अवलोकन किया।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि आयुष्मान कार्ड वितरण के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि पात्र नागरिकों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण पर जोर
कलेक्टर ने प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले नियमित टीकाकरण सत्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
जो हितग्राही किसी कारण से स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके घरों और क्षेत्रों तक स्वास्थ्य टीम द्वारा पहुंचकर उन्हें जागरूक करने तथा टीकाकरण केंद्र तक लाने की व्यवस्था की जाए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट किया कि केवल रजिस्टर में आंकड़े दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वास्तविक रूप से पात्र हितग्राहियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
गंदगी पर नाराजगी, कारण बताओ नोटिस के निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्कूल, आंगनवाड़ी और उप स्वास्थ्य केंद्र के आसपास गंदगी एवं अव्यवस्था मिलने पर कलेक्टर ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने जनपद सीईओ को स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
वहीं परिसर में स्वच्छता बनाए रखने में लापरवाही बरतने वाले संबंधित ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी करने और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने ग्राम रोजगार सहायक से प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की जानकारी भी ली और पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर दिलाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
आदि सेवा केंद्र में भी औचक निरीक्षण
निरीक्षण के अगले चरण में कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ग्राम पंचायत पडोरा स्थित ‘आदि सेवा केंद्र’ पहुंचे। उन्होंने केंद्र के संचालन की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जाने वाली शासकीय सेवाओं के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आदि सेवा केंद्र नियमित रूप से खुले और ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। केंद्र परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
विकास कार्यों की 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट
आदि सेवा केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत और प्रगतिरत विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने उपयंत्री को पंचायत क्षेत्र में चल रहे तथा स्वीकृत सभी निर्माण एवं विकास कार्यों की अद्यतन एवं विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्य समय पर पूरे हों और निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नेहा अमित यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री विजय राज, डीपीसी श्री दफेदार सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत हुए इस औचक निरीक्षण में कलेक्टर ने एक ही दौरे में शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और ग्रामीण विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति देखी। जहां कमियां सामने आईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश देने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
कलेक्टर श्री वर्मा के इस औचक निरीक्षण से यह संदेश गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी संस्थानों की व्यवस्थाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। प्रशासन अब जमीनी स्तर पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की जांच करेगा और लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।