नरवर में सट्टे पर SP की सर्जिकल स्ट्राइक;स्पेशल टीम की दबिश से मचा हड़कंप;TI विनय यादव लाइन अटैच

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा ECG:खबर शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक श्रीमती यागचैन डोलकर भूटिया के निर्देश पर हुई अचानक कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित स्पेशल टीम ने नरवर कस्बे में दबिश देकर कथित रूप से सट्टा संचालित करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि स्थानीय थाना पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी और एसपी के निर्देश पर बाहर से पहुंची टीम ने सीधे मौके पर दबिश देकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

इस कार्रवाई के बाद नरवर थाना प्रभारी विनय यादव को लाइन अटैच किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, टीआई को लाइन अटैच किए जाने का आधिकारिक विस्तृत कारण अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस विभाग की ओर से यदि इस संबंध में कोई औपचारिक आदेश या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है तो उससे स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

एसपी के इनपुट पर नरवर में अचानक पहुंची स्पेशल टीम

जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक को नरवर क्षेत्र में कथित रूप से सट्टा गतिविधियों को लेकर इनपुट और शिकायतें मिली थीं। इसके बाद स्थानीय पुलिस को अलग रखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई। बताया जा रहा है कि इस टीम का नेतृत्व सिटी कोतवाली में पदस्थ एसआई छारी द्वारा किया गया।

स्पेशल टीम ने नरवर कस्बे में पहुंचकर लोढ़ी माता मंदिर के पास स्थित एक होटल पर अचानक दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई। पुलिस टीम ने मौके से आबिद खान और सोनू खान नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान क्या-क्या सामग्री जब्त की गई और आरोपियों के खिलाफ किस धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

स्थानीय थाना पुलिस को कार्रवाई की जानकारी नहीं होने से उठे सवाल

नरवर में हुई इस कार्रवाई का सबसे बड़ा पहलू यह माना जा रहा है कि एसपी के निर्देश पर पहुंची टीम ने स्थानीय थाना पुलिस को कार्रवाई से दूर रखा। सामान्य तौर पर किसी थाना क्षेत्र में होने वाली कार्रवाई में स्थानीय पुलिस की भूमिका रहती है, लेकिन इस मामले में वरिष्ठ स्तर से सीधे विशेष टीम भेजे जाने की बात सामने आ रही है।

इसी वजह से अब पुलिस महकमे के अंदर भी चर्चा तेज हो गई है कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थितियां बनीं, जिनके चलते पुलिस अधीक्षक को स्थानीय थाना पुलिस से अलग टीम भेजकर कार्रवाई करानी पड़ी।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्थानीय पुलिस की भूमिका या किसी अधिकारी की कथित लापरवाही को लेकर सामने आ रही चर्चाओं की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

शिकायतों के बाद सक्रिय हुई एसपी की टीम?

सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि नरवर क्षेत्र में कथित सट्टा गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रही थीं। शिकायतों में कुछ स्थानों पर खुलेआम सट्टा संचालित किए जाने के आरोप लगाए जाने की बात कही जा रही है।

इन शिकायतों की वास्तविकता क्या थी और उन पर स्थानीय स्तर पर पहले कोई कार्रवाई हुई थी या नहीं, यह पुलिस की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा। लेकिन मंगलवार की कार्रवाई के बाद यह सवाल जरूर उठ रहा है कि यदि एसपी स्तर तक शिकायतें पहुंच रही थीं तो स्थानीय स्तर पर उनकी निगरानी और कार्रवाई किस स्तर पर की जा रही थी।

दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की समीक्षा कर सकते हैं।

कार्रवाई के बाद TI विनय यादव को लाइन अटैच किए जाने की चर्चा

नरवर में स्पेशल टीम की कार्रवाई के साथ ही थाना प्रभारी विनय यादव को लाइन अटैच किए जाने की जानकारी सामने आने से मामला और चर्चित हो गया है।

हालांकि, लाइन अटैचमेंट को सीधे तौर पर सट्टे की कार्रवाई से जोड़ना अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। विभागीय स्तर पर लाइन अटैचमेंट प्रशासनिक या अन्य कारणों से भी किया जा सकता है। इसलिए इस मामले में अंतिम स्थिति पुलिस विभाग के आधिकारिक आदेश से ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल इतना जरूर है कि नरवर थाने में थाना प्रभारी के स्तर पर बदलाव की स्थिति बनी है और नए टीआई की पदस्थापना को लेकर भी पुलिस महकमे में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

नरवर किले की ऐतिहासिक तोप चोरी का मामला भी चर्चा में

नरवर पुलिस से जुड़ा एक अन्य चर्चित मामला नरवर किले से ऐतिहासिक तोप चोरी का है। इस मामले में पुलिस द्वारा पूर्व में दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ चुकी है, लेकिन चोरी गई तोप की बरामदगी अभी बड़ा सवाल बनी हुई है।

बताया गया है कि पुलिस ने मामले की जांच के दौरान राजस्थान तक जाकर संदिग्ध गतिविधियों को ट्रेस किया था। हालांकि, चोरी गई तोप की बरामदगी को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।

यही वजह है कि नरवर में सट्टे के खिलाफ हुई ताजा कार्रवाई और थाना प्रभारी के लाइन अटैच होने की चर्चा के बीच कुछ लोग तोप चोरी के मामले को भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, इन दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

SP की कार्रवाई से अन्य थानों में भी हलचल

नरवर में स्थानीय पुलिस को जानकारी दिए बिना वरिष्ठ स्तर से स्पेशल टीम भेजकर कार्रवाई किए जाने की चर्चा ने जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी हलचल बढ़ा दी है।

पुलिस महकमे में इस कार्रवाई को एक तरह के संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि यदि किसी थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को लेकर शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचती हैं तो एसपी स्तर से सीधे विशेष टीम भेजकर जांच और कार्रवाई कराई जा सकती है।

खास तौर पर सट्टा, अवैध शराब, मादक पदार्थ, जुआ और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर थाना प्रभारियों की जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार यह संदेश देते रहे हैं कि थाना क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की जानकारी स्थानीय पुलिस के पास होनी चाहिए और शिकायत मिलने पर समय रहते कार्रवाई की जानी चाहिए।

नरवर में अब आगे क्या होगा?

मंगलवार की कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि नरवर थाना क्षेत्र में पुलिस की आगामी रणनीति क्या होगी। क्या सट्टे के अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई होगी? क्या गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पुलिस पहुंचेगी? क्या मामले में स्थानीय स्तर पर भी किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका की जांच होगी? और सबसे महत्वपूर्ण—टीआई विनय यादव को लाइन अटैच किए जाने का वास्तविक प्रशासनिक कारण क्या है?

इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और आधिकारिक आदेशों से सामने आ सकते हैं।

फिलहाल नरवर में एसपी की स्पेशल टीम की अचानक कार्रवाई ने यह जरूर संकेत दिया है कि जिले में अवैध गतिविधियों को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अब सीधे स्तर पर निगरानी और कार्रवाई का रास्ता अपना रहे हैं। मंगलवार की कार्रवाई के बाद नरवर पुलिस की कार्यप्रणाली भी चर्चा के केंद्र में आ गई है।

हालांकि, मामले से जुड़े सभी आरोपों और चर्चाओं की अंतिम पुष्टि आधिकारिक पुलिस जांच, एफआईआर तथा विभागीय आदेश सामने आने के बाद ही मानी जानी चाहिए।

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