खुशबू शर्मा खबर शिवपुरी:इंदार थाना क्षेत्र के बिजरौनी गांव के पास सिंध नदी में मंगलवार दोपहर डूबे 14 वर्षीय सौरभ कुशवाह की तलाश आखिरकार करीब 18 घंटे बाद बुधवार सुबह पूरी हुई। सुबह करीब 8 बजे घटनास्थल से लगभग आधा किलोमीटर दूर नदी में सौरभ का शव उतराता दिखाई दिया। शव मिलने की खबर जैसे ही परिजनों और ग्रामीणों तक पहुंची, मौके पर चीख-पुकार मच गई। बेटे का शव देखते ही मां और परिजन बदहवास हो गए। जिस नदी के किनारे परिवार ऋषिपंचमी पर पूजा और स्नान के लिए पहुंचा था, वहीं कुछ घंटों बाद मातम का माहौल बन गया।
मां के साथ पूजा करने पहुंचा था सौरभ
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को ऋषिपंचमी के अवसर पर बिजरौनी गांव की कुछ महिलाएं सिंध नदी के किनारे पूजा-पाठ और स्नान करने के लिए पहुंची थीं। महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी नदी किनारे गए थे। 14 वर्षीय सौरभ कुशवाह भी अपनी मां के साथ वहां पहुंचा था।
बताया गया है कि महिलाएं नदी किनारे पूजा-अर्चना में व्यस्त थीं। इसी दौरान सौरभ नहाने के लिए नदी के पानी में उतर गया। शुरुआत में वह सामान्य रूप से नहा रहा था, लेकिन अचानक वह नदी के गहरे हिस्से में चला गया। देखते ही देखते वह पानी में डूब गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण उसका पता नहीं चल सका।
सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही इंदार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीईआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मंगलवार दोपहर से ही सिंध नदी में सौरभ की तलाश शुरू कर दी थी।
रेस्क्यू टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की। गोताखोरों और बचाव दल ने संभावित स्थानों पर सौरभ को खोजने का प्रयास किया। परिजनों की निगाहें भी लगातार नदी की ओर लगी रहीं। हर बार जब नदी में कोई हलचल दिखाई देती, परिजनों को उम्मीद होती कि शायद सौरभ मिल गया हो, लेकिन घंटों की तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिली।
शाम होते-होते अंधेरा बढ़ गया। नदी में रेस्क्यू अभियान चलाना मुश्किल होने के कारण मंगलवार देर शाम तलाश अभियान रोकना पड़ा। इसके बाद परिजन पूरी रात बेचैनी में रहे।
सुबह 4 बजे फिर नदी पर पहुंचे परिजन और ग्रामीण
सौरभ के परिजनों के लिए रात काटना बेहद मुश्किल रहा। बुधवार सुबह करीब 4 बजे परिजन और ग्रामीण दोबारा सिंध नदी के किनारे पहुंच गए। रेस्क्यू टीम के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर नदी में तलाश शुरू कर दी।
सुबह का उजाला होने के बाद नदी के आसपास के हिस्सों में नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान करीब 8 बजे घटनास्थल से लगभग आधा किलोमीटर दूर नदी में एक शव उतराता दिखाई दिया। ग्रामीणों ने जब करीब जाकर देखा तो शव सौरभ का था।
शव मिलने की खबर गांव में पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां अपने बेटे के शव को देखकर बेसुध हो गई। ग्रामीणों ने किसी तरह परिजनों को संभाला। जिस सौरभ को परिवार मंगलवार को पूजा के लिए लेकर आया था, बुधवार सुबह वही परिवार उसके शव को लेकर घर लौटने की तैयारी कर रहा था।
आधा किलोमीटर बहकर पहुंचा शव
सौरभ के नदी में डूबने के बाद करीब 18 घंटे तक उसकी तलाश की गई। बुधवार सुबह उसका शव घटनास्थल से लगभग आधा किलोमीटर दूर मिला। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि नदी के बहाव के साथ शव बहकर उस स्थान तक पहुंचा होगा। हालांकि शव किस तरह और कितनी दूरी तक बहा, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों ने उठाए अवैध रेत खनन पर सवाल
सौरभ की मौत के बाद ग्रामीणों में सिंध नदी में कथित अवैध रेत खनन को लेकर नाराजगी भी सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से रेत निकालने के दौरान कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने के बाद उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे आने वाले लोग सामान्य पानी समझकर आगे बढ़ जाते हैं और अचानक गहरे गड्ढे में चले जाते हैं। ऐसे स्थानों पर नहाने वालों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने नदी में बने ऐसे गड्ढों की जांच कराने और अवैध रेत खनन पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
हालांकि, अवैध रेत खनन और सौरभ के डूबने के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों के आरोपों की प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक परिवार का उजड़ गया सहारा
सौरभ की मौत ने पूरे बिजरौनी गांव को झकझोर दिया है। ऋषिपंचमी के दिन जहां गांव की महिलाएं पूजा और स्नान के लिए सिंध नदी पहुंची थीं, वहीं एक परिवार ने अपना 14 वर्षीय बेटा खो दिया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस ने शव बरामद कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम सहित आगे की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सौरभ की मौत ने नदी में सुरक्षा व्यवस्था, गहरे पानी वाले स्थानों की पहचान और कथित अवैध रेत खनन जैसे सवालों को एक बार फिर सामने ला दिया है।