खबर:शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रक्षाबंधन के मौके पर अशोकनगर जाने के लिए स्टेशन पहुंची 36 वर्षीय महिला ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गई। महिला के ट्रेन के नीचे जाने का खतरा मंडरा रहा था। स्टेशन पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
इसी बीच ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के एएसआई वीरेंद्र कुमार तिवारी ने अद्भुत तत्परता दिखाई। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना महिला की तरफ दौड़ लगाई और उसे पकड़कर पूरी ताकत से प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। चंद सेकंड की देरी भी महिला के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी, लेकिन एएसआई की सूझबूझ और तत्काल कार्रवाई से महिला की जान बच गई।
इस पूरी घटना का CCTV फुटेज स्टेशन पर लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसका वीडियो रविवार को सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
अशोकनगर जाने स्टेशन पहुंची थी महिला
जानकारी के अनुसार, पुरानी शिवपुरी निवासी निर्मला ठाकुर (36) रक्षाबंधन के अवसर पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे अशोकनगर जाने के लिए शिवपुरी रेलवे स्टेशन पहुंची थीं।
उन्हें ग्वालियर-बीना ट्रेन से यात्रा करनी थी। बताया जा रहा है कि ट्रेन स्टेशन से रवाना होने लगी। इसी दौरान महिला ने ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया।
चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच मौजूद गैप में जा गिरीं।
एक पल की चूक और जा सकती थी जान
महिला के ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरते ही स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई घटनास्थल पर मौजूद लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। ट्रेन लगातार आगे बढ़ रही थी और महिला प्लेटफॉर्म के किनारे फंसी हुई थी। ऐसे में हर गुजरता सेकंड उसकी जिंदगी पर भारी पड़ सकता था।
इसी दौरान आरपीएफ में तैनात एएसआई वीरेंद्र कुमार तिवारी की नजर महिला पर पड़ी। उन्होंने बिना एक पल गंवाए उसकी तरफ दौड़ लगाई।
ASI ने दौड़कर पकड़ा और खींच लिया बाहर
एएसआई वीरेंद्र कुमार तिवारी ने तत्काल महिला को पकड़ लिया और अपनी पूरी ताकत लगाकर उसे प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। कुछ ही क्षणों में महिला को खतरनाक स्थिति से बाहर निकाल लिया गया।
अगर एएसआई ने समय रहते महिला को नहीं पकड़ा होता तो वह ट्रेन के पहियों की चपेट में आ सकती थी। लेकिन उनकी तत्परता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।
घटना के बाद वहां मौजूद यात्रियों ने भी राहत की सांस ली। महिला सुरक्षित बाहर आने के बाद लोगों ने एएसआई की तत्परता की सराहना की।
पहले ही भांप लिया था खतरा
आरपीएफ एएसआई वीरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि उन्हें पहले ही आशंका हो गई थी कि महिला चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही है। इसी वजह से वह पहले से ही उसकी ओर बढ़ रहे थे।
जैसे ही महिला का संतुलन बिगड़ा और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच फंसी, उन्होंने तत्काल उसे पकड़ लिया। बिना समय गंवाए महिला को प्लेटफॉर्म की तरफ खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
एएसआई की यह सतर्कता और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता ही महिला के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर साबित हुई।
CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
घटना के बाद जब रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज को देखा गया तो उसमें पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड मिला। फुटेज में महिला के ट्रेन में चढ़ने के प्रयास और उसके गिरने के बाद एएसआई द्वारा तत्काल बचाव किए जाने की तस्वीरें सामने आईं।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच भी इसकी चर्चा होने लगी। कई लोगों ने आरपीएफ एएसआई की बहादुरी और ड्यूटी के प्रति तत्परता की सराहना की।
यह घटना रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी एक गंभीर संदेश देती है।
त्योहार की भीड़ में जल्दबाजी बन सकती है जानलेवा
रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में कई यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश करते हैं।
लेकिन शिवपुरी रेलवे स्टेशन की यह घटना बताती है कि कुछ सेकंड की जल्दबाजी जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है।
चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना बेहद खतरनाक है। पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर यात्री सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच जा सकता है।
RPF की अपील—ट्रेन रुकने का इंतजार करें
घटना के बाद आरपीएफ एएसआई वीरेंद्र कुमार तिवारी ने यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें।
उन्होंने कहा कि यात्री ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही उसमें चढ़ें और उतरें। ट्रेन छूट रही हो तो उसे पकड़ने के लिए दौड़ना नहीं चाहिए। ट्रेन छूट जाना जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है।
एक बहादुर पुलिसकर्मी की तत्परता ने बचाई जिंदगी
शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह जो कुछ हुआ, वह किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। एक तरफ चलती ट्रेन, दूसरी तरफ प्लेटफॉर्म और इनके बीच फंसी जिंदगी। कुछ ही पलों में बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन आरपीएफ एएसआई वीरेंद्र कुमार तिवारी की नजर महिला पर पड़ी और उन्होंने बिना समय गंवाए उसे बचाने के लिए दौड़ लगा दी।
एएसआई की तत्परता से निर्मला ठाकुर की जान बच गई। घटना का CCTV वीडियो अब लोगों को यह संदेश दे रहा है कि ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी कभी भी जान पर भारी पड़ सकती है। ट्रेन छूट जाए तो अगली ट्रेन का इंतजार किया जा सकता है, लेकिन जिंदगी दोबारा नहीं मिलती।