गणेश चतुर्थी पर 12 दिन मांस-मटन की दुकानें बंद कराने की मांग:सनातन सेना ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Nikk Pandit
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खुशबू शर्मा:खबर शिवपुरी गणेश चतुर्थी के आगामी धार्मिक आयोजन को लेकर शिवपुरी में राष्ट्रीय सनातन सेना भारत ने प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गणेश चतुर्थी से लेकर 12 दिनों तक शहर में मांस-मटन की दुकानों को बंद रखने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान शहर में धार्मिक वातावरण बना रहता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा-अर्चना एवं धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे में धार्मिक भावनाओं, स्वच्छता और शहर की सांस्कृतिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को आवश्यक आदेश जारी करना चाहिए।

राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग प्रशासन के सामने रखी। संगठन ने कहा कि गणेश उत्सव शिवपुरी सहित पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना, पूजा-पाठ, भजन, धार्मिक आयोजन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

12 दिनों तक दुकानें बंद रखने की मांग

संगठन की मुख्य मांग है कि गणेश चतुर्थी की 12 दिनों की अवधि के दौरान मांस-मटन की दुकानों को बंद रखने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी किया जाए।

पदाधिकारियों का कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। कई स्थानों पर गणेश पंडाल लगाए जाते हैं और प्रतिदिन धार्मिक आयोजन होते हैं। ऐसे में संगठन चाहता है कि इन दिनों शहर का वातावरण धार्मिक आयोजनों के अनुरूप बना रहे।

ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि गणेश चतुर्थी के दौरान मांस-मटन की दुकानों के संचालन पर आवश्यक प्रतिबंध लगाने के लिए नियमानुसार आदेश जारी किए जाएं और संबंधित क्षेत्रों में आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निगरानी व्यवस्था भी की जाए।

बोले- किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं

राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा ने कहा कि संगठन की मांग का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है।
 संगठन इसे धार्मिक आस्था, स्वच्छता और शिवपुरी की सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान से जुड़ा विषय बता रहा है।

उनका कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है। शहर के विभिन्न इलाकों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में प्रशासन को भी धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि गणेश उत्सव के दौरान शहर में ऐसा वातावरण रहे, जिसमें श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।

प्रशासन से आदेश जारी करने की अपील

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने कलेक्टर से मांग की है कि गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाले 12 दिवसीय उत्सव को देखते हुए मांस-मटन की दुकानों को बंद रखने संबंधी आवश्यक आदेश जारी किए जाएं।

संगठन ने यह भी मांग रखी कि यदि प्रशासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया जाता है तो उसके पालन की निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जाए।

पदाधिकारियों का कहना है कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में उसकी निगरानी भी जरूरी है, ताकि गणेश उत्सव के दौरान प्रशासन द्वारा तय किए गए नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

स्वच्छता व्यवस्था पर भी दिया जोर

गणेश उत्सव के दौरान शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी संगठन ने प्रशासन और नगर पालिका का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान शहर के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। गणेश पंडालों और धार्मिक स्थलों के आसपास भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

ऐसे में संगठन ने प्रशासन और नगर पालिका से साफ-सफाई, कचरा उठाने, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के लिए नगर पालिका को पहले से तैयारी करनी चाहिए।

धार्मिक आयोजनों के दौरान व्यवस्थाएं बेहतर करने की मांग

राष्ट्रीय सनातन सेना भारत ने प्रशासन से केवल मांस-मटन की दुकानों को बंद कराने की मांग ही नहीं की, बल्कि गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपील भी की है।

संगठन का कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम होने के कारण प्रशासन को भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।

पुष्पेंद्र शर्मा ने कहा कि गणेश उत्सव आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व है। ऐसे अवसर पर प्रशासन को श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं करनी चाहिए।

अब प्रशासन के फैसले पर नजर

गणेश चतुर्थी के 12 दिनों तक मांस-मटन की दुकानों को बंद रखने की मांग को लेकर राष्ट्रीय सनातन सेना भारत ने अपना पक्ष प्रशासन के सामने रख दिया है। अब निगाहें प्रशासन के रुख और संभावित आदेश पर टिकी हैं।

यदि प्रशासन इस मांग पर कोई निर्णय लेता है तो उसका असर शहर की मांस-मटन दुकानों के संचालन पर पड़ेगा। वहीं प्रशासन द्वारा धार्मिक आयोजन, सार्वजनिक व्यवस्था, स्वच्छता और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाने की संभावना है।

फिलहाल संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बाद गणेश उत्सव को लेकर शहर में व्यवस्थाओं का मुद्दा चर्चा में आ गया है। राष्ट्रीय सनातन सेना भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी मांग धार्मिक आस्था, स्वच्छता और सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान को ध्यान में रखकर की गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या निर्णय लेता है और गणेश उत्सव के दौरान शहर में किस तरह की व्यवस्थाएं लागू की जाती हैं।
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