ब्राह्मण समाज की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप; WhatsApp पर ऑडियो वायरल होते ही मचा बवाल, दो पेनड्राइव पुलिस के हवाले—अब आवाज और रिकॉर्डिंग की होगी जांच
खबर:शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में लोधी युवा संघ के जिलाध्यक्ष आजाद लोधी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ ब्राह्मण समाज की महिलाओं को लेकर कथित तौर पर अभद्र एवं अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने और गाली-गलौज करने के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज हुई है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस के मुताबिक करैरा निवासी विपिन शर्मा की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को कथित ऑडियो क्लिप से संबंधित दो पेनड्राइव भी सौंपी हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल ऑडियो में आवाज वास्तव में आजाद लोधी की है या नहीं और रिकॉर्डिंग के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ तो नहीं की गई।
WhatsApp ग्रुप में ऑडियो पहुंचा, फिर थाने पहुंचा मामला
जानकारी के अनुसार 25 अगस्त को समाज के लोगों के WhatsApp ग्रुप में एक ऑडियो क्लिप प्रसारित हुई। इसके बाद कथित ऑडियो को लेकर समाज के लोगों में नाराजगी सामने आई।
करैरा के टीला रोड निवासी विपिन शर्मा, जिन्होंने स्वयं को ब्राह्मण समाज करैरा का उपाध्यक्ष बताया है, रात में थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी।
शिकायतकर्ता का दावा है कि वायरल ऑडियो में बैसोरा कला निवासी आजाद लोधी की आवाज है। आरोप है कि ऑडियो में ब्राह्मण समाज की महिलाओं के संबंध में आपत्तिजनक और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया गया तथा मां-बहन को लेकर भी कथित तौर पर गाली-गलौज की गई।
कथित ऑडियो ने बढ़ाया विवाद
ऑडियो सामने आने के बाद मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा और शिकायत के रूप में पुलिस थाने तक पहुंच गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कथित भाषा से समाज की महिलाओं और लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
विपिन शर्मा ने पुलिस से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के साथ कथित ऑडियो से संबंधित सामग्री भी पुलिस को सौंपी गई है।
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वायरल ऑडियो में आवाज किसकी है और रिकॉर्डिंग कितनी प्रामाणिक है?
दो पेनड्राइव लेकर पहुंचा शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता ने पुलिस को एक टाइपशुदा आवेदन के साथ दो पेनड्राइव सौंपी हैं। पुलिस इन पेनड्राइव में मौजूद ऑडियो की जांच कर रही है।
जांच के दौरान ऑडियो की आवाज, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें किसी प्रकार की एडिटिंग या छेड़छाड़ किए जाने की संभावना को भी देखा जाएगा। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
आजाद लोधी के खिलाफ पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
आजाद लोधी के खिलाफ पहले भी जिले में मामला दर्ज होने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार दिनारा थाना क्षेत्र में राशन वितरण से जुड़े विवाद को लेकर राशन डीलर उदयसिंह जाटव ने शिकायत की थी।
उस मामले में फोन पर जातिसूचक गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज किया था।
हालांकि उस मामले के आरोप और वर्तमान मामले के आरोप अलग-अलग हैं और दोनों की जांच संबंधित पुलिस द्वारा की जा रही है।
टावर पर चढ़ने के मामले में भी सुर्खियों में रहे
आजाद लोधी इससे पहले चंदेरी के महोली में वीरांगना अवंती बाई लोधी की प्रतिमा हटाए जाने के विवाद को लेकर भी सुर्खियों में आए थे। प्रतिमा दोबारा स्थापित करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान उनके मोबाइल टावर पर चढ़ने की बात सामने आई थी।
वह काफी देर तक टावर पर रहे थे, जिसके बाद नीचे उतरे। उस घटनाक्रम ने भी इलाके में काफी चर्चा बटोरी थी।
अब पुलिस की जांच पर टिकी निगाहें
लगातार सामने आए विवादों के बीच अब करैरा के इस नए मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। वायरल ऑडियो को लेकर लगाए गए आरोपों की सच्चाई आवाज की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगी।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि ऑडियो कब और किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया, उसे किसने प्रसारित किया और रिकॉर्डिंग में किसी प्रकार का बदलाव किया गया है या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। कथित ऑडियो की असलियत सामने आने तक किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई बनती है।
नोट: खबर में उल्लेखित आपत्तिजनक टिप्पणी और अन्य आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। आरोपी का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।